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हाथरस : कृषि अधिकारियों ने किया खाद की दुकानों का निरीक्षण
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उर्वरक खाद की दुकानों का निरीक्षण करते जिला कृषि अधिकारी।
- फोटो : SADABAD
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संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद।
डीएपी खाद एवं उर्वरकों की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए जिलाधिकारी रमेश रंजन के निर्देशन में जिला कृषि अधिकारी आरके सिंह और अपर जिला कृषि अधिकारी ने बृहस्पतिवार को सादाबाद, कुरसंडा और मई में उर्वरक की दुकानों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने उर्वरक की दुकानों की जांच कर कृषकों को खाद का वितरण कराया।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि इस माह 12789 मीट्रिक टन फॉस्फेटिक उर्वरक की आपूूर्ति हो चुकी है। माह अक्तूबर में आज तक 10366 मीट्रिक टन खाद का वितरण हो चुका है। जिले में 2426 मीट्रिक टन फॉस्फेटिक खाद की उपलब्धता है। जिले में आगरा से 510 मीट्रिक टन एनपीके प्राप्त हो चुकी है।
आगरा रैक प्वाइंट से मोजेक डीएपी 700.00 मीट्रिक टन की आपूर्ति 29 अक्तूबर तक होगी। 2000 मीट्रिक टन फॉस्फेटिक उर्वरक की 31 अक्तूबर तक आपूर्ति होने की योजना है। सहकारी समितियों के लिए 2750 मीट्रिक टन इफ्को डीएपी की आपूर्ति करने के लिए अपर मुख्य सचिव (कृषि) को पत्र लिखा गया है।
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आलू के लिए प्रति बीघा चार बोरे डीएपी की जरूरत
जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से अपील की है कि उर्वरक का क्रय आवश्यकतानुसार ही करें और उर्वरक लेने जाते समय खतौनी आधार कार्ड अवश्य लेकर जाएं। आलू के लिए वैज्ञानिक संतुष्टि के अनुसार एनपीके उर्वरक के पांच बोरे एवं डीएपी खाद के चार बोरों की आवश्यकता होती है।
एनपीके 20 किलोग्राम प्रति बीघा एवं डीएपी 14 किलोग्राम प्रति बीघा की आवश्यकता है। अधिक उर्वरक डालने पर जमीन में पड़ा रह जाता है, जो फसल के लिए उपयोगी नहीं है और लागत भी अधिक आती है।
कालाबाजारी रोकने के लिए नोडल अधिकारी नामित
जिला कृषि अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि जिले के उर्वरक बिक्री केंद्रों पर खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए उर्वरक बिक्री केंद्रवार कृषि विभाग के कर्मचारी नामित किए गए हैं।
तहसीलवार नोडल अधिकारी, सादाबाद के लिए जिला कृषि रक्षा अधिकारी, हाथरस तहसील के लिए जिला कृषि अधिकारी, सासनी तहसील के लिए उप कृषि निदेशक, सिकंदराराऊ तहसील के लिए भूमि संरक्षण अधिकारी नामित किए गए हैं। संवाद
कंट्रोल रूम किया स्थापित
जिला कृषि अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। इसमें हेल्पलाइन नंबर 9412329404, 9410290381 क्रियाशील हैं। डीएपी खाद एवं उर्वरकों का वितरण एवं डीएपी खाद एवं उर्वरक संबंधी किसी भी सूचना अथवा अवैध गतिविधियों की दिए गए हेल्पलाइन नंबरों पर शिकायत दर्ज करा सकते है।
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डीएपी खाद एवं उर्वरकों की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए जिलाधिकारी रमेश रंजन के निर्देशन में जिला कृषि अधिकारी आरके सिंह और अपर जिला कृषि अधिकारी ने बृहस्पतिवार को सादाबाद, कुरसंडा और मई में उर्वरक की दुकानों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने उर्वरक की दुकानों की जांच कर कृषकों को खाद का वितरण कराया।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि इस माह 12789 मीट्रिक टन फॉस्फेटिक उर्वरक की आपूूर्ति हो चुकी है। माह अक्तूबर में आज तक 10366 मीट्रिक टन खाद का वितरण हो चुका है। जिले में 2426 मीट्रिक टन फॉस्फेटिक खाद की उपलब्धता है। जिले में आगरा से 510 मीट्रिक टन एनपीके प्राप्त हो चुकी है।
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आगरा रैक प्वाइंट से मोजेक डीएपी 700.00 मीट्रिक टन की आपूर्ति 29 अक्तूबर तक होगी। 2000 मीट्रिक टन फॉस्फेटिक उर्वरक की 31 अक्तूबर तक आपूर्ति होने की योजना है। सहकारी समितियों के लिए 2750 मीट्रिक टन इफ्को डीएपी की आपूर्ति करने के लिए अपर मुख्य सचिव (कृषि) को पत्र लिखा गया है।
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आलू के लिए प्रति बीघा चार बोरे डीएपी की जरूरत
जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से अपील की है कि उर्वरक का क्रय आवश्यकतानुसार ही करें और उर्वरक लेने जाते समय खतौनी आधार कार्ड अवश्य लेकर जाएं। आलू के लिए वैज्ञानिक संतुष्टि के अनुसार एनपीके उर्वरक के पांच बोरे एवं डीएपी खाद के चार बोरों की आवश्यकता होती है।
एनपीके 20 किलोग्राम प्रति बीघा एवं डीएपी 14 किलोग्राम प्रति बीघा की आवश्यकता है। अधिक उर्वरक डालने पर जमीन में पड़ा रह जाता है, जो फसल के लिए उपयोगी नहीं है और लागत भी अधिक आती है।
कालाबाजारी रोकने के लिए नोडल अधिकारी नामित
जिला कृषि अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि जिले के उर्वरक बिक्री केंद्रों पर खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए उर्वरक बिक्री केंद्रवार कृषि विभाग के कर्मचारी नामित किए गए हैं।
तहसीलवार नोडल अधिकारी, सादाबाद के लिए जिला कृषि रक्षा अधिकारी, हाथरस तहसील के लिए जिला कृषि अधिकारी, सासनी तहसील के लिए उप कृषि निदेशक, सिकंदराराऊ तहसील के लिए भूमि संरक्षण अधिकारी नामित किए गए हैं। संवाद
कंट्रोल रूम किया स्थापित
जिला कृषि अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। इसमें हेल्पलाइन नंबर 9412329404, 9410290381 क्रियाशील हैं। डीएपी खाद एवं उर्वरकों का वितरण एवं डीएपी खाद एवं उर्वरक संबंधी किसी भी सूचना अथवा अवैध गतिविधियों की दिए गए हेल्पलाइन नंबरों पर शिकायत दर्ज करा सकते है।