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हाथरस: दो साल बाद ओंकार को मिला अपना परिवार, आश्रम से पहुंचे घर
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
अपना घर आश्रम में ओंकार सिंह पिछले दो साल से रहे थे। आश्रम के पदाधिकारियों को जब मिले थे, तब वह मानसिक रूप से अस्वस्थ और परेशान थे। आश्रम में उनका उपचार किया गया। दो साल बाद वह अपने परिवार और निवास स्थान को बताने में सक्षम हुए। आश्रम के वित्त सचिव अनिल कुमार ने जब उनसे पूछताछ की तो उनके निवास का पता लगा।
उन्होंने बताया कि वह जिला बरेली गांव बस्तीपुर के रहने वाले हैं। आश्रम की ओर से उनके पते पर रजिस्टर्ड डाक भेजी गई। सोमवार को उनका बेटा और उनका परिवार उनसे मिलने आया। उनको परिवार के साथ भेज दिया गया। इस मौके पर आश्रम के अध्यक्ष ओम प्रकाश गुप्ता, सचिव चमनेश राजपूत,चंद्रगुप्त विक्रमादित्य आदि थे। संवाद
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अपना घर आश्रम में ओंकार सिंह पिछले दो साल से रहे थे। आश्रम के पदाधिकारियों को जब मिले थे, तब वह मानसिक रूप से अस्वस्थ और परेशान थे। आश्रम में उनका उपचार किया गया। दो साल बाद वह अपने परिवार और निवास स्थान को बताने में सक्षम हुए। आश्रम के वित्त सचिव अनिल कुमार ने जब उनसे पूछताछ की तो उनके निवास का पता लगा।
उन्होंने बताया कि वह जिला बरेली गांव बस्तीपुर के रहने वाले हैं। आश्रम की ओर से उनके पते पर रजिस्टर्ड डाक भेजी गई। सोमवार को उनका बेटा और उनका परिवार उनसे मिलने आया। उनको परिवार के साथ भेज दिया गया। इस मौके पर आश्रम के अध्यक्ष ओम प्रकाश गुप्ता, सचिव चमनेश राजपूत,चंद्रगुप्त विक्रमादित्य आदि थे। संवाद
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