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हाथरस : खुद टीका लगवाने के बाद दूसरों बच्चों को भी कर रहे प्रेरित
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हाथरस : सीएमओ कार्यालय में किशोरी को टीका लगाती कर्मी। संवाद
- फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बच्चे खुद को कोरोना से बचाव का टीका लगवाकर दूसरे बच्चों को भी इसके लिए प्रेरित कर रहे हैं। जिन्होंने टीका नहीं लगवाया है, उन्हें समझा रहे हैं कि सुई चुभने का पता भी नहीं चलता। टीका पूरी तरह से सुरक्षित है और इसे सभी को लगवाना चाहिए।
शुक्रवार को भी मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) कार्यालय परिसर स्थित नगरीय स्वास्थ्य इकाई पर कोरोना का टीका लगवाने के लिए 12 से 14 आयु वर्ग के बच्चे आए। बच्चों के साथ आए उनके अभिभावक उनका हौसला बढ़ाते हुए दिखे, क्योंकि इंजेक्शन को लेकर यह बच्चे डर महसूस कर रहे थे, लेकिन टीका लगते ही उनका डर दूर हो गया। बच्चे यह कहते हुए दिखे कि टीका लगने पर उन्हें दर्द ही नहीं हुआ। संवाद
कोरोना से बचाव के टीके की खुराक मैने तो ले ली है। अब सभी से अनुरोध है कि वह भी टीका लगवा लें, ताकि खुद भी सुरक्षित हों और परिवार भी सुरक्षित रहे।
-आदित्य सिंह, छात्र लॉर्ड कृष्णा स्कूल।
मुझे कोरोना से बचाव का टीका लगने से पहले थोड़ा डर जरूर लगा था, लेकिन सुई कब लग गई, पता ही नहीं चला। मेरे परिवार में सभी सदस्य टीका लगवा चुके हैं।
-उत्सव पचौरी, छात्र सेंट फ्रांसिस स्कूल।
हमने तो पहले ही कोरोना रोधी टीका लगवा लिया था। अब अपने बेटे को भी टीके की पहली खुराक लगवाई है। इसे लेकर हमें गंभीर होना होगा। तभी हम कोरोना से लड़ाई लड़ सकेंगे।
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-डॉ. शामिनी शर्मा, शिक्षिका आरडी गर्ल्स कॉलेज।
मैं खुद अपने बेटे को कोरोना रोधी टीका लगवाने के लिए आया हूं। इसे लेकर कुछ लोगों में जो भ्रांतियां हैं, वह गलत हैं। कोरोना रोधी टीके से तो हम, हमारा परिवार और समाज के लोग सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
-सुधीर कुमार एडवोकेट, अभिभावक।
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बच्चे खुद को कोरोना से बचाव का टीका लगवाकर दूसरे बच्चों को भी इसके लिए प्रेरित कर रहे हैं। जिन्होंने टीका नहीं लगवाया है, उन्हें समझा रहे हैं कि सुई चुभने का पता भी नहीं चलता। टीका पूरी तरह से सुरक्षित है और इसे सभी को लगवाना चाहिए।
शुक्रवार को भी मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) कार्यालय परिसर स्थित नगरीय स्वास्थ्य इकाई पर कोरोना का टीका लगवाने के लिए 12 से 14 आयु वर्ग के बच्चे आए। बच्चों के साथ आए उनके अभिभावक उनका हौसला बढ़ाते हुए दिखे, क्योंकि इंजेक्शन को लेकर यह बच्चे डर महसूस कर रहे थे, लेकिन टीका लगते ही उनका डर दूर हो गया। बच्चे यह कहते हुए दिखे कि टीका लगने पर उन्हें दर्द ही नहीं हुआ। संवाद
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कोरोना से बचाव के टीके की खुराक मैने तो ले ली है। अब सभी से अनुरोध है कि वह भी टीका लगवा लें, ताकि खुद भी सुरक्षित हों और परिवार भी सुरक्षित रहे।
-आदित्य सिंह, छात्र लॉर्ड कृष्णा स्कूल।
मुझे कोरोना से बचाव का टीका लगने से पहले थोड़ा डर जरूर लगा था, लेकिन सुई कब लग गई, पता ही नहीं चला। मेरे परिवार में सभी सदस्य टीका लगवा चुके हैं।
-उत्सव पचौरी, छात्र सेंट फ्रांसिस स्कूल।
हमने तो पहले ही कोरोना रोधी टीका लगवा लिया था। अब अपने बेटे को भी टीके की पहली खुराक लगवाई है। इसे लेकर हमें गंभीर होना होगा। तभी हम कोरोना से लड़ाई लड़ सकेंगे।
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-डॉ. शामिनी शर्मा, शिक्षिका आरडी गर्ल्स कॉलेज।
मैं खुद अपने बेटे को कोरोना रोधी टीका लगवाने के लिए आया हूं। इसे लेकर कुछ लोगों में जो भ्रांतियां हैं, वह गलत हैं। कोरोना रोधी टीके से तो हम, हमारा परिवार और समाज के लोग सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
-सुधीर कुमार एडवोकेट, अभिभावक।