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हाथरस हादसा: बाबा के पांव छूने की होड़ ने लगा दिया मौत का अंबार, लाश देखकर दहल गए दिल; हादसे के तीन अहम कारण

Tue, 02 Jul 2024 10:30 PM IST
Vikas Kumar पुनीत शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़
पुनीत शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 02 Jul 2024 10:30 PM IST
सार

करीब जाने के लिए धक्का मुक्की करने लगे। इन लोगों को सेवादारों ने डंडा दिखाकर रोकना चाहा जिससे भगदड़ मच गई। हाईवे किनारे बने गड्ढे में लोग गिरते चले गए। क्योंकि बरसात के कारण फिसलन हो रही थी लिहाजा एक के बाद एक लोग गड्ढे में गिर गए।

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Hathras accident happened due to stampede to touch the feet of Baba Sakar Hari
हाथरस हादसे की तीन मुख्य वजह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भक्ति कहें या अंधभक्ति। पांव छूने की होड़ ने मौत का प्रहसन रच डाला। एक तरफ बाबा के पांव छू लेने की होड़ थी, दूसरी तरफ सेवादारों की बंदिशें। लोग उनकी बंदिशें तोड़कर भागे और मौत की सरहद में जा धंसे। कोई धक्के से गिरा तो कोई फिसलकर। किसी का सीना कुचला तो किसी का सिर। उमस पहले से सांसों पर भारी थी। अस्पतालों में भर्ती लोगों से जब बात की गई तो उनका कहना था कि भीड़ के बीच सांस लेना तक मुश्किल हो रहा था। इसी दौरान भगदड़ मच गई। 

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दोपहर को दो बजे सत्संग समाप्त होने के बाद भीड़ हाईवे किनारे खड़ी बसों की तरफ बढ़ रही थी। इस भीड़ में राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश की महिलाएं, पुरुष और बच्चे थे। जब भीड़ हाईवे की तरफ पहुंची तो सत्संग स्थल से हाईवे को जाने वाला रास्ता बंद होने लगा। इसी दौरान आयोजकों ने माइक ने घोषणा शुरू की। सेवादारों को निर्देश दिए जा रहे थे कि वह भीड़ को रोककर बाबा के काफिले को गुजारने का रास्ता बनाएं। बस फिर क्या था 250 सेवादारों का जत्था भीड़ को रोककर खड़ा हो गया। भीड़ में सबसे आगे महिलाएं बताई जा रही हैं

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प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ लोग सेवादारों से कह रहे थे कि उन्हें जाने दो भीड़ में दिक्कत हो रही है। लेकिन सेवादारों ने उनकी एक न सुनी। बार-बार कहते रहे कि पहले बाबा गुजरेंगे उसके बाद लोग। अभी सेवादार भीड़ को हिदायत दे ही रहे थे कि बाबा का काफिला यहां से गुजरने लगा। बस फिर क्या था बाबा के करीब पहुंचने की होड़ सी मच गई। बाबा की गाड़ी को स्पर्श करने के लिए भी लोग भीड़ को चीरकर आगे बढ़ रहे थे। 

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करीब जाने के लिए धक्का मुक्की करने लगे। इन लोगों को सेवादारों ने डंडा दिखाकर रोकना चाहा जिससे भगदड़ मच गई। हाईवे किनारे बने गड्ढे में लोग गिरते चले गए। क्योंकि बरसात के कारण फिसलन हो रही थी लिहाजा एक के बाद एक लोग गड्ढे में गिर गए।

लोग मरते गए बाबा के कारिंदे गाड़ियों से भागते रहे
भगदड़ के दौरान लोग मरते रहे और बाबा के कारिंदे गाड़ियों से भागते रहे। किसी ने भी रुककर हालात को जानने की कोशिश नहीं की। बताया जा रहा है कि यहां से बाबा का काफिला एटा की तरफ रवाना हु्आ था। बाबा के काफिले में 10 लग्जरी गाड़ियां थीं। उनका सुरक्षा दस्ता भी तीन गाड़ियों में था। घटना के बाद जब आयोजकों ने उन्हें फोन करने की कोशिश की तो किसी का भी फोन रिसीव नहीं हुआ। बाद में तो खुद बाबा का मोबाइल भी स्विच ऑफ हो गया था। जब बाबा का फोन स्विच ऑफ हुआ तो जो स्थानीय लोग आयोजन से जुड़े हुए थे वह भी मौका देखकर भाग निकले।

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