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हाथरस : इमरजेंसी वार्ड में अनाधिकृत रूप से काम करती मिली युवती
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में अनाधिकृत रूप से मरीजों के इंजेक्शन लगा रही युवती को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) ने जमकर फटकार लगाई। इमरजेंसी वार्ड में तैैनात स्टाफ को भी उन्होंने चेतावनी दी। युवती का नाम-पता दर्ज करने के बाद उसे वहां से जाने दिया गया।
जिले में कई नर्सिंग कॉलेज हैं। इनमें पढ़ने वाले युवक-युवती जिला अस्पताल के स्टाफ से सेटिंग करके यहां पर प्रेक्टिस करने आ जाते हैं। इनके आ जाने से अस्पताल में नियुक्ति स्टाफ के लोग अपने आपको फ्री महसूस करते हैं, लेकिन बाहरी व्यक्ति द्वारा इमरजेंसी वार्ड में किसी भी मरीज का उपचार करना सही नहीं है। यह तो सीधे तौर पर मरीज के स्वास्थ्य से खिलवाड़ ही है।
ऐसा ही नजारा शनिवार की सुबह जिला अस्पताल के सीएमएस को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में देखने को मिला। यहां एक युवती एप्रिन पहने हुए मरीजों को इंजेक्शन दे रही थी। इस बीच वहां पर आए सीएमएस से उससे मास्क उतारने को कहा तो उसके होश उड़ गए, क्योंकि युवती अनाधिकृत तरीके से वहां पर काम कर रही थी। इस बात को लेकर सीएमएस ने नाराजगी व्यक्त की। वहां पर तैनात डॉक्टर, फार्मासिस्ट व नर्सिंग स्टाफ को हिदायत दी की कि अगर आगे ऐसा होते हुए पाया गया तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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इस तरह से इमरजेंसी वार्ड या फिर अस्पताल में कोई भी काम नहीं कर सकता है। अनाधिकृत तरीके से इमरजेंसी में आकर प्रैक्टिस करने आने वाले बाहरी लोगों पर नजर रखी जा रही है। इसके अलावा अस्पताल के स्टाफ को भी ऐसे लोगों पर नजर रखने को कहा गया है, ताकि ऐसे लोगों पर अंकुश लग सके और मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न हो।
-डॉ. आईवी सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल।
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जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में अनाधिकृत रूप से मरीजों के इंजेक्शन लगा रही युवती को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) ने जमकर फटकार लगाई। इमरजेंसी वार्ड में तैैनात स्टाफ को भी उन्होंने चेतावनी दी। युवती का नाम-पता दर्ज करने के बाद उसे वहां से जाने दिया गया।
जिले में कई नर्सिंग कॉलेज हैं। इनमें पढ़ने वाले युवक-युवती जिला अस्पताल के स्टाफ से सेटिंग करके यहां पर प्रेक्टिस करने आ जाते हैं। इनके आ जाने से अस्पताल में नियुक्ति स्टाफ के लोग अपने आपको फ्री महसूस करते हैं, लेकिन बाहरी व्यक्ति द्वारा इमरजेंसी वार्ड में किसी भी मरीज का उपचार करना सही नहीं है। यह तो सीधे तौर पर मरीज के स्वास्थ्य से खिलवाड़ ही है।
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ऐसा ही नजारा शनिवार की सुबह जिला अस्पताल के सीएमएस को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में देखने को मिला। यहां एक युवती एप्रिन पहने हुए मरीजों को इंजेक्शन दे रही थी। इस बीच वहां पर आए सीएमएस से उससे मास्क उतारने को कहा तो उसके होश उड़ गए, क्योंकि युवती अनाधिकृत तरीके से वहां पर काम कर रही थी। इस बात को लेकर सीएमएस ने नाराजगी व्यक्त की। वहां पर तैनात डॉक्टर, फार्मासिस्ट व नर्सिंग स्टाफ को हिदायत दी की कि अगर आगे ऐसा होते हुए पाया गया तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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इस तरह से इमरजेंसी वार्ड या फिर अस्पताल में कोई भी काम नहीं कर सकता है। अनाधिकृत तरीके से इमरजेंसी में आकर प्रैक्टिस करने आने वाले बाहरी लोगों पर नजर रखी जा रही है। इसके अलावा अस्पताल के स्टाफ को भी ऐसे लोगों पर नजर रखने को कहा गया है, ताकि ऐसे लोगों पर अंकुश लग सके और मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न हो।
-डॉ. आईवी सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल।