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हाथरस : 73 फीसदी वाले का चयन, 83 फीसदी वाले मेरिट से बाहर
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले की 64 ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायकों के रिक्त पदों पर मिले आवेदन के प्रस्तावों में कई खामियां सामने आ रही हैं। ग्राम पंचायतों से प्राप्त प्रस्तावों के साथ मिले आवेदनों की जांच के दौरान ग्राम पंचायतों की ओर से तैयार की गई वरीयता सूची (मेरिट) में 73 फीसदी वाले का चयन कर लिया गया है और 83 फीसदी वाले को इस सूची अंतिम पायदान पर रख दिया गया है। खामियां मिलने के बाद अब इन ग्राम पंचायतों की मेरिट दोबारा तैयार कराई जा रही है।
शासन के निर्देश पर जिले की 64 ग्राम पंचायतों में रिक्त पदों पर पंचायत सहायकों की तैनाती की गई है। इन पदों के सापेक्ष शासन स्तर से अनुमति के बाद पंचायतराज विभाग की ओर से भर्ती की प्रक्रिया को शुरू किया गया। इन पदों के लिए ग्राम पंचायत, ब्लॉक व जिला मुख्यालय स्तर पर आवेदन लिए गए। इसके बाद इन आवेदनों को एकत्रित कर ग्राम पंचायतों पर प्रस्ताव कर भेजने के निर्देश जारी किए गए हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर ही मेरिट तैयार कर ब्योरा मांगा गया है।
जिले की 60 ग्राम पंचायतों ने अपने प्रस्तावों को तैयार कर विभाग को ब्योरा उपलब्ध कराया है। चार ग्राम पंचायतों में प्रस्ताव न होने की रिपोर्ट मिली है। जिला पंचायतराज अधिकारी (डीपीआरओ) सुबोध जोशी ने बताया कि इन आवेदनों के अभिलेखों की जांच शुरू की गई है। जांच में पता चला है कि ग्राम पंचायतों से प्राप्त प्रस्तावों में कई खामियां हैं। ग्राम पंचायतों की ओर से अंकों को औसतन मूल्यांकन सही तरीके से नहीं किया गया है। यहां तक कि 73 फीसदी वाले का चयन कर दिया गया है और 83 फीसदी वाले मेरिट में आखिरी पायदान पर डाल दिया गया है। अब इस वरीयता सूची को सही कराया जा रहा है। संवाद
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जिले की 64 ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायकों के रिक्त पदों पर मिले आवेदन के प्रस्तावों में कई खामियां सामने आ रही हैं। ग्राम पंचायतों से प्राप्त प्रस्तावों के साथ मिले आवेदनों की जांच के दौरान ग्राम पंचायतों की ओर से तैयार की गई वरीयता सूची (मेरिट) में 73 फीसदी वाले का चयन कर लिया गया है और 83 फीसदी वाले को इस सूची अंतिम पायदान पर रख दिया गया है। खामियां मिलने के बाद अब इन ग्राम पंचायतों की मेरिट दोबारा तैयार कराई जा रही है।
शासन के निर्देश पर जिले की 64 ग्राम पंचायतों में रिक्त पदों पर पंचायत सहायकों की तैनाती की गई है। इन पदों के सापेक्ष शासन स्तर से अनुमति के बाद पंचायतराज विभाग की ओर से भर्ती की प्रक्रिया को शुरू किया गया। इन पदों के लिए ग्राम पंचायत, ब्लॉक व जिला मुख्यालय स्तर पर आवेदन लिए गए। इसके बाद इन आवेदनों को एकत्रित कर ग्राम पंचायतों पर प्रस्ताव कर भेजने के निर्देश जारी किए गए हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर ही मेरिट तैयार कर ब्योरा मांगा गया है।
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जिले की 60 ग्राम पंचायतों ने अपने प्रस्तावों को तैयार कर विभाग को ब्योरा उपलब्ध कराया है। चार ग्राम पंचायतों में प्रस्ताव न होने की रिपोर्ट मिली है। जिला पंचायतराज अधिकारी (डीपीआरओ) सुबोध जोशी ने बताया कि इन आवेदनों के अभिलेखों की जांच शुरू की गई है। जांच में पता चला है कि ग्राम पंचायतों से प्राप्त प्रस्तावों में कई खामियां हैं। ग्राम पंचायतों की ओर से अंकों को औसतन मूल्यांकन सही तरीके से नहीं किया गया है। यहां तक कि 73 फीसदी वाले का चयन कर दिया गया है और 83 फीसदी वाले मेरिट में आखिरी पायदान पर डाल दिया गया है। अब इस वरीयता सूची को सही कराया जा रहा है। संवाद
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