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हाथरस : 60 हजार कुंतल गेहूं उठे, तब हो क्रय केंद्रों पर जगह
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हाथरस : मंडी समिति स्थित क्रय केंद्र पर होती गेहूं की तोलाई।
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
यदि एक-दो दिन में गेहूं उठान का टेंडर नहीं हुआ तो जिले में गेहूं खरीद प्रभावित हो सकती है। जिले में पीसीएफ के 47 क्रय केंद्रों पर करीब 60 हजार कुंतल गेहूं रखा हुआ है। इस कारण केंद्रों पर जगह की कमी हो गई है। गेहूं का उठान न होने से केंद्र प्रभारी खासे परेशान हैं।
उल्लेखनीय है कि जिले में एक अप्रैल से 53 क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद की शुरुआत हुई है। अब तक सभी केंद्रों पर करीब 80 हजार कुंतल से अधिक गेहूं की खरीद हो चुकी है। क्रय केंद्रों से गेहूं को भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदामों तक पहुंचाने के लिए दो ठेकेदारों का चयन किया जाता है। इसमें एक माल ढुलाई और दूसरा परिवहन ठेकेदार होता है।
हर बार स्थानीय ठेकेदार कार्य करते थे। इस बार ठेकेदारों का चयन टेंडर प्रक्रिया के तहत हो रहा है। अभी तक परिवहन ठेकेदार का चयन नहीं हुआ है। इस कारण जिले में पीसीएफ के 47 क्रय केंद्रों पर करीब 60 हजार कुंतल गेहूं रखा हुआ है।
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गेहूं न उठने से केंद्र प्रभारी खासे परेशान हैं। यदि ठेकेदार का चयन जल्दी न हुआ तो जिले में गेहूं खरीद प्रभावित हो सकती है।
इस डिप्टी आरएमओ राजेश कुमार का कहना है कि पीसीएफ के 47 क्रय केंद्रों पर करीब 60 हजार कुंतल गेहूं रखा हुआ है। इसके लिए एक-दो दिन में में परिवहन ठेकेदार का चयन होगा। गेहूं को जल्द एफसीआई के गोदामों तक पहुंचाया जाएगा।
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यदि एक-दो दिन में गेहूं उठान का टेंडर नहीं हुआ तो जिले में गेहूं खरीद प्रभावित हो सकती है। जिले में पीसीएफ के 47 क्रय केंद्रों पर करीब 60 हजार कुंतल गेहूं रखा हुआ है। इस कारण केंद्रों पर जगह की कमी हो गई है। गेहूं का उठान न होने से केंद्र प्रभारी खासे परेशान हैं।
उल्लेखनीय है कि जिले में एक अप्रैल से 53 क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद की शुरुआत हुई है। अब तक सभी केंद्रों पर करीब 80 हजार कुंतल से अधिक गेहूं की खरीद हो चुकी है। क्रय केंद्रों से गेहूं को भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदामों तक पहुंचाने के लिए दो ठेकेदारों का चयन किया जाता है। इसमें एक माल ढुलाई और दूसरा परिवहन ठेकेदार होता है।
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हर बार स्थानीय ठेकेदार कार्य करते थे। इस बार ठेकेदारों का चयन टेंडर प्रक्रिया के तहत हो रहा है। अभी तक परिवहन ठेकेदार का चयन नहीं हुआ है। इस कारण जिले में पीसीएफ के 47 क्रय केंद्रों पर करीब 60 हजार कुंतल गेहूं रखा हुआ है।
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गेहूं न उठने से केंद्र प्रभारी खासे परेशान हैं। यदि ठेकेदार का चयन जल्दी न हुआ तो जिले में गेहूं खरीद प्रभावित हो सकती है।
इस डिप्टी आरएमओ राजेश कुमार का कहना है कि पीसीएफ के 47 क्रय केंद्रों पर करीब 60 हजार कुंतल गेहूं रखा हुआ है। इसके लिए एक-दो दिन में में परिवहन ठेकेदार का चयन होगा। गेहूं को जल्द एफसीआई के गोदामों तक पहुंचाया जाएगा।