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हाथरस : जिले में 3500 लोगों को है आशियाना मिलने का इंतजार
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत करीब 3500 लाभार्थी आशियाने की उम्मीद में हैं। ग्राम्य विकास विभाग को अभी तक इस वित्तीय वर्ष में आवास निर्माण का लक्ष्य नहीं मिल सका है। लक्ष्य के आने के बाद इस सूची में लाभार्थियों को आवास निर्माण का लाभ दिया जाएगा।
शासन की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब तबके के बाशिंदों को आशियाना दिए जाने के लिए पीएम आवास योजना ग्रामीण के तहत तीन किस्तों में अनुदान राशि मुहैया कराई जाती है। इस धनराशि से गरीबों को अपनी भूमि पर आवास निर्माण करना होता है। वहीं इन आवासों में शौचालय निर्माण के लिए धनराशि स्वच्छ भारत मिशन से दी जाती है। ग्राम्य विकास विभाग की ओर से पीएम आवास योजना ग्रामीण के तहत आवास प्लस के जरिये ग्रामीणों के आवास बनाने के लिए आवेदन लिए गए थे।
इन आवेदनों की जांच ब्लॉक के माध्यम से कराकर एक पात्रता सूची तैयार क गई। इस सूची में से प्रत्येक वित्तीय वर्ष में प्राप्त लक्ष्य के सापेक्ष लाभार्थियों को आवास योजना का लाभ दिया जाता है। इसी क्रम में यहां जिले के करीब 3500 लाभार्थी अभी आवास पाने की लाइन में लगे हुए हैं। इस वित्तीय वर्ष में अभी तक शासन की ओर से लक्ष्य का आवंटन नहीं किया गया है, जिससे कि कुछ लाभार्थियों को संतृप्त किया जा सके। पीडी राजेश कुरील ने बताया कि जल्द ही शासन स्तर से आवास योजना के तहत लक्ष्य आवंटित किया जाएगा। इसके बाद निर्धारित मानकों पर योजना का लाभ मुहैया कराया जाएगा। संवाद
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प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत करीब 3500 लाभार्थी आशियाने की उम्मीद में हैं। ग्राम्य विकास विभाग को अभी तक इस वित्तीय वर्ष में आवास निर्माण का लक्ष्य नहीं मिल सका है। लक्ष्य के आने के बाद इस सूची में लाभार्थियों को आवास निर्माण का लाभ दिया जाएगा।
शासन की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब तबके के बाशिंदों को आशियाना दिए जाने के लिए पीएम आवास योजना ग्रामीण के तहत तीन किस्तों में अनुदान राशि मुहैया कराई जाती है। इस धनराशि से गरीबों को अपनी भूमि पर आवास निर्माण करना होता है। वहीं इन आवासों में शौचालय निर्माण के लिए धनराशि स्वच्छ भारत मिशन से दी जाती है। ग्राम्य विकास विभाग की ओर से पीएम आवास योजना ग्रामीण के तहत आवास प्लस के जरिये ग्रामीणों के आवास बनाने के लिए आवेदन लिए गए थे।
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इन आवेदनों की जांच ब्लॉक के माध्यम से कराकर एक पात्रता सूची तैयार क गई। इस सूची में से प्रत्येक वित्तीय वर्ष में प्राप्त लक्ष्य के सापेक्ष लाभार्थियों को आवास योजना का लाभ दिया जाता है। इसी क्रम में यहां जिले के करीब 3500 लाभार्थी अभी आवास पाने की लाइन में लगे हुए हैं। इस वित्तीय वर्ष में अभी तक शासन की ओर से लक्ष्य का आवंटन नहीं किया गया है, जिससे कि कुछ लाभार्थियों को संतृप्त किया जा सके। पीडी राजेश कुरील ने बताया कि जल्द ही शासन स्तर से आवास योजना के तहत लक्ष्य आवंटित किया जाएगा। इसके बाद निर्धारित मानकों पर योजना का लाभ मुहैया कराया जाएगा। संवाद
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