{"_id":"62643b50ffc7f4675534cbbd","slug":"hathras-192-transformers-lost-due-to-overloading-in-18-days-hathras-news-ali28996575","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : 18 दिन में ओवरलोडिंग की भेंट चढ़े 192 ट्रांसफॉर्मर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : 18 दिन में ओवरलोडिंग की भेंट चढ़े 192 ट्रांसफॉर्मर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गौरव भारद्वाज
हाथरस। जिले में 18 दिन में 192 ट्रांसफॉर्मर ओवरलोडिंग की भेंट चढ़ गए। इसकी वजह से न केवल उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ा, बल्कि विभाग को भी लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। विभागीय अधिकारी इस नुकसान के लिए जिम्मेदार अभियंताओं को चिन्हित कर उनका जवाब मांगने की तैयारी कर रहे हैं। उनसे कहा जा रहा है कि किसी भी सूरत में ओवरलोडिंग को रोककर ट्रांसफॉर्मरों को फुंकने से बचाने के प्रयास करें।
उल्लेखनीय है कि गर्मी का प्रकोप बढ़ते ही बिजली उपकरणों पर ओवरलोडिंग बेकाबू हो गई है। संबंधित उपखंड अधिकारी (एसडीओ) व अवर अभियंता (जेई) को जिम्मेदारी दी गई थी कि वह ओवरलोडिंग को काबू करते हुए ट्रांसफॉर्मरों को फुंकने से बचाएं, लेकिन बड़े अधिकारियों की राय में एसडीओ और जेई ने इन निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया और इसी वजह से एक के बाद एक ट्रांसफॉर्मर फुंकते रहे।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जिले में एक से 18 अप्रैल के बीच अलग-अलग श्रेणी के 192 ट्रांसफॉर्मर फुंक चुके हैं। बिजली कार्यशाला के अधिकारियों का कहना है कि एक ट्रांसफॉर्मर के फुंकने से करीब पांच लाख रुपये का नुकसान होता है। बीते दिनों ऊर्जामंत्री ने भी 100 दिन की कार्य योजना में ट्रांसफार्मरों को फुंकने से बचाने के निर्देश दिए। इसके बावजूद विभागीय अधिकारी उनकी मंशा पर खरे नहीं उतर पाए। संवाद
विज्ञापन
‘सौभाग्य’ योजना के 10 हजार कनेक्शन से बढ़ा भार
उल्लेखनीय है कि जिले में सौभाग्य योजना के तहत करीब 10 हजार कनेक्शनों का पूर्व में वितरण किया गया। इससे उपभोक्ताओं की संख्या में तो इजाफा हो गया, लेकिन संसाधनों में बढ़ोतरी नहीं हुई। इस कारण भी बिजली सिस्टम गर्मियों में ओवर लोड हो गया है। विभागीय अभियंता ट्रांसफॉर्मर फुंकने का एक कारण इसे भी बता रहे हैं। हालांकि अब रिवेम्प स्कीम में होने वाले कामों से ओवरलोडिंग में काफी हद तक कमी आने की उम्मीद है। कार्यशाला के अवर अभियंता आरके सिंह का कहना है कि एक से 18 अप्रैल तक 192 फुंके हुए ट्रांसफॉर्मर आए हैं। इनकी मरम्मत का कार्य जारी है। कार्यशाला में ट्रांसफार्मरों का पर्याप्त भंडार है।
विज्ञापन
हाथरस। जिले में 18 दिन में 192 ट्रांसफॉर्मर ओवरलोडिंग की भेंट चढ़ गए। इसकी वजह से न केवल उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ा, बल्कि विभाग को भी लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। विभागीय अधिकारी इस नुकसान के लिए जिम्मेदार अभियंताओं को चिन्हित कर उनका जवाब मांगने की तैयारी कर रहे हैं। उनसे कहा जा रहा है कि किसी भी सूरत में ओवरलोडिंग को रोककर ट्रांसफॉर्मरों को फुंकने से बचाने के प्रयास करें।
उल्लेखनीय है कि गर्मी का प्रकोप बढ़ते ही बिजली उपकरणों पर ओवरलोडिंग बेकाबू हो गई है। संबंधित उपखंड अधिकारी (एसडीओ) व अवर अभियंता (जेई) को जिम्मेदारी दी गई थी कि वह ओवरलोडिंग को काबू करते हुए ट्रांसफॉर्मरों को फुंकने से बचाएं, लेकिन बड़े अधिकारियों की राय में एसडीओ और जेई ने इन निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया और इसी वजह से एक के बाद एक ट्रांसफॉर्मर फुंकते रहे।
विज्ञापन
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जिले में एक से 18 अप्रैल के बीच अलग-अलग श्रेणी के 192 ट्रांसफॉर्मर फुंक चुके हैं। बिजली कार्यशाला के अधिकारियों का कहना है कि एक ट्रांसफॉर्मर के फुंकने से करीब पांच लाख रुपये का नुकसान होता है। बीते दिनों ऊर्जामंत्री ने भी 100 दिन की कार्य योजना में ट्रांसफार्मरों को फुंकने से बचाने के निर्देश दिए। इसके बावजूद विभागीय अधिकारी उनकी मंशा पर खरे नहीं उतर पाए। संवाद
विज्ञापन
‘सौभाग्य’ योजना के 10 हजार कनेक्शन से बढ़ा भार
उल्लेखनीय है कि जिले में सौभाग्य योजना के तहत करीब 10 हजार कनेक्शनों का पूर्व में वितरण किया गया। इससे उपभोक्ताओं की संख्या में तो इजाफा हो गया, लेकिन संसाधनों में बढ़ोतरी नहीं हुई। इस कारण भी बिजली सिस्टम गर्मियों में ओवर लोड हो गया है। विभागीय अभियंता ट्रांसफॉर्मर फुंकने का एक कारण इसे भी बता रहे हैं। हालांकि अब रिवेम्प स्कीम में होने वाले कामों से ओवरलोडिंग में काफी हद तक कमी आने की उम्मीद है। कार्यशाला के अवर अभियंता आरके सिंह का कहना है कि एक से 18 अप्रैल तक 192 फुंके हुए ट्रांसफॉर्मर आए हैं। इनकी मरम्मत का कार्य जारी है। कार्यशाला में ट्रांसफार्मरों का पर्याप्त भंडार है।