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हाथरस : 100 करोड़ से सुधरेगी जिले की बिजली व्यवस्था
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में बिजली की जर्जर लाइनों के चलते लोग बिजली संकट का सामना कर रहे हैं। अब जिले में 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि से बिजली व्यवस्था में सुधार होगा। रिवेम्प के तहत डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) भेजी जा चुकी है। रिवेंम्प का टेंडर स्थगित हो गया है। री टेंडर प्रक्रिया के साथ कार्य शुरू होने का अधिकारियों को इंतजार है। बिजली ढांचे को मजबूत करने से पहले बिजली चोरी पर अंकुश लगाना अफसरों की प्राथमिकता में शामिल है।
उल्लेखनीय है कि जिले में वर्तमान में दो लाख साठ हजार उपभोक्ताओं को 65 बिजलीघरों से आपूर्ति की जा रही है। इस समय जिले में करीब साढ़े 500 किलोमीटर लाइन जर्जर हालत में है। उपभोक्ताओं की संख्या में इजाफा होने के कारण बिजली सिस्टम भी ओवर लोड हो रहा है। आमजन को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने रिवेंम्प योजना का सहारा लिया है।
इसके तहत होने वाले विद्युत सुधार कार्यों पर साठ प्रतिशत राशि केंद्र सरकार व चालीस प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि करीब 100 करोड़ रुपये से इस योजना के तहत विद्युत सुधार के कार्य कराए जाएंगे। नई लाइनें बनाई जाएंगी। जरूरत के हिसाब से नए उपकेंद्र बनेंगे और ट्रांसफॉर्मरों की क्षमतावृद्धि के साथ जरूरत के हिसाब से नए ट्रांसफॉर्मर भी लगाए जाएंगे। संवाद
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जिले में बिजली की जर्जर लाइनों के चलते लोग बिजली संकट का सामना कर रहे हैं। अब जिले में 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि से बिजली व्यवस्था में सुधार होगा। रिवेम्प के तहत डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) भेजी जा चुकी है। रिवेंम्प का टेंडर स्थगित हो गया है। री टेंडर प्रक्रिया के साथ कार्य शुरू होने का अधिकारियों को इंतजार है। बिजली ढांचे को मजबूत करने से पहले बिजली चोरी पर अंकुश लगाना अफसरों की प्राथमिकता में शामिल है।
उल्लेखनीय है कि जिले में वर्तमान में दो लाख साठ हजार उपभोक्ताओं को 65 बिजलीघरों से आपूर्ति की जा रही है। इस समय जिले में करीब साढ़े 500 किलोमीटर लाइन जर्जर हालत में है। उपभोक्ताओं की संख्या में इजाफा होने के कारण बिजली सिस्टम भी ओवर लोड हो रहा है। आमजन को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने रिवेंम्प योजना का सहारा लिया है।
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इसके तहत होने वाले विद्युत सुधार कार्यों पर साठ प्रतिशत राशि केंद्र सरकार व चालीस प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि करीब 100 करोड़ रुपये से इस योजना के तहत विद्युत सुधार के कार्य कराए जाएंगे। नई लाइनें बनाई जाएंगी। जरूरत के हिसाब से नए उपकेंद्र बनेंगे और ट्रांसफॉर्मरों की क्षमतावृद्धि के साथ जरूरत के हिसाब से नए ट्रांसफॉर्मर भी लगाए जाएंगे। संवाद
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