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हाथरस : छापे में 1,700 प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन के इंजेक्शन बरामद

Fri, 06 May 2022 12:45 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 06 May 2022 12:45 AM IST
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Hathras: 1,700 banned oxytocin injections recovered in raid
हाथरस : परचून की दुकान से प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन के इंजेक्शन बरामद करते सहायक आयुक्त औषधि पूरन चं? - फोटो : SIKANDHRA RAHU
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की बिक्री रोकने के लिए औषधि विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को नगर में कई जगह छापा मारा। इस इंजेक्शन का इस्तेमाल मवेशियों में दूध का प्रवाह बढ़ाने के लिए किया जाता है। वर्तमान में यह इंजेक्शन दवाओं की दुकान के अलावा परचून की दुकानों पर भी बिक रहा है। सहायक आयुक्त औषधि अलीगढ़ पूरनचंद्र और औषधि निरीक्षक दीपक कुमार के नेतृत्व में विभागीय टीम ने बृहस्पतिवार को नगर के मंडी गांधीगंज स्थित एक परचून की दुकान पर छापा मारा। टीम ने यहां 1,700 ऑक्सीटोसिन के इंजेक्शन बरामद किए हैं। दुकानदार के खिलाफ औषधि अधिनियम की धारा के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बता दें कि औषधि विभाग को लंबे समय से परचून की दुकानों पर इंजेक्शन की बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। बृहस्पतिवार को मंडी गांधी में सहायक आयुक्त अलीगढ़ पूरनचंद्र एवं हाथरस औषधि निरीक्षक दीपक कुमार की टीम ने योगेश किराना स्टोर स्वामी योगेश कुमार माहेश्वरी की परचून की दुकान पर छापा मारा। छापे में इस दुकान से 1700 ऑक्सीटोशन के इंजेक्शन बरामद हुए हैं। बरामद इंजेक्शन एक ही बेच नंबर के पाए गए। इनको सील कर दिया गया। इनके नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जाएंगे। दुकानदार के खिलाफ औषधि अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई की भनक लगने पर दूसरे दुकानदार दुकानें बंद करके भाग गए।
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बेहद खतरनाक हैं ऑक्सीटोसिन के प्रभाव
सिकंदराराऊ। मवेशियों में दूध का प्रवाह बढ़ाने के लिए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। चिकित्सकीय शोध में पाया गया कि इससे दुधारू पशुओं को काफी पीड़ा होती है और दूध में भी इंजेक्शन का असर चला जाता है। इस दूध के सेवन से युवकों में नपुंसकता और महिलाओं में गर्भ धारण करने की क्षमता कम हो जाती है। सरकार ने इस पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है। औषधि विक्रेताओं ने जब इसे बेचना बंद कर दिया तो परचून दुकानदारों ने चोरी-छिपे इसकी बिक्री शुरू कर दी। संवाद
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