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हाथरस: सादाबाद में खंभे पर चढ़े विद्युत संविदा कर्मी की झुलसकर हुई मौत, ग्रामीणों ने राया रोड किया जाम, जमकर हंगामा, नारेबाजी
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हाथरस: सादाबाद में बिजली महकमे के खिलाफ नारेबाजी करते ग्रामीण।
- फोटो : SADABAD
खंभे पर काम करते संविदा कर्मी की झुलसकर मौत, ग्रामीणों ने लगाया जाम
जाम की सूचना पर दौड़े प्रशासनिक अफसर, एसडीएम, तहसीलदार की मृतक के परिजनों से बात
दो लाख का दिलाया चैक, जल्द ही बीमा योजना के तहत भी लाभ दिलाए जाने का दिया आश्वासन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)
सादाबाद। सादाबाद थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत कजरौठी के माजरा नगला भूतिया में हाइटेंशन लाइन पर चढ़े एक संविदा कर्मी की करंट आने की वजह से गंभीर रूप से झुलसकर मौत हो गई। गुस्साए लोगों ने गांव कजरौठी के पास राया रोड को जाम कर दिया और बिजली महकमे के खिलाफ जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे तक जाम लगा रहा। मौके पर काफी हंगामा होता रहा। सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस भी मौके पर पहुंच गए और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण घटना के लिए दोषी बिजलीकर्मियों पर कार्रवाई और मृतक के परिजनों को मुआवजा दिए जाने की मांग कर रहे थे।
जानकारी के मुताबिक, गांव कजरौठी निवासी गुड्डू पुत्र बृजमोहन उम्र करीब 38 साल बिजली महकमे में संविदा लाइनमैन के पद पर कार्यरत था। शुक्रवार की दोपहर करीब साढ़े चार बजे वह गांव नगला भूतिया में गांव नगला भूतिया की बिजली को ठीक करने के लिए रसमई बिजलीघर से आ रही हाइटेंशन लाइन पर शट डाउन लेकर काम करने के लिए चढ़ा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गुड्डू जैसे ही पोल पर चढ़ा, और तार को पकड़ा, वैसे ही वह लाइन में दौड़ रहे करंट की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस कर पोल से नीचे गिर गया, उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटनास्थल पर काफी लोगों की भीड़ जुट गई।
सूचना पर मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। करूण क्रंदन से माहौल गमगीन हो गया। आसपास के गांव के लोग भी मौके पर पहुंच गए। गुस्साए ग्रामीणों ने कजरौठी के पास राया रोड को कई जगहों से वाहनों को आड़ा तिरछा खड़ा करके जाम कर दिया। पुलिस ने इन जाम लगाने वालों को काफी समझाया, लेकिन यह नहीं माने। बाद में जाम लगने की सूचना पर एसडीएम रामजी मिश्र, तहसीलदार टीपी सिंह भी मौके पर पहुंच गए और जाम लगा रहे लोगों को समझाया बुझाया। एसडीएम ने घटना स्थल पर पहुंचकर मृतक के परिजनों से बातचीत की। एसडीएम रामजी मिश्र ने बताया कि उन्होने मौके पर ही विद्युत ठेकेदार द्वारा मुआवजे के रूप में दो लाख रूपये का चैक मृतक के परिजनों को दिलवा दिया है।
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दूसरा तीन लाख रुपये का चैक पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ जाने के बाद दिलवाए जाने का आश्वासन दिया। एसडीएम ने परिजनों से कहा कि मुख्यमंत्री सर्वहित बीमा योजना के तहत पांच लाख रूपये की आर्थिक सहायता भी दिलाई जाएगी। परिवार गरीब है, इसलिए अन्य योजनाओं के माध्यम से भी मदद की जाएगी। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। मौके पर कजरौठी प्रधान प्रतिनिधि जयकुमार, महाराज सिंह, दीपू चौधरी आदि भी पहुंच गए और पीड़ित परिवार की मदद किए जाने का आश्वासन दिया। फिलहाल, शाम को थाने पर भी मृतक के परिजन पहुंच गए और यहां दोषी बिजलीघर के एसएसओ के खिलाफ तहरीर दिए जाने की कार्यवाही जारी थी।
दोनों बच्चों के सर से उठ गया मां बाप का साया
मृतक गुड्डू की आर्थिक स्थिति काफी खराब थी। परिवार के पालन पोषण का वही एक जरिया था। गुड्डू की मौत के बाद उसके बूढ़े मां बाप चीत्कार कर रहे थे। इधर, गुड्डू पर एक बेटा और एक बेटी सहित कुल दो बच्चे थे। गुड्डू की पत्नी की मौत कई साल पहले ही हो चुकी है, लेकिन अब गुड्डू की मौत के बाद दोनों बच्चों के सर से मां बाप का साया भी उठ गया। ऐसे में कैसे इन बच्चों का लालन पालन होगा, इसकी चिंता गुड्डू के मां बाप को खाए जा रही है।
बुखार से पीड़ित है मृतक गुड्डू की बेटी
ग्रामीणों के मुताबिक, मृतक गुड्डू की एक मात्र बेटी पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित है। उसकी हालत भी काफी गंभीर बनी हुई है। आगरा में उसका उपचार हो चुका है, लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, गुड्डू की बेटी की हालत काफी खराब है और वह घर पर ही है। उसकी दवा चल रही है।
घटना के तीन घंटे बाद भी मौके पर नहीं पहुंचे बिजली अधिकारी, गुस्साए ग्रामीणों ने की नारेबाजी
सादाबाद। गांव में बिजली व्यवस्था का हाल बेहाल है, तार जर्जर हो चुके हैं और बिजली समस्याओं का समाधान कई बार शिकायत किए जाने के बाद भी नहीं हो पा रहा है। वहीं, शुक्रवार को घटी घटना में संविदा कर्मी की मौत के बाद भी किसी भी बिजली अधिकारी या कर्मचारी के न पहुंचने से ग्रामीणों में आक्रोश बना हुआ था, लिहाजा गुस्साए ग्रामीणों ने बिजली महकमे के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना था कि बिजली महकमे के अधिकारियों को अपने ही कर्मचारियों की कोई फिक्र नहीं है। कर्मी की मौत के दो घंटे बाद तक मौके पर कोई भी बिजली अधिकारी या कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। इधर, घटना के बाद रसमई बिजलीघर से भी कर्मचारी गायब हो गए।
एक माह में झुलसकर मरे दो संविदाकर्मी
सादाबाद। 16 अक्तूबर को भी मीरपुर में संविदा कर्मी की मौत शट डाउन लेने के बाद भी विद्युत लाइन में आए करंट की वजह से हो गई। संविदा विद्युत कर्मी का शव कई घंटों तक पोल पर लटका रहा था। मौके पर ग्रामीणों ने काफी हंगामा किया था, लेकिन इस घटना के बाद भी बिजली महकमे की नींद नहीं टूटी और न ही इस मामले में किसी भी कर्मी के खिलाफ बिजली महकमे ने कोई कार्रवाई की। एक माह में ही इसी तरह की दूसरी घटना में फिर से एक और संविदाकर्मी की जान चली गई, अब देखना होगा कि अफसर इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं या फिर से वही ढुलमुल रवैया अपनाते हैं।
जिपं सदस्य रामेश्वर उपाध्याय ने हर संभव मदद का आश्वासन
सादाबाद। बिजली संविदाकर्मी की मौत की सूचना पर जिपं सदस्य रामेश्वर उपाध्याय भी सादाबाद पहुंच गए और कोतवाली पर घटला के बारे में मृतक के परिजनों से जानकारी ली। रामेश्वर उपाध्याय ने बताया कि घटना काफी दुखद है। इसमें बिजली महकमे के अधिकारी भी दोषी है। उन्होने मृतक के परिजनों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया। उन्होने बताया कि मृतक गुड्डू ने लाइन पर कार्य करने के दौरान शटडाउन ले रखा था और एसएसओ से लगातार फोन पर बात हो रही थी, लेकिन फिर भी लाइन चालू कर दी गई, जिससे उसकी मौत हो गई। वह इस मामले में डीएम से भी मिलेंगे और मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाएंगे।
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जाम की सूचना पर दौड़े प्रशासनिक अफसर, एसडीएम, तहसीलदार की मृतक के परिजनों से बात
दो लाख का दिलाया चैक, जल्द ही बीमा योजना के तहत भी लाभ दिलाए जाने का दिया आश्वासन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)
सादाबाद। सादाबाद थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत कजरौठी के माजरा नगला भूतिया में हाइटेंशन लाइन पर चढ़े एक संविदा कर्मी की करंट आने की वजह से गंभीर रूप से झुलसकर मौत हो गई। गुस्साए लोगों ने गांव कजरौठी के पास राया रोड को जाम कर दिया और बिजली महकमे के खिलाफ जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे तक जाम लगा रहा। मौके पर काफी हंगामा होता रहा। सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस भी मौके पर पहुंच गए और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण घटना के लिए दोषी बिजलीकर्मियों पर कार्रवाई और मृतक के परिजनों को मुआवजा दिए जाने की मांग कर रहे थे।
जानकारी के मुताबिक, गांव कजरौठी निवासी गुड्डू पुत्र बृजमोहन उम्र करीब 38 साल बिजली महकमे में संविदा लाइनमैन के पद पर कार्यरत था। शुक्रवार की दोपहर करीब साढ़े चार बजे वह गांव नगला भूतिया में गांव नगला भूतिया की बिजली को ठीक करने के लिए रसमई बिजलीघर से आ रही हाइटेंशन लाइन पर शट डाउन लेकर काम करने के लिए चढ़ा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गुड्डू जैसे ही पोल पर चढ़ा, और तार को पकड़ा, वैसे ही वह लाइन में दौड़ रहे करंट की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस कर पोल से नीचे गिर गया, उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटनास्थल पर काफी लोगों की भीड़ जुट गई।
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सूचना पर मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। करूण क्रंदन से माहौल गमगीन हो गया। आसपास के गांव के लोग भी मौके पर पहुंच गए। गुस्साए ग्रामीणों ने कजरौठी के पास राया रोड को कई जगहों से वाहनों को आड़ा तिरछा खड़ा करके जाम कर दिया। पुलिस ने इन जाम लगाने वालों को काफी समझाया, लेकिन यह नहीं माने। बाद में जाम लगने की सूचना पर एसडीएम रामजी मिश्र, तहसीलदार टीपी सिंह भी मौके पर पहुंच गए और जाम लगा रहे लोगों को समझाया बुझाया। एसडीएम ने घटना स्थल पर पहुंचकर मृतक के परिजनों से बातचीत की। एसडीएम रामजी मिश्र ने बताया कि उन्होने मौके पर ही विद्युत ठेकेदार द्वारा मुआवजे के रूप में दो लाख रूपये का चैक मृतक के परिजनों को दिलवा दिया है।
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दूसरा तीन लाख रुपये का चैक पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ जाने के बाद दिलवाए जाने का आश्वासन दिया। एसडीएम ने परिजनों से कहा कि मुख्यमंत्री सर्वहित बीमा योजना के तहत पांच लाख रूपये की आर्थिक सहायता भी दिलाई जाएगी। परिवार गरीब है, इसलिए अन्य योजनाओं के माध्यम से भी मदद की जाएगी। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। मौके पर कजरौठी प्रधान प्रतिनिधि जयकुमार, महाराज सिंह, दीपू चौधरी आदि भी पहुंच गए और पीड़ित परिवार की मदद किए जाने का आश्वासन दिया। फिलहाल, शाम को थाने पर भी मृतक के परिजन पहुंच गए और यहां दोषी बिजलीघर के एसएसओ के खिलाफ तहरीर दिए जाने की कार्यवाही जारी थी।
दोनों बच्चों के सर से उठ गया मां बाप का साया
मृतक गुड्डू की आर्थिक स्थिति काफी खराब थी। परिवार के पालन पोषण का वही एक जरिया था। गुड्डू की मौत के बाद उसके बूढ़े मां बाप चीत्कार कर रहे थे। इधर, गुड्डू पर एक बेटा और एक बेटी सहित कुल दो बच्चे थे। गुड्डू की पत्नी की मौत कई साल पहले ही हो चुकी है, लेकिन अब गुड्डू की मौत के बाद दोनों बच्चों के सर से मां बाप का साया भी उठ गया। ऐसे में कैसे इन बच्चों का लालन पालन होगा, इसकी चिंता गुड्डू के मां बाप को खाए जा रही है।
बुखार से पीड़ित है मृतक गुड्डू की बेटी
ग्रामीणों के मुताबिक, मृतक गुड्डू की एक मात्र बेटी पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित है। उसकी हालत भी काफी गंभीर बनी हुई है। आगरा में उसका उपचार हो चुका है, लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, गुड्डू की बेटी की हालत काफी खराब है और वह घर पर ही है। उसकी दवा चल रही है।
घटना के तीन घंटे बाद भी मौके पर नहीं पहुंचे बिजली अधिकारी, गुस्साए ग्रामीणों ने की नारेबाजी
सादाबाद। गांव में बिजली व्यवस्था का हाल बेहाल है, तार जर्जर हो चुके हैं और बिजली समस्याओं का समाधान कई बार शिकायत किए जाने के बाद भी नहीं हो पा रहा है। वहीं, शुक्रवार को घटी घटना में संविदा कर्मी की मौत के बाद भी किसी भी बिजली अधिकारी या कर्मचारी के न पहुंचने से ग्रामीणों में आक्रोश बना हुआ था, लिहाजा गुस्साए ग्रामीणों ने बिजली महकमे के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना था कि बिजली महकमे के अधिकारियों को अपने ही कर्मचारियों की कोई फिक्र नहीं है। कर्मी की मौत के दो घंटे बाद तक मौके पर कोई भी बिजली अधिकारी या कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। इधर, घटना के बाद रसमई बिजलीघर से भी कर्मचारी गायब हो गए।
एक माह में झुलसकर मरे दो संविदाकर्मी
सादाबाद। 16 अक्तूबर को भी मीरपुर में संविदा कर्मी की मौत शट डाउन लेने के बाद भी विद्युत लाइन में आए करंट की वजह से हो गई। संविदा विद्युत कर्मी का शव कई घंटों तक पोल पर लटका रहा था। मौके पर ग्रामीणों ने काफी हंगामा किया था, लेकिन इस घटना के बाद भी बिजली महकमे की नींद नहीं टूटी और न ही इस मामले में किसी भी कर्मी के खिलाफ बिजली महकमे ने कोई कार्रवाई की। एक माह में ही इसी तरह की दूसरी घटना में फिर से एक और संविदाकर्मी की जान चली गई, अब देखना होगा कि अफसर इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं या फिर से वही ढुलमुल रवैया अपनाते हैं।
जिपं सदस्य रामेश्वर उपाध्याय ने हर संभव मदद का आश्वासन
सादाबाद। बिजली संविदाकर्मी की मौत की सूचना पर जिपं सदस्य रामेश्वर उपाध्याय भी सादाबाद पहुंच गए और कोतवाली पर घटला के बारे में मृतक के परिजनों से जानकारी ली। रामेश्वर उपाध्याय ने बताया कि घटना काफी दुखद है। इसमें बिजली महकमे के अधिकारी भी दोषी है। उन्होने मृतक के परिजनों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया। उन्होने बताया कि मृतक गुड्डू ने लाइन पर कार्य करने के दौरान शटडाउन ले रखा था और एसएसओ से लगातार फोन पर बात हो रही थी, लेकिन फिर भी लाइन चालू कर दी गई, जिससे उसकी मौत हो गई। वह इस मामले में डीएम से भी मिलेंगे और मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाएंगे।