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ग्रीन एक्सप्रेस वे : 219 पेड़ों के कटान की अनुमति का इंतजार
Sat, 06 Dec 2025 02:42 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sat, 06 Dec 2025 02:42 AM IST
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ग्रीन एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए अब पेड़ों के कटान की अंतिम स्वीकृति मिलने का इंतजार है। परियोजना के दूसरे फेस में टीटीजेड (ताज ट्रिपेजियम जोन) में आने वाले 219 हरे पेड़ों के कटान के लिए भारत सरकार से अनुमति आवश्यक है। अनुमति मिलने के बाद यहां निर्माण कार्य गति पकड़ सकेगा।
ग्रीन एक्सप्रेस-वे निर्माण कार्य दो चरणों में पूरा किया जाना है। पहले चरण में अलीगढ़ की ओर 0 से 28 किलोमीटर तक निर्माण किया जाएगा। इस हिस्से में पेड़ों की संख्या कम है और अधिकांश तकनीकी औपचारिकताएं पहले ही पूरी की जा चुकी हैं। दूसरे फेस में 28 से 65 किलोमीटर तक का हिस्सा आगरा की ओर आता है, जो टीटीजेड के अंतर्गत आता है।
पर्यावरणीय प्रावधानों के अनुसार इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य से पूर्व विशेष अनुमति आवश्यक है। दूसरे फेस में कुल 219 पेड़ टीटीजेड में आते हैं, जिनके कटान के लिए एनएचएआई द्वारा आवेदन केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है। केंद्र का विशेष पैनल स्थलीय निरीक्षण के बाद इसके लिए औपचारिक स्वीकृति देगा। स्वीकृति मिलते ही निर्माण एजेंसी को पेड़ों के चिह्नांकन और कटान की अनुमति मिल जाएगी। यह परियोजना पूरा होने पर जिले को अलीगढ़ और आगरा से तेज, सुगम और पर्यावरण अनुकूल संपर्क मिलेगा, जिससे औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
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1.07 हेक्टेयर भूमि से पेड़ों का होना है कटान
परियोजना में दोनों फेसों में वन विभाग की कुल 1.07 हेक्टेयर भूमि (0.46 व 0.61 हेक्टेयर) शामिल है। नियमों के अनुसार जितना वन क्षेत्र अधिग्रहित होता है, उसके दोगुने क्षेत्र में पौधरोपण किया जाता है। इसके लिए एनएचएआई ने आवश्यक राशि वन विभाग में जमा करा दी है। अनुमति मिलते ही पौधरोपण की प्रक्रिया भी निर्माण के साथ-साथ शुरू की जाएगी।
हाथरस के इन गांव से गुजरेगा ग्रीन एक्सप्रेस-वे
-सासनी तहसील से :- संदलपुर, नगला भीका, अबूपुर, सिंघर्र, देदामई, नहलोई, विघैपुर, जसराना, लढ़ौता, जिरौली, मोहरिया, नगला गढ़ू, बसगोई, छौंड़ा, गढ़ौआ, हर्दपुर, गढ़ी नंदराम।
-हाथरस तहसील से :- अहवरनपुर, बीदिरूा, मूंगसा, टुकसान, नगला मनी, बिसरात, धातुरा खुर्द, नगला नंदराम, ककरावली, विष्णुदास, केशरगढ़ी, मगटई, दौलताबाद, रामगढ़, कोरना, चमरुआ, बमनई, गदई, खजूरिया, लुहेटा खुर्द व कलां।
-सादाबाद तहसील से :- बिचपुरी, कजरौठी, मीरपुर, झगरार, अदलपुर, नौगांव, दगसह, ताजपुर, कुम्हेरी, सरौठ, कुरसंडा, गौंचा, सीस्ता, नसीरपुर, कंजौली।
ये भी जानें
-1536 करोड़ रुपये से बनेगा ग्रीन एक्सप्रेस-वे।
-65 किलोमीटर का तैयार होना ग्रीन एक्सप्रेस-वे।
ग्रीन एक्सप्रेस-वे तैयार करने के लिए जमीन पर कब्जा लिए जाने का काम किया जा रहा है। टीटीजेड के अंतर्गत आने वाले पेड़ों के कटान की स्वीकृति के लिए भारत सरकार के पैनल की तरफ से जांच की जा रही है। जल्द ही स्वीकृति मिल जाएगी।
-संदीप यादव, परियोजना निदेशक, एनएचएआई, आगरा।
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ग्रीन एक्सप्रेस-वे निर्माण कार्य दो चरणों में पूरा किया जाना है। पहले चरण में अलीगढ़ की ओर 0 से 28 किलोमीटर तक निर्माण किया जाएगा। इस हिस्से में पेड़ों की संख्या कम है और अधिकांश तकनीकी औपचारिकताएं पहले ही पूरी की जा चुकी हैं। दूसरे फेस में 28 से 65 किलोमीटर तक का हिस्सा आगरा की ओर आता है, जो टीटीजेड के अंतर्गत आता है।
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पर्यावरणीय प्रावधानों के अनुसार इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य से पूर्व विशेष अनुमति आवश्यक है। दूसरे फेस में कुल 219 पेड़ टीटीजेड में आते हैं, जिनके कटान के लिए एनएचएआई द्वारा आवेदन केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है। केंद्र का विशेष पैनल स्थलीय निरीक्षण के बाद इसके लिए औपचारिक स्वीकृति देगा। स्वीकृति मिलते ही निर्माण एजेंसी को पेड़ों के चिह्नांकन और कटान की अनुमति मिल जाएगी। यह परियोजना पूरा होने पर जिले को अलीगढ़ और आगरा से तेज, सुगम और पर्यावरण अनुकूल संपर्क मिलेगा, जिससे औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
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1.07 हेक्टेयर भूमि से पेड़ों का होना है कटान
परियोजना में दोनों फेसों में वन विभाग की कुल 1.07 हेक्टेयर भूमि (0.46 व 0.61 हेक्टेयर) शामिल है। नियमों के अनुसार जितना वन क्षेत्र अधिग्रहित होता है, उसके दोगुने क्षेत्र में पौधरोपण किया जाता है। इसके लिए एनएचएआई ने आवश्यक राशि वन विभाग में जमा करा दी है। अनुमति मिलते ही पौधरोपण की प्रक्रिया भी निर्माण के साथ-साथ शुरू की जाएगी।
हाथरस के इन गांव से गुजरेगा ग्रीन एक्सप्रेस-वे
-सासनी तहसील से :- संदलपुर, नगला भीका, अबूपुर, सिंघर्र, देदामई, नहलोई, विघैपुर, जसराना, लढ़ौता, जिरौली, मोहरिया, नगला गढ़ू, बसगोई, छौंड़ा, गढ़ौआ, हर्दपुर, गढ़ी नंदराम।
-हाथरस तहसील से :- अहवरनपुर, बीदिरूा, मूंगसा, टुकसान, नगला मनी, बिसरात, धातुरा खुर्द, नगला नंदराम, ककरावली, विष्णुदास, केशरगढ़ी, मगटई, दौलताबाद, रामगढ़, कोरना, चमरुआ, बमनई, गदई, खजूरिया, लुहेटा खुर्द व कलां।
-सादाबाद तहसील से :- बिचपुरी, कजरौठी, मीरपुर, झगरार, अदलपुर, नौगांव, दगसह, ताजपुर, कुम्हेरी, सरौठ, कुरसंडा, गौंचा, सीस्ता, नसीरपुर, कंजौली।
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-65 किलोमीटर का तैयार होना ग्रीन एक्सप्रेस-वे।
ग्रीन एक्सप्रेस-वे तैयार करने के लिए जमीन पर कब्जा लिए जाने का काम किया जा रहा है। टीटीजेड के अंतर्गत आने वाले पेड़ों के कटान की स्वीकृति के लिए भारत सरकार के पैनल की तरफ से जांच की जा रही है। जल्द ही स्वीकृति मिल जाएगी।
-संदीप यादव, परियोजना निदेशक, एनएचएआई, आगरा।