{"_id":"5d892b4b8ebc3e93ce4fa9d6","slug":"government-ambulance-strike-patient-faces-difficulties-hathras-news-ali2143719133","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी एंबुलेंस का चक्का जाम, मरीज हुए हलकान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी एंबुलेंस का चक्का जाम, मरीज हुए हलकान
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
प्रदेश के साथ जनपद में भी सरकारी एंबुलेंसों का चक्का जाम रहा। जिसके कारण मरीज व तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अपनी विभिन्न मांगों लेकर मंडी समिति परिसर में एंबुलेंसों के साथ एकत्रित हुए ईएमटी व चालकों ने अनिश्चित कालीन हड़ताल का ऐलान करते हुए नारेबाजी की।
जीवनदायिनी 108, 102, एएलएस एंबुलेंस यूनियन संघ उत्तर प्रदेश के बैनर तले सोमवार को जिले भर की एंबुलेंसों पर तैनात ईएमटी व चालक हड़ताल पर रहे। सभी मंडी समिति परिसर में जमा हुए और नारेबाजी करते हुए अपनी मांग पूरा करने की बात पर जोर दिया। रिसी कुमार ने बताया कि हमारे साथ दोहरा व्यवहार किया जा रहा है। आठ घंटे की ड्यूटी के स्थान पर 12-12 घंटे काम लिया जा रहा है। यहां पर पायलेट प्रोजेक्ट योजना को समाप्त करने की बात पर जोर दिया गया। आरोप लगाया कि सरकार से 18 हजार रुपये मानदेय है, लेकिन एजेंसी द्वारा मात्र 8943 रुपये प्रति माह के हिसाब से भुगतान किया जाता है। आरोप लगाया गया कि मनमाने तरीके से ईएमटी व पायलेटों को एंबुलेंसों से हटाकर नई भर्ती रुपये लेकर की जा रही है। यहां पर सभी ने एक स्वर में नारेबाजी करते हुए मांग पूरी न होने तक एंबुलेंसों का चक्का जाम रखने का एलान किया। इस मौके पर श्यामकिशोर, धर्मेंद्र, लक्षीराम, प्रदीप, रवि, अरविंद, लाल जी, शीलेंद्र, मुनेश कुमार, धर्मपाल, नागेंद्र, इरशाद खान, अमन, प्रभात, मनी, अखिलेश, सत्यप्रकाश, विजेंद्र, राहुल आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
प्रदेश के साथ जनपद में भी सरकारी एंबुलेंसों का चक्का जाम रहा। जिसके कारण मरीज व तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अपनी विभिन्न मांगों लेकर मंडी समिति परिसर में एंबुलेंसों के साथ एकत्रित हुए ईएमटी व चालकों ने अनिश्चित कालीन हड़ताल का ऐलान करते हुए नारेबाजी की।
जीवनदायिनी 108, 102, एएलएस एंबुलेंस यूनियन संघ उत्तर प्रदेश के बैनर तले सोमवार को जिले भर की एंबुलेंसों पर तैनात ईएमटी व चालक हड़ताल पर रहे। सभी मंडी समिति परिसर में जमा हुए और नारेबाजी करते हुए अपनी मांग पूरा करने की बात पर जोर दिया। रिसी कुमार ने बताया कि हमारे साथ दोहरा व्यवहार किया जा रहा है। आठ घंटे की ड्यूटी के स्थान पर 12-12 घंटे काम लिया जा रहा है। यहां पर पायलेट प्रोजेक्ट योजना को समाप्त करने की बात पर जोर दिया गया। आरोप लगाया कि सरकार से 18 हजार रुपये मानदेय है, लेकिन एजेंसी द्वारा मात्र 8943 रुपये प्रति माह के हिसाब से भुगतान किया जाता है। आरोप लगाया गया कि मनमाने तरीके से ईएमटी व पायलेटों को एंबुलेंसों से हटाकर नई भर्ती रुपये लेकर की जा रही है। यहां पर सभी ने एक स्वर में नारेबाजी करते हुए मांग पूरी न होने तक एंबुलेंसों का चक्का जाम रखने का एलान किया। इस मौके पर श्यामकिशोर, धर्मेंद्र, लक्षीराम, प्रदीप, रवि, अरविंद, लाल जी, शीलेंद्र, मुनेश कुमार, धर्मपाल, नागेंद्र, इरशाद खान, अमन, प्रभात, मनी, अखिलेश, सत्यप्रकाश, विजेंद्र, राहुल आदि मौजूद थे।
विज्ञापन