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पीएफएमएस में अटके 4,690 किसानों के डाटा का फिर सत्यापन
Sun, 16 Jun 2019 12:58 AM IST
Mohd Rafeek
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
Published by: Mohd Rafeek
Updated Sun, 16 Jun 2019 12:58 AM IST
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प्रतीकात्मक
- फोटो : अमर उजाला
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हाथरस। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पीएफएमएस के दौरान रिजेक्ट होने वाले डाटा का फिर से सत्यापन कार्य शुरू हो गया है। कृषि विभाग की ओर डाटा को संबंधित तहसीलों में भेज दिया गया है। इस डाटा का सत्यापन लेखपालों के माध्यम से कराया जा रहा है। जिले के 4,690 किसानों का डाटा पीएफएमएस में रिजेक्ट हो गया था। इस कारण लोकसभा चुनाव से पहले इन किसानों को निधि का लाभ नहीं मिल सका था।
कृषि विभाग की ओर से पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत जिले के करीब 1.35 लाख किसानों का डाटा फीड कराया गया था। इस डाटा में से 90 हजार किसानों के डाटा को केंद्र सरकार ने ओके की मुहर लगाई थी। इन किसानों में 4,690 किसानों का डाटा पीएफएमएस में रिजेक्ट में चला गया था। शेष हुए किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ मिल गया था। 4,690 किसानों को उनके नाम और अन्य कारणों के गलत होने के कारण योजना का लाभ नहीं मिल सका था।
अब इस डाटा का फिर सत्यापन कार्य शुरू हो गया है। इस डाटा को कृषि विभाग ने संबंधित तहसीलों को भेज दिया है। इन किसानों के दस्तावेजों आदि का सत्यापन का कार्य लेखपालों के माध्यम से कराया जा रहा है, ताकि जल्द ही इन किसानों को भी योजना का लाभ दिया जा सके। वहीं जिले में वंचित रह गए किसानों के डाटा की फीडिंग का कार्य भी जल्द ही शुरू होगा। विभाग सबसे पहले उन किसानों का डाटा फीडिंग और वेरिफिकेशन करेगा, जिनका चुनाव के चलते अटक गया था।
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कृषि विभाग की ओर से पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत जिले के करीब 1.35 लाख किसानों का डाटा फीड कराया गया था। इस डाटा में से 90 हजार किसानों के डाटा को केंद्र सरकार ने ओके की मुहर लगाई थी। इन किसानों में 4,690 किसानों का डाटा पीएफएमएस में रिजेक्ट में चला गया था। शेष हुए किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ मिल गया था। 4,690 किसानों को उनके नाम और अन्य कारणों के गलत होने के कारण योजना का लाभ नहीं मिल सका था।
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अब इस डाटा का फिर सत्यापन कार्य शुरू हो गया है। इस डाटा को कृषि विभाग ने संबंधित तहसीलों को भेज दिया है। इन किसानों के दस्तावेजों आदि का सत्यापन का कार्य लेखपालों के माध्यम से कराया जा रहा है, ताकि जल्द ही इन किसानों को भी योजना का लाभ दिया जा सके। वहीं जिले में वंचित रह गए किसानों के डाटा की फीडिंग का कार्य भी जल्द ही शुरू होगा। विभाग सबसे पहले उन किसानों का डाटा फीडिंग और वेरिफिकेशन करेगा, जिनका चुनाव के चलते अटक गया था।
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