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जालसाजी कर किसान को बना दिया 80 कट्टा डीएपी का कर्जदार
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संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद।
गांव गुतहरा निवासी राणाप्रताप शाह पुत्र ब्रह्मप्रताप शाह को जालसाजी कर 80 ट्टा डीएपी का कर्जदार बना दिया है। सचिव से जानकारी मिलने के बाद उसने एसडीएम को पत्र सौंपकर इसकी शिकायत की।
शिकायती पत्र में राणाप्रताप का कहना है कि वह साधन सहकारी समिति गुतहरा सहपऊ का सदस्य और सीमांत कृषक है। उसने कभी भी सोसायटी से उधार डीएपी यूरिया खाद नहीं लिया है। वह अपना कृषि संबंधी लोन भी सिंडिकेट बैंक सहपऊ से केसीसी से करता है। मौजूदा सचिव से मिली जानकारी के मुताबिक, उन्हें 2014 में 80 कट्टा डीएपी का कर्जदार दर्शाया गया है, लेकिन उसने न तो कभी कोई लोन लिया और न ही कोई चेक दिया है और न ही हस्ताक्षर किए हैं।
यही नहीं, छह साल में कोई वसूली, तकादा, नोटिस या मौखिक सूचना दी गई। वह साढ़े तीन एकड़ जमीन के काश्तकार हैं, उसे न तो 80 कट्टे मिल सकते हैं और न ही उन्हें डीएपी की कोई जरूरत रही है। उन पर झूठा ऋण दर्शाया गया है। राणा प्रताप ने शिकायती पत्र में मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
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गांव गुतहरा निवासी राणाप्रताप शाह पुत्र ब्रह्मप्रताप शाह को जालसाजी कर 80 ट्टा डीएपी का कर्जदार बना दिया है। सचिव से जानकारी मिलने के बाद उसने एसडीएम को पत्र सौंपकर इसकी शिकायत की।
शिकायती पत्र में राणाप्रताप का कहना है कि वह साधन सहकारी समिति गुतहरा सहपऊ का सदस्य और सीमांत कृषक है। उसने कभी भी सोसायटी से उधार डीएपी यूरिया खाद नहीं लिया है। वह अपना कृषि संबंधी लोन भी सिंडिकेट बैंक सहपऊ से केसीसी से करता है। मौजूदा सचिव से मिली जानकारी के मुताबिक, उन्हें 2014 में 80 कट्टा डीएपी का कर्जदार दर्शाया गया है, लेकिन उसने न तो कभी कोई लोन लिया और न ही कोई चेक दिया है और न ही हस्ताक्षर किए हैं।
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यही नहीं, छह साल में कोई वसूली, तकादा, नोटिस या मौखिक सूचना दी गई। वह साढ़े तीन एकड़ जमीन के काश्तकार हैं, उसे न तो 80 कट्टे मिल सकते हैं और न ही उन्हें डीएपी की कोई जरूरत रही है। उन पर झूठा ऋण दर्शाया गया है। राणा प्रताप ने शिकायती पत्र में मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
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