Hathras News: बच्ची से दुष्कर्म में आरोपी पर तय हुए चार आरोप, मुकदमे का ट्रायल शुरू
थाना सादाबाद पर गत 16 मार्च को अमन खां के खिलाफ अपहरण और दुष्कर्म की धारा में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालत गंभीर होने के कारण बच्ची को उपचार के लिए अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। आरोपी के दूसरे समुदाय से होने के कारण घटना के बाद लोगों में आक्रोश बना रहा था।
विस्तार
कोतवाली सादाबाद क्षेत्र के कस्बा बिसावर क्षेत्र में सात वर्षीय बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में 7 अप्रैल को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) चित्रा शर्मा के न्यायालय में सुनवाई हुई। आरोपी अमन खां पर चार आरोप तय कर दिए गए हैं। अब इस मामले में साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए न्यायालय ने 10 अप्रैल की तिथि नियत की गई है।
इस संबंध में थाना सादाबाद पर गत 16 मार्च को अमन खां के खिलाफ अपहरण और दुष्कर्म की धारा में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालत गंभीर होने के कारण बच्ची को उपचार के लिए अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। आरोपी के दूसरे समुदाय से होने के कारण घटना के बाद लोगों में आक्रोश बना रहा था। इस घटना से कानून व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हुई थी। पुलिस ने भी इस प्रकरण अलग-अलग समुदाय से संबंधित होने के कारण अति संवेदनशील माना और नौ दिन में ही कोर्ट में चार्जशीट दायर कर दी थी। अब मुकदमे का ट्रायल शुरू हो गया है। यह पत्रावली अभियोजन द्वारा दिन प्रतिदिन सुनवाई किए जाने के लिए चिन्ह्ति की गई है।
आरोपी को सरकारी खर्चे पर मिला अधिवक्ता, दिन-प्रतिदिन होगी सुनवाई
आरोपी अमन खां ने न्यायालय में इस आशय का प्रार्थना पत्र दाखिल किया था कि वह गरीब है और अधिवक्ता की फीस देने में असमर्थ है। उसे मुकदमें में पैरवी के लिए सरकारी अधिवक्ता की आवश्यकता है। आरोपी की सरकारी खर्चे पर अधिवक्ता उपलब्ध कराए जाने के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने पैरवी के लिए के चीफ डिफेंस काउंसिल ऋतुराज सिंह को नियुक्त किया है।
पुलिस को आरोपी ने दिया बयान-बुरे काम की लग गई थी लत
पुलिस ने न्यायालय में दाखिल आरोप पत्र (चार्जशीट) में आरोपी अमन खां के बयान को भी शामिल किया है। इसमें उसने घटना में शामिल होना स्वीकार किया है और कहा है कि उसे बुरे काम की लत लग गई थी।आरोप पत्र के अनुसार आरोपी ने पुलिस को बताया कि 15 मार्च की शाम को लगभग 8:30 बजे वादी की लड़की और भतीजी दिखाई दी। उसने भतीजी को धक्का मार कर लड़की को जबरदस्ती अपनी गोद में उठा लिया और नगला छत्ती वाले रास्ते पर बबूल की झाड़ियों की तरफ ले गया था। वहां पर जबरन बच्ची के साथ दुष्कर्म की कोशिश की। तभी टॉर्च की रोशनी व आदमियों की आवाज सुनाई दी। पैरों की खटपट की आवाज सुनकर वह मौके से भाग गया और उसकी शर्ट वहीं पर छूट गई।
आरोपी ने स्वीकार किया है कि भागते समय गांव वालों ने उसे देख लिया और पहचान लिया था। उसके बाद खेत में छिप गया था। उसके बयानों में यह बात भी निकाल कर सामने आई है कि इस घटना से पहले भी वर्ष 2018 में उसने एक लड़की के साथ दुष्कर्म किया था और एक अन्य लड़की के साथ छेड़खानी की थी। सादाबाद में उसके खिलाफ दो मुकदमे लिखे गए थे।
कई दिनों तक कस्बे में रही थी तनाव की स्थिति
बच्ची के साथ दुष्कर्म और आरोपी के दूसरे समुदाय के व्यक्ति के होने के कारण घटना के बाद लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया था। लोगों ने आरोपी का एनकाउंटर करने और घर पर बुलडोजर चलाने की मांग की। 16 मार्च की सुबह से धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था। गुस्साई भीड़ ने एक धार्मिक स्थल पर पथराव और तोड़फोड़ की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
यह था घटनाक्रम
पीड़ित बच्ची अपनी चचेरी बहन के साथ 15 मार्च की रात करीब 8.30 बजे घर के पास ही एक दुकान से सामान लेने गई थी, लेकिन वह घर नहीं पहुंची। परिजनों को चिंता हुई, उन्होंने बच्ची को तलाशना शुरू कर दिया। करीब एक घंटे बाद घर से करीब तीन सौ मीटर दूर स्थित पोखर के पास झाड़ियों में अर्द्धबेहोशी की हालत में बच्ची मिली थी। उसके कपड़े फटे हुए थे। पुलिस को मौके से एक टीशर्ट, चप्पल और एक शराब की बोतल भी मिली थी।
त्वरित सुनवाई के लिए एसपी ने लिखा था पत्र
इस मामले में पुलिस ने नौ वें दिन में न्यायालय में आरोप पत्र को दाखिल किया गया था। पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने इस मामले की त्वरित सुनवाई के लिए जनपद न्यायाधीश को पत्र लिखा था। एसपी ने कहा था कि उक्त प्रकरण दो समुदाय से जुड़ा हुआ है, इसलिए मामला अतिसंवेदनशील है।जनपद न्यायाधीश ने विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट को पत्र लिख त्वरित सुनवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं।