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पूर्व केंद्रीय मंत्री रामजी लाल सुमन पर सपा ने फिर जताया भरोसा
Wed, 13 Mar 2019 12:23 AM IST
Mohd Rafeek
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
Published by: Mohd Rafeek
Updated Wed, 13 Mar 2019 12:23 AM IST
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रामजीलाल सुमन
- फोटो : अमर उजाला
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सपा ने एक बार फिर से पूर्व केंद्रीय मंत्री व पार्टी के कद्दावर नेता रामजीलाल सुमन पर भरोसा जताते हाथरस (सुरक्षित) सीट से पार्टी का प्रत्याशी बनाया है। सुमन को पिछली बार भी सपा ने अपना उम्मीदवार बनाया था लेकिन तब उन्हें सफलता नहीं मिली थी। इस बार गठबंधन के चलते यह तय है कि वह भाजपा व अन्य दलों को कड़ी चुनौती पेश करेंगे। सुमन काफी अनुभवी राजनेता हैं और चार बाद सांसद रह चुके हैं। सुमन का कहना है कि इस बार उनकी जीत की काफी संभावनाएं है। फैसला जनता के हाथ में है।
मूल रूप से सादाबाद के गांव बहरदोई निवासी रामजीलाल सुमन की शिक्षा-दीक्षा हाथरस में हुई। डीआरबी और सरस्वती इंटर कॉलेज में शिक्षा लेने के बाद वह उच्च शिक्षा के लिए आगरा चले गए। वहां वह आगरा कॉलेज आगरा में पढ़े। विद्यार्थी जीवन से ही सुमन राजनीति में सक्रिय हो गए। शुरू में उनकी राजनीतिक कर्मभूमि आगरा व फिरोजाबाद रही। वे हमेशा समाजवादी विचारधारा के साथ रहे। सुमन की मानें तो देश में जब इमरजेंसी लगी तो सबसे पहले आगरा में उन्हीं की गिरफ्तारी हुई। वह एक साल से ज्यादा जेल में भी रहे। 1977 में वह मात्र 26 वर्ष की आयु में फिरोजाबाद से जनता पार्टी से सांसद निर्वाचित हुए।
उसके बाद वह 1989 में जनता दल से जीतकर संसद में पहुंचे। उसके बाद फिरोजाबाद से ही सपा से1999 और वर्ष 2004 में सांसद चुने गए। वह चंद्रशेखर की सरकार में श्रम और कल्याण मंत्री भी रहे। उनकी पत्नी वर्ष 2006 से वर्ष 2011 तक आगरा से जिला पंचायत अध्यक्ष रही। उल्लेखनीय है कि सुमन का टिकट काफी समय से फाइनल माना जा रहा था और वह उसी हिसाब से तैयारी भी कर रहे थे। अब उनके टिकट की अधिकृत रूप से घोषणा होने पर सपा के पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल ने पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सुमन जैसे अनुभवी राजनेता को टिकट देकर अखिलेश यादव ने यहां पार्टी को और ज्यादा मजबूत कर दिया है।
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मूल रूप से सादाबाद के गांव बहरदोई निवासी रामजीलाल सुमन की शिक्षा-दीक्षा हाथरस में हुई। डीआरबी और सरस्वती इंटर कॉलेज में शिक्षा लेने के बाद वह उच्च शिक्षा के लिए आगरा चले गए। वहां वह आगरा कॉलेज आगरा में पढ़े। विद्यार्थी जीवन से ही सुमन राजनीति में सक्रिय हो गए। शुरू में उनकी राजनीतिक कर्मभूमि आगरा व फिरोजाबाद रही। वे हमेशा समाजवादी विचारधारा के साथ रहे। सुमन की मानें तो देश में जब इमरजेंसी लगी तो सबसे पहले आगरा में उन्हीं की गिरफ्तारी हुई। वह एक साल से ज्यादा जेल में भी रहे। 1977 में वह मात्र 26 वर्ष की आयु में फिरोजाबाद से जनता पार्टी से सांसद निर्वाचित हुए।
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उसके बाद वह 1989 में जनता दल से जीतकर संसद में पहुंचे। उसके बाद फिरोजाबाद से ही सपा से1999 और वर्ष 2004 में सांसद चुने गए। वह चंद्रशेखर की सरकार में श्रम और कल्याण मंत्री भी रहे। उनकी पत्नी वर्ष 2006 से वर्ष 2011 तक आगरा से जिला पंचायत अध्यक्ष रही। उल्लेखनीय है कि सुमन का टिकट काफी समय से फाइनल माना जा रहा था और वह उसी हिसाब से तैयारी भी कर रहे थे। अब उनके टिकट की अधिकृत रूप से घोषणा होने पर सपा के पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल ने पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सुमन जैसे अनुभवी राजनेता को टिकट देकर अखिलेश यादव ने यहां पार्टी को और ज्यादा मजबूत कर दिया है।
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