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दो अधिकारियों समेत पांच को घर में बंधक बनाया
अमर उजाला ब्यूूराे/हाथ्ारस
Updated Fri, 23 Oct 2015 11:41 PM IST
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हाथरस। दो अधिकारियों समेत पांच लोगों को थाना सिकंदराराऊ क्षेत्र के एक गांव में बंधक बनाने की खबर से पुलिस-प्रशासन में खलबली मच गई। इनमें से एक अधिकारी अपने लिए लड़की देखने इस गांव में आए थे। लड़की के परिजन गोद भराई की रस्म करने पर अड़े हुए थे। पुलिस मौके पर पहुंची तो मामला आपसी झगड़े का निकला।
दूसरे जिले के एक अधिकारी यहां लड़की देखने एक अन्य अधिकारी और परिजनों के साथ पहुंचे थे। बताया जाता है कि सिकंदराराऊ क्षेत्र के एक नेता दोनों परिवारों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे थे।
गुरुवार दोपहर को चाय-नाश्ते के बाद अधिकारी ने लड़की को देखने की औपचारिकता पूरी की। चलते समय लड़की के परिजनों ने इस अधिकारी से पूछा कि उन्हें लड़की कैसी लगी। अधिकारी के परिजनों ने कहा कि वह कुछ दिनों में जवाब देंगे। लड़की के परिजनों ने गोद भराई को कहा, लेकिन लड़के वाले नहीं माने। इस पर लड़की वालों को लगा कि अधिकारी ने लड़की को रिजेक्ट कर दिया है। इस पर बात बिगड़ गई और लड़की के परिजनों ने कहा कि अंगूठी पहनाने के बाद वह घर से निकल सकेंगे।
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अधिकारी ने किसी तरह अपने फोन से साथी अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी। पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों को भी फोन किए गए। अधिकारियों के निर्देश पर गांव में थाना पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने जैसे-तैसे परिजनों को समझाकर सभी को वहां से निकाला। हालांकि अधिकारी ने थाना पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी है। यह मामला दिनभर अधिकारियों के बीच सुर्खियों में रहा।
गोद भराई और लेन-देन को लेकर कुछ तनाव था। यह दोनों परिवारों का आपसी झगड़ा था। मौके पर पुलिस पहुंची थी। दोनों पक्षों को समझाकर मामले का निस्तारण कर दिया गया था। मामला वैसा नहीं था जैसी सूचना मिली थी।
- डॉ. एस. चन्नप्पा, एसपी
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दूसरे जिले के एक अधिकारी यहां लड़की देखने एक अन्य अधिकारी और परिजनों के साथ पहुंचे थे। बताया जाता है कि सिकंदराराऊ क्षेत्र के एक नेता दोनों परिवारों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे थे।
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गुरुवार दोपहर को चाय-नाश्ते के बाद अधिकारी ने लड़की को देखने की औपचारिकता पूरी की। चलते समय लड़की के परिजनों ने इस अधिकारी से पूछा कि उन्हें लड़की कैसी लगी। अधिकारी के परिजनों ने कहा कि वह कुछ दिनों में जवाब देंगे। लड़की के परिजनों ने गोद भराई को कहा, लेकिन लड़के वाले नहीं माने। इस पर लड़की वालों को लगा कि अधिकारी ने लड़की को रिजेक्ट कर दिया है। इस पर बात बिगड़ गई और लड़की के परिजनों ने कहा कि अंगूठी पहनाने के बाद वह घर से निकल सकेंगे।
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अधिकारी ने किसी तरह अपने फोन से साथी अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी। पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों को भी फोन किए गए। अधिकारियों के निर्देश पर गांव में थाना पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने जैसे-तैसे परिजनों को समझाकर सभी को वहां से निकाला। हालांकि अधिकारी ने थाना पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी है। यह मामला दिनभर अधिकारियों के बीच सुर्खियों में रहा।
गोद भराई और लेन-देन को लेकर कुछ तनाव था। यह दोनों परिवारों का आपसी झगड़ा था। मौके पर पुलिस पहुंची थी। दोनों पक्षों को समझाकर मामले का निस्तारण कर दिया गया था। मामला वैसा नहीं था जैसी सूचना मिली थी।
- डॉ. एस. चन्नप्पा, एसपी