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Hathras News: समय से नहीं दिया डिजिटल लाइब्रेरी का फर्नीचर, प्राथमिकी दर्ज
Fri, 04 Sep 2026 02:43 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Fri, 04 Sep 2026 02:43 AM IST
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देवीनगर में डिजिटल लाइब्रेरी में सील पैक रखा सामान व कुर्सियां। संवाद
- फोटो : Samvad
जिले की चयनित 116 ग्राम पंचायतों में बाल एवं किशोर डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने की योजना में लापरवाही बरतना लखनऊ की एक फर्म को भारी पड़ गया है। जिला पंचायतराज अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने मैसर्स वीएसएस एंटरप्राइजेज अहलादपुर कॉलोनी, सीतापुर रोड, लखनऊ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
तहरीर में डीपीआरओ ने बताया कि जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद 10 मार्च 2026 को जेम पोर्टल के माध्यम से लखनऊ स्थित फर्म मैसर्स वीएसएस एंटरप्राइजेज को फर्नीचर आपूर्ति का कार्यादेश जारी किया गया था। फर्म को 25 मार्च 2026 तक शत-प्रतिशत फर्नीचर की आपूर्ति करने के निर्देश दिए गए थे। इस दौरान विभिन्न तिथियों पर लगातार पांच अनुस्मारक जारी किए गए थे। लगातार लिखित नोटिसों और फोन पर दिए गए निर्देशों की अवहेलना करने के कारण ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापना का शासकीय कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ।
भुगतान के बाद भी नहीं मिले कंप्यूटर व अन्य उपकरण
जिले में 116 डिजिटल लाइब्रेरी के लिए कार्यदायी संस्था को अप्रैल में ही हो चुका है पूरा भुगतान
शासन ने 1.30 लाख रुपये प्रति लाइब्रेरी के हिसाब से भेजी थी धनराशि
हाथरस। जिले की 116 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी करने के लिए कंप्यूटर, प्रिंटर व अन्य उपकरणों के लिए इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। खास ये है कि जिय फर्म को इन उपकरणों की आपूर्ति करनी है, उसे इसी वर्ष अप्रैल में पूरा भुगतान किया जा चुका है। चार महीने बीतने के बाद भी एक भी लाइब्रेरी के लिए आपूर्ति नहीं मिली है।
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शासन की ओर से प्रति डिजिटल लाइब्रेरी दो-दो कंप्यूटर, प्रिंटर और अन्य आवश्यक उपकरण लगाने के लिए कार्यदायी संस्था यूपी डेस्को को 1.30 लाख रुपये की दर से बजट आवंटित किया गया था। अग्रिम भुगतान पाने के चार माह बाद भी कार्यदायी संस्था ने लाइब्रेरी तक सामान पहुंचाने की जहमत नहीं उठाई।संवाद
कार्यदायी संस्था को भुगतान किया जा चुका है। आठ से 14 सितंबर के बीच सामान लाइब्रेरी में पहुंचने की उम्मीद है। जल्द लाइब्रेरी में सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाएगा।
-राकेश बाबू, डीपीआरओ।
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तहरीर में डीपीआरओ ने बताया कि जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद 10 मार्च 2026 को जेम पोर्टल के माध्यम से लखनऊ स्थित फर्म मैसर्स वीएसएस एंटरप्राइजेज को फर्नीचर आपूर्ति का कार्यादेश जारी किया गया था। फर्म को 25 मार्च 2026 तक शत-प्रतिशत फर्नीचर की आपूर्ति करने के निर्देश दिए गए थे। इस दौरान विभिन्न तिथियों पर लगातार पांच अनुस्मारक जारी किए गए थे। लगातार लिखित नोटिसों और फोन पर दिए गए निर्देशों की अवहेलना करने के कारण ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापना का शासकीय कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ।
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भुगतान के बाद भी नहीं मिले कंप्यूटर व अन्य उपकरण
जिले में 116 डिजिटल लाइब्रेरी के लिए कार्यदायी संस्था को अप्रैल में ही हो चुका है पूरा भुगतान
शासन ने 1.30 लाख रुपये प्रति लाइब्रेरी के हिसाब से भेजी थी धनराशि
हाथरस। जिले की 116 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी करने के लिए कंप्यूटर, प्रिंटर व अन्य उपकरणों के लिए इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। खास ये है कि जिय फर्म को इन उपकरणों की आपूर्ति करनी है, उसे इसी वर्ष अप्रैल में पूरा भुगतान किया जा चुका है। चार महीने बीतने के बाद भी एक भी लाइब्रेरी के लिए आपूर्ति नहीं मिली है।
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शासन की ओर से प्रति डिजिटल लाइब्रेरी दो-दो कंप्यूटर, प्रिंटर और अन्य आवश्यक उपकरण लगाने के लिए कार्यदायी संस्था यूपी डेस्को को 1.30 लाख रुपये की दर से बजट आवंटित किया गया था। अग्रिम भुगतान पाने के चार माह बाद भी कार्यदायी संस्था ने लाइब्रेरी तक सामान पहुंचाने की जहमत नहीं उठाई।संवाद
कार्यदायी संस्था को भुगतान किया जा चुका है। आठ से 14 सितंबर के बीच सामान लाइब्रेरी में पहुंचने की उम्मीद है। जल्द लाइब्रेरी में सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाएगा।
-राकेश बाबू, डीपीआरओ।