कृतार्थ की हत्या: पकड़े गए शिक्षक के परिजन को है डर, प्रबंधक जेल में करा सकता है शिक्षक की हत्या
पत्नी मुन्नी देवी बेटे पवन के साथ जेल जाकर अपने पति से मिली थी। वहां से लौटने के बाद इन्होंने आरोप लगाया कि जेल में उसे प्रबंधक दिनेश बघेल, उसके पिता जसोदन, प्रधानाचार्य लक्ष्मण और वीरपाल के साथ बैरक में रखा गया है। ये लोग उसे प्रताड़ित कर रहे हैं। उस पर 50 लाख रुपये लेकर जुर्म कुबूल करने का दबाव बनाया जा रहा है।
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हाथरस में डीएल पब्लिक स्कूल के कक्षा दो के छात्र कृतार्थ की हत्या के खुलासे परिजन संतुष्ट नहीं है, अब इस मामले में जेल गए शिक्षक रामप्रकाश सोलंकी के परिजनों भी पुलिस और प्रबंधक को घेरा है। शिक्षक की पत्नी मुन्नी देवी निवासी कूपा गली सादाबाद ने आशंका जताई है कि उसके पति की जेल में प्रबंधक और उसके पिता हत्या कर सकते हैं। उसे वहां प्रताड़ित किया जा रहा है।
पत्नी मुन्नी देवी ने 30 सितंबर को बेटे पवन के साथ जेल जाकर अपने पति से मिली थी। वहां से लौटने के बाद इन्होंने आरोप लगाया कि जेल में उसे प्रबंधक दिनेश बघेल, उसके पिता जसोदन, प्रधानाचार्य लक्ष्मण और वीरपाल के साथ बैरक में रखा गया है। ये लोग उसे प्रताड़ित कर रहे हैं। उस पर 50 लाख रुपये लेकर जुर्म कुबूल करने का दबाव बनाया जा रहा है। कहा जा रहा है कि वह कृतार्थ को लेकर सीढ़ियों से नीचे आए थे, जबकि उसकी उम्र 60 साल है और पैरों से 70 प्रतिशत दिव्यांग है।
लंबे समय से हृदय रोगी है, उनका भरतपुर में उपचार चल रहा है। वह अपने पैरों से बिना सहारे चल भी नहीं सकते हैं, ऐसे में बच्चे को लेकर कैसे उतरेंगे। वह रोते हुए कहती है कि यदि सच्चाई सामने नहीं आई तो जेल में उसके पति की हत्या की जा सकती है। स्कूल वालों ने सारा मामला उसी के ऊपर डाल दिया है। मुन्नी बताया कि उसने पति से पूछा था कि एक तरफ बेटा है और एक तरफ मंदिर है, सच्चाई बता दो, उन्होंने खुद को निर्दोष बताया। वह भी उन्हें बेगुनाह साबित करने के लिए पूरी कोशिश करेगी।
बिजली खराब होने के बहाने प्रधानाचार्य के साथ छात्रावास के हॉल में आया था प्रबंधक
रामप्रकाश सोलंकी के बेटे पवन ने आरोप लगाया कि घटना वाली रात करीब 12 बजे प्रबंधक और प्रधानाचार्य छात्रावास के हॉल में आए थे और उसके पिता को बाहर भेज दिया था।
पवन ने यह जानकारी जिले में पिता से मिलने के बाद दी है। पवन का कहना है कि उसके पिता ने बताया कि वह 22 सितंबर को घटना वाली रात वह सवा दस बजे सो गया था। रात 12 बजे विद्यालय प्रबंधक दिनेश बघेल व प्रधानाचार्य लक्ष्मण सिंह छात्रावास हॉल में आए थे और उससे दरवाजा खुलवाया। उनसे कहा कि तुम बाहर बैठ जाओ, लाइट खराब है, उसे सही करना है। वह शौचालय चला गया। थोड़ी देर बाद प्रबंधक और प्रधानाचार्य लौट गए।
दवा के असर से रामप्रकाश फिर से गहरी नींद में सो गया। सुबह योग में कृतार्थ नहीं आया तो उसे लाने के लिए बच्चों को भेजा। इसी दौरान प्रधानाचार्य ऊपर से बच्चे को गोदी में लेकर आ रहे थे। राम प्रकाश सोलंकी की दवा अन्य सामान का बैग विद्यालय परिसर में है। दवा का पर्चा भी नहीं दिया गया है। वह उन्हें दवा भी ले जाकर नहीं दे पाए।