हाथरस: फरीदाबाद में पकड़ा विस्फोटक रसायन खरीदा था जनपद से, जल्द दबिश दे सकती है वहां की पुलिस
पुलिस सूत्रों के अनुसार तीन दिन की रिमांड में लिए गए पुनीत ने हाथरस शहर की दो फर्मों के नाम लिए हैं। पुनीत की मंडी क्षेत्र में किराने की दुकान है। संभावना है कि पुलिस पुनीत के साथ हाथरस में दबिश दे सकती है।
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फरीदाबाद में पकड़ गया 2.5 टन विस्फोटक रसायन हाथरस से खरीदा गया था। फरीदाबाद की क्राइम ब्रांच ने जिस दुकानदार के गोदाम से माल पकड़ा है, उसने हाथरस की फर्मों का नाम लिया है। अब क्राइम ब्रांच जल्द ही हाथरस में दबिश दे सकती है।
फरीदाबाद क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 की टीम ने बल्लभगढ़ के घनी आबादी वाले इलाके मुकेश कॉलोनी में छापेमारी कर एक मकान से 2.5 टन (2,496 किलोग्राम) से अधिक पटाखा बनाने वाला ज्वलनशील रसायन जब्त किया था। गिरफ्तार आरोपी पुनीत ने पूछताछ में बताया कि वह यह विस्फोटक सामग्री हाथरस शहर से खरीदकर लाया था। पुलिस ने 2,296 किलोग्राम पोटैशियम नाइट्रेट व 200 किलोग्राम गंधक (सल्फर) बरामद किया था। रिहायशी इलाके में इसका अवैध भंडारण किया गया था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार तीन दिन की रिमांड में लिए गए पुनीत ने हाथरस शहर की दो फर्मों के नाम लिए हैं। पुनीत की मंडी क्षेत्र में किराने की दुकान है। संभावना है कि पुलिस पुनीत के साथ हाथरस में दबिश दे सकती है। पुलिस रिमांड के दौरान यह पता लगाने में जुटी है कि हाथरस में यह सामग्री किस लाइसेंस या गैर-कानूनी नेटवर्क के जरिए बेची गई थी।
मामले की जानकारी की जा रही है। त्योहार के मद्देनजर चेकिंग की जाएगी। अगर फरीदाबाद पुलिस आती है, तो उसमें कार्रवाई कराई जाएगी। - हिमांशु माथुर, सीओ सदर
विस्फोट मामलों में पहले भी उछल चुका है हाथरस का नाम
यह पहला मौका नहीं है जब अवैध विस्फोटक रसायनों की सप्लाई चेन में हाथरस का नाम सामने आया हो। इससे पूर्व 27 अगस्त 2023 को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में हुए विस्फोट में हाथरस का नाम सामने आया था। विस्फोटक बनाने का रसायन यहीं से गया था। हादसे में नौ लोगों की मौत हुई थी। इस साल मध्यप्रदेश के देवास में 14 मई को पटाख फैक्टरी में विस्फोट हुआ था, जिसमें पांच लोगों की मौत हुई थी। पुलिस की छानबीन में सामने आया था कि पोटेशियम नाइट्रेट हाथरस से ही गया था। देवास एसआईटी ने हाथरस आकर छानबीन भी की थी।
सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
फिर से हाथरस का नाम सामने आने से साफ है कि शहर में गंधक, पोटाश और पोटैशियम नाइट्रेट जैसे प्रतिबंधित रसायनों का अवैध कारोबार बेखौफ जारी है। रिहायशी इलाकों में इतने बड़े पैमाने पर बारूद और रासायनिक पटाखों की सामग्री का भंडारण किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। आगामी त्योहारों को देखते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी भारी मात्रा में रसायनों की खरीद-बिक्री और परिवहन किसकी शह पर हो रहा है।