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Hathras News: बुजुर्ग की हत्या के दोषी को सात साल की कैद
Sun, 07 Jun 2026 01:09 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sun, 07 Jun 2026 01:09 AM IST
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय संख्या पांच विजय कुमार-द्वितीय ने करीब छह साल पुराने एक चर्चित गैरइरादतन हत्या के मामले में फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आरोपी गोला उर्फ नेत्रपाल को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 50,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
घटना 19 मई 2020 की सुबह करीब छह बजे की है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सादाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव कजरौठी निवासी कीकड़ सिंह (80) अपने घर के बाहर लगे हैंडपंप से पानी भरने गए थे।
इस दौरान गांव के ही गौरीशंकर के बेटे गोला उर्फ नेत्रपाल ने उनके पैर पर कुल्ला कर दिया। विरोध करने पर गोला ने उन्हें बेरहमी से पीटा। गंभीर रूप से घायल होने के कारण अस्पताल ले जाते समय कीकड़ की मृत्यु हो गई थी। कीकड़ सिंह के बेटे महेंद्र ने गोला के अलावा उसके भाई हरीओम और कलुआ के खिलाफ भी गैरइरादतन हत्या में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने केवल गोला उर्फ नेत्रपाल के खिलाफ ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी, जबकि दो अन्य को पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर क्लीन चिट दे दी गई थी। दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने और साक्ष्य के आधार पर शनिवार को कोर्ट ने आदेश सुनाया।
कोर्ट ने पाया कि दोषी का इरादा सीधे तौर पर हत्या करने का नहीं था, लेकिन वह यह अच्छी तरह जानता था कि एक 80 वर्षीय बुजुर्ग को इस तरह बेरहमी से पीटने से उनकी जान जा सकती है। गैर इरादतन हत्या में गोला उर्फ नेत्रपाल को सात वर्ष के कारावास और 50,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना न देने पर उसे दो महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
अदालत ने यह भी आदेश दिया कि कुल जुर्माने की राशि में से 30,000 रुपये मृतक की पत्नी को मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे। आरोपी को गाली-गलौज और धमकी देने की धाराओं में पर्याप्त सबूत न होने के कारण बरी कर दिया गया।
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घटना 19 मई 2020 की सुबह करीब छह बजे की है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सादाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव कजरौठी निवासी कीकड़ सिंह (80) अपने घर के बाहर लगे हैंडपंप से पानी भरने गए थे।
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इस दौरान गांव के ही गौरीशंकर के बेटे गोला उर्फ नेत्रपाल ने उनके पैर पर कुल्ला कर दिया। विरोध करने पर गोला ने उन्हें बेरहमी से पीटा। गंभीर रूप से घायल होने के कारण अस्पताल ले जाते समय कीकड़ की मृत्यु हो गई थी। कीकड़ सिंह के बेटे महेंद्र ने गोला के अलावा उसके भाई हरीओम और कलुआ के खिलाफ भी गैरइरादतन हत्या में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने केवल गोला उर्फ नेत्रपाल के खिलाफ ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी, जबकि दो अन्य को पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर क्लीन चिट दे दी गई थी। दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने और साक्ष्य के आधार पर शनिवार को कोर्ट ने आदेश सुनाया।
कोर्ट ने पाया कि दोषी का इरादा सीधे तौर पर हत्या करने का नहीं था, लेकिन वह यह अच्छी तरह जानता था कि एक 80 वर्षीय बुजुर्ग को इस तरह बेरहमी से पीटने से उनकी जान जा सकती है। गैर इरादतन हत्या में गोला उर्फ नेत्रपाल को सात वर्ष के कारावास और 50,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना न देने पर उसे दो महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
अदालत ने यह भी आदेश दिया कि कुल जुर्माने की राशि में से 30,000 रुपये मृतक की पत्नी को मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे। आरोपी को गाली-गलौज और धमकी देने की धाराओं में पर्याप्त सबूत न होने के कारण बरी कर दिया गया।