{"_id":"67ba307e79897bbe430e9757","slug":"eclipse-on-happiness-brother-could-not-celebrate-birthday-with-sisters-hathras-news-c-2-1-ali1027-612635-2025-02-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: खुशियों पर ग्रहण..बहनों संग जन्मदिन नहीं मना सका भाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: खुशियों पर ग्रहण..बहनों संग जन्मदिन नहीं मना सका भाई
Sun, 23 Feb 2025 01:45 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sun, 23 Feb 2025 01:45 AM IST
विज्ञापन
भाई का रविवार को जन्मदिन मनाया जाना था। घर में इसकी तैयारियां चल रही थीं। खुद दिल्ली में काम करने वाला भाई शुक्रवार शाम घर आया और शनिवार सुबह बहनों को लेने उनके छात्रावास पर पहुंच गया मगर रास्ते में हुई दुर्घटना ने खुशियों पर ग्रहण लगा दिया। इस सूचना पर परिवार में कोहराम मचा हुआ है। शाम को परिजन पोस्टमार्टम गृह पर पहुंच गए थे।
इगलास के गांव कजरौठ स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में नरगिस, शहनाज और उनकी तीसरी बहन यासमीन कक्षा सात में पढ़ती थी। पड़ोसी गांव की पीहू कक्षा छह व शिवांगी कक्षा सात में पढ़ती थी। नरगिस का भाई शहजाद दिल्ली में कार्य करता है। शहजाद का रविवार को जन्मदिन है। अपने जन्मदिन को मनाने के लिए दिल्ली से शुक्रवार की शाम को घर आया था। शनिवार की सुबह तीनों बहनों को लेने के लिए छात्रावास पहुंचा।
इधर, पीहू का भाई भी अपनी मोटरसाइकिल से अपनी दोनों बहनों को लेने के लिए शहजाद के साथ ही घर से निकला था। शहजाद की मोटर साइकिल पर नरगिस, शहनाज और पीहू बैठ गए। इधर, यासमीन अपने भाई की बाइक पर न बैठकर शिवांगी के साथ उसके भाई की बाइक पर बैठकर आगरा के लिए निकल लिए।
विज्ञापन
परिजनों ने बताया कि शहजाद अपना जन्मदिन मनाने को लेकर बेहद खुश था, इसलिए अपनी तीनों बहनों को कस्तूरबा गांधी स्कूल से लेने के लिए आया था। परिवार में जन्मदिन मनाने की तैयारियां चल रही थीं मगर इस दुर्घटना से खुशियों को ग्रहण लग गया। उन्होंने बताया कि शहजाद के पिता कार चालक हैं।
-- -
बिना हेलमेट के थे चार बाइक सवार, कहीं नहीं रोके गए
इस दुर्घटना के लिए इगलास से लेकर सादाबाद तक की पुलिस भी कम लापरवाह नहीं है। हालात ये हैं कि इगलास से शहजाद अपनी दो बहनों व तीसरी उनकी सहेली को बाइक पर बैठाकर फर्राटा भरता जा रहा था। न उसके सिर पर हेलमेट था, न किसी अन्य के। इगलास से चलकर वह बाईपास के रास्ते चंदपा होता हुआ सादाबाद तक पहुंच गया मगर किसी जगह उसे पुलिस ने नहीं रोका और टोका। कहने को इगलास से चलने पर उसे एक थाना चंदपा तो हाईवे पर ही मिला। इसके अलावा कई चौराहों पर भी पुलिस मिली होगी। अगर चार लोगों को बाइक पर देखकर कहीं रोक लिया गया होता तो शायद यह हादसा नहीं होता।
विज्ञापन
इगलास के गांव कजरौठ स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में नरगिस, शहनाज और उनकी तीसरी बहन यासमीन कक्षा सात में पढ़ती थी। पड़ोसी गांव की पीहू कक्षा छह व शिवांगी कक्षा सात में पढ़ती थी। नरगिस का भाई शहजाद दिल्ली में कार्य करता है। शहजाद का रविवार को जन्मदिन है। अपने जन्मदिन को मनाने के लिए दिल्ली से शुक्रवार की शाम को घर आया था। शनिवार की सुबह तीनों बहनों को लेने के लिए छात्रावास पहुंचा।
विज्ञापन
इधर, पीहू का भाई भी अपनी मोटरसाइकिल से अपनी दोनों बहनों को लेने के लिए शहजाद के साथ ही घर से निकला था। शहजाद की मोटर साइकिल पर नरगिस, शहनाज और पीहू बैठ गए। इधर, यासमीन अपने भाई की बाइक पर न बैठकर शिवांगी के साथ उसके भाई की बाइक पर बैठकर आगरा के लिए निकल लिए।
विज्ञापन
परिजनों ने बताया कि शहजाद अपना जन्मदिन मनाने को लेकर बेहद खुश था, इसलिए अपनी तीनों बहनों को कस्तूरबा गांधी स्कूल से लेने के लिए आया था। परिवार में जन्मदिन मनाने की तैयारियां चल रही थीं मगर इस दुर्घटना से खुशियों को ग्रहण लग गया। उन्होंने बताया कि शहजाद के पिता कार चालक हैं।
बिना हेलमेट के थे चार बाइक सवार, कहीं नहीं रोके गए
इस दुर्घटना के लिए इगलास से लेकर सादाबाद तक की पुलिस भी कम लापरवाह नहीं है। हालात ये हैं कि इगलास से शहजाद अपनी दो बहनों व तीसरी उनकी सहेली को बाइक पर बैठाकर फर्राटा भरता जा रहा था। न उसके सिर पर हेलमेट था, न किसी अन्य के। इगलास से चलकर वह बाईपास के रास्ते चंदपा होता हुआ सादाबाद तक पहुंच गया मगर किसी जगह उसे पुलिस ने नहीं रोका और टोका। कहने को इगलास से चलने पर उसे एक थाना चंदपा तो हाईवे पर ही मिला। इसके अलावा कई चौराहों पर भी पुलिस मिली होगी। अगर चार लोगों को बाइक पर देखकर कहीं रोक लिया गया होता तो शायद यह हादसा नहीं होता।