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Hathras News: करवन नदी की सफाई नहीं होने से पानी पहुंच रहा खेतों में

Thu, 18 Dec 2025 02:21 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 18 Dec 2025 02:21 AM IST
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Due to the lack of cleaning of the Karwan river, the water is reaching the fields.
करवन नदी की सफाई नहीं होने से बुधवार को गोंडा में गुस्साए लोगों ने पुल पर बैठकर रास्ता जाम कर दिया, जिसे अधिकारियों के आश्वासन पर खोला गया। खैर में नदी की सफाई नहीं होने आसपास के लोग बदबू से परेशान हैं। खेतों में पानी भर जाता है।
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गोंडा के गांव ढांटौली के किसानों ने करवन नदी की सफाई नहीं होने पर बुधवार को दोपहर गांव के बाहर नदी के पुल पर बैठकर कर रास्ते को अवरुद्ध कर दिया। बाद में किसानों की विभागीय एडीओ शशांक चाहर से फोन पर वार्ता हुई। एसडीओ ने किसानों को आश्वासन देते हुए कहा कि नदी में पानी रुकवा दिया है, जल्द ही सफाई के लिए विभाग स्तर से कार्य कराया जाएगा। जिसके बाद किसान रास्ते से हट गए।
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गोंडा के कई गांवों के लोग हो रहे परेशान
गांव के नीरज चौधरी, देवेंद्र चौधरी ,शंकर सिंह पप्पू सिंह, गजेंद्र सिंह, पुष्कर सिंह, संजीव सिंह, लाला, राकेश सिंह आदि ने बताया कि गांव से होकर गुजर रही करवन नदी की लंबे अरसे से सफाई नहीं कराई गई है। नदी में जलकुंभी है, पानी छोड़े जाने पर नदी उफनाकर खेतों की ओर बढ़ जाती है, जिससे फसलों में पानी भर जाता है।
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करवन दकी कमोबेश यही स्थिति गांव बरौला, नेहरा, अजाहरी गांवों में भी है। मंगलवार को भी नदी उफनाने से किसानों की फसलों में पानी पहुंच गया, जिससे किसानों में रोष पनप गया। दो दिसंबर को गांव अजहारी में रजबाह की पटरी कटने से 26 बीघा आलू की फसल को नुकसान हुआ, 28 नवंबर को अतुर्रा-कलुआ के बीच किनमासाा रजबाह की पटरी कटने से 50 बीघा गेहूं और आलू की फसल को नुकसान हुआ था।



खैर में करवन नदी की सफाई नहीं होने से बदबू

खैर। नगर के बीच गुजरने वाली करवन नदी की वर्षों से सफाई न होने के कारण लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बीते दो वर्षों से नहर विभाग द्वारा नदी की कोई नियमित सफाई नहीं कराई गई, जिससे नदी में गंदगी जमा हो गई है। नदी किनारे बसी कॉलोनियों के लोगों का कहना है कि दिनभर दुर्गंध से जीना दूभर हो गया है। रात में मच्छरों का प्रकोप इतना बढ़ जाता है कि नींद तक नहीं आती। इससे डेंगू, मलेरिया सहित अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है।





इनका कहना है

वाल्मीकि समाज का मोहल्ला नदी के पास स्थित है, इसकी सफाई नहीं होने से गंदगी व्याप्त है। संक्रामक रोग फैलते रहते हैं। डोरी लाल चंदेल



नदी की सफाई के लिए आई पोकलेन (जेसीबी) मशीन चार माह से कीचड़ में फंसी है, जिसे निकलवाने तक का प्रयास नहीं किया गया है। जितेंद्र सिंह सभासद






सिंचाई विभाग ने इस बार नहर, रजबाह, बंबों की 446 किलोमीटर सफाई कराई है। सिंचाई विभाग के पानी छोड़े जाने के दौरान कहीं-कहीं ओवरफ्लो होने के कारण समस्या पैदा हो जाती है। यदि कहीं सफाई नहीं हुई है तो किसान बताएं, वहां सफाई कराई जाएगी। राजेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग अलीगढ़





चार माह से नदी में फंसी खड़ी है जेसीबी मशीन

खैर में करीब चार माह पूर्व नदी की सफाई के लिए एक पोकलेन (जेसीबी) मशीन लाई गई थी, लेकिन जैसे ही मशीन ने नदी में प्रवेश किया, वह गंदगी और कीचड़ में धंस गई। इसके बाद मशीन को वहीं छोड़ दिया गया, जो पिछले चार महीनों से उसी स्थान पर खड़ी है। नदी में कस्बे से बाहर कुछ स्थानों पर एक-दो दिन सफाई का काम जरूर हुआ, लेकिन उसके बाद न तो मशीन की सुध ली गई और न ही सफाई कार्य आगे बढ़ सका।
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