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Hathras News: निर्माण कार्य में घटिया ईंटों के प्रयोग पर बिफरीं डीएम
Thu, 27 Jul 2023 12:26 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Thu, 27 Jul 2023 12:26 AM IST
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खेड़ा फिरोजपुर मैं हैंडपंप को देखतीं डीएम अर्चना वर्मा। संवाद
- फोटो : samvad
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जिलाधिकारी अर्चना वर्मा ने बुधवार को विकास खंड की ग्राम पंचायत खेड़ा फिरोजपुर का दौरा किया। डीएम ने यहां संचालित मिनी सचिवालय, सामुदायिक शौचालय, एकीकृत ठोस कचरा प्रबंधन केंद्र और निर्माणाधीन फिल्टर चेंबर का मुआयना किया। फिल्टर चेंबर की जांच में डीएम को निर्माण में प्रयोग की जा रही ईंटों की गुणवत्ता सही नहीं मिली। उन्होंने इस पर नाराजगी जताई और ईंटों की जांच कराने और अवशेष कार्य को गुणवत्ता के साथ पूरा कराने के निर्देश दिए।
डीएम ने सामुदायिक शौचालय के संचालन और देखरेख के लिए तैनात स्वयं सहायता समूह के नियमित भुगतान एवं शौचालय उपयोग करने वालों से संबंधित पंजिका के संबंध में जानकारी की। जिला पंचायतराज अधिकारी सुबोध जोशी ने बताया कि सामुदायिक शौचालय की देखरेख के लिए तैनात स्वयं सहायता समूह का नियमित रूप से भुगतान किया जाता है। सामुदायिक शौचालय सुबह पांच बजे से 10 बजे तक और शाम को सात बजे से रात आठ बजे तक खुला रहता है। पंजिका में दर्ज लोगों के घरों पर शौचालय बना है या नहीं, इस संबंध में जांच कराते हुए रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
सामुदायिक शौचालय के पास लगा हैंडपंप खराब पाए जाने पर डीएम ने उसकी मरम्मत कराने और सोख पिट बनवाने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने गांव का पैदल भ्रमण कर सफाई और पानी की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। नालियां संकरी और उनकी गहराई कम होने पर नाराजगी जताई और नालियों का निर्माण मानक के अनुरूप कराने के निर्देश दिए, जिससे गंदा पानी सड़कों पर न आए। स्वयं सहायता समूह से वार्ता कर उनके कार्याें के बारे में जानकारी ली।
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समूह की अध्यक्ष ने बताया कि मोमबत्ती एवं अचार बनाने का कार्य किया जाता है, परंतु नियमित रूप से नहीं किया जाता है। डीएम ने मुख्य विकास अधिकारी डीसी एनआरएलएम के माध्यम से स्वयं सहायता समूह द्वारा किए जा रहे कार्यों को नियमित रूप से संचालित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कचरा प्रबंधन केंद्र के ब्लूप्रिंट की जांच की और गांव से एकत्र कर लाए जाने वाले कूड़े-कचरा के प्रबंधन के लिए काम कर रहे महिलाओं के बारे में जानकारी ली। डीएम ने कार्य कर रहीं महिलाओं को स्वयं सहायता समूह में पंजीकृत कराने के निर्देश दिए। सीडीओ साहित्यप्रकाश मिश्र, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई, नायब तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी, अपर जिला पंचायतराज अधिकारी आदि थे।
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डीएम ने सामुदायिक शौचालय के संचालन और देखरेख के लिए तैनात स्वयं सहायता समूह के नियमित भुगतान एवं शौचालय उपयोग करने वालों से संबंधित पंजिका के संबंध में जानकारी की। जिला पंचायतराज अधिकारी सुबोध जोशी ने बताया कि सामुदायिक शौचालय की देखरेख के लिए तैनात स्वयं सहायता समूह का नियमित रूप से भुगतान किया जाता है। सामुदायिक शौचालय सुबह पांच बजे से 10 बजे तक और शाम को सात बजे से रात आठ बजे तक खुला रहता है। पंजिका में दर्ज लोगों के घरों पर शौचालय बना है या नहीं, इस संबंध में जांच कराते हुए रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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सामुदायिक शौचालय के पास लगा हैंडपंप खराब पाए जाने पर डीएम ने उसकी मरम्मत कराने और सोख पिट बनवाने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने गांव का पैदल भ्रमण कर सफाई और पानी की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। नालियां संकरी और उनकी गहराई कम होने पर नाराजगी जताई और नालियों का निर्माण मानक के अनुरूप कराने के निर्देश दिए, जिससे गंदा पानी सड़कों पर न आए। स्वयं सहायता समूह से वार्ता कर उनके कार्याें के बारे में जानकारी ली।
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समूह की अध्यक्ष ने बताया कि मोमबत्ती एवं अचार बनाने का कार्य किया जाता है, परंतु नियमित रूप से नहीं किया जाता है। डीएम ने मुख्य विकास अधिकारी डीसी एनआरएलएम के माध्यम से स्वयं सहायता समूह द्वारा किए जा रहे कार्यों को नियमित रूप से संचालित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कचरा प्रबंधन केंद्र के ब्लूप्रिंट की जांच की और गांव से एकत्र कर लाए जाने वाले कूड़े-कचरा के प्रबंधन के लिए काम कर रहे महिलाओं के बारे में जानकारी ली। डीएम ने कार्य कर रहीं महिलाओं को स्वयं सहायता समूह में पंजीकृत कराने के निर्देश दिए। सीडीओ साहित्यप्रकाश मिश्र, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई, नायब तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी, अपर जिला पंचायतराज अधिकारी आदि थे।