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हस्ताक्षर कराने के बाद काश्तकारों की बात सुने बिना उठकर चल दिए अधिकारी
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चकबंदी के लिए हस्ताक्षर करने पहुंचे किसान।
- फोटो : HASAYAN
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संवाद न्यूज एजेंसी
हसायन। कोतवाली क्षेत्र के गांव भरतपुर में गलत चकबंदी कराने की शिकायत पर एसडीएम व सीओ ने लोगों के हस्ताक्षर लिए। हस्ताक्षर लेने के बाद अधिकारी बिना किसी काश्तकार की बात सुने जाने लगे। जिसको लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ गई। लोगों ने जब अधिकारियों से हस्ताक्षर के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि पहले हस्ताक्षर करने वालों की जांच होगी उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। इस दौरान फर्जी हस्ताक्षर कराने की बात कहने पर एडीएम भड़क गए और एक बुजुर्ग को जेल भेजने की बात तक कहा डाली।
बता दें कि भरतपुर में ग्रामीणों ने चकबंदी विभाग के लेखपाल व अधिकारियों द्वारा गलत तरीके से चकबंदी करने की शिकायत की थी। जिस पर शनिवार की दोपहर को प्राथमिक विद्यालय में चकबंदी विभाग के सीईओ व एसडीएम सिकंदराराऊ विजय शर्मा की उपस्थिति में सभी ग्रामीण किसानों को एकत्रित कर लिया गया। बैठक के दौरान एसडीएम विजय शर्मा ने सभी किसानों को विद्यालय के दोनों तरफ के कमरों में एकत्रित कर हस्ताक्षर कराना शुरू कर दिया। उसके बाद मौके पर एडीएम जेपी सिंह भी पहुंच गए। एडीएम ने चकबंदी विभाग के अधिकारियों के अलावा एसडीएम विजय शर्मा से जानकारी प्राप्त करने के बाद गांव में चकबंदी चाहने वालों के द्वारा कराए गए हस्ताक्षर को देखकर बिना किसी किसान के काश्तकार से जानकारी किए बिना ही अपना निर्णय देते हुए बैठक समाप्त कर चले गए। एडीएम सिंह ने बताया कि गांव में चकबंदी ना चाहने वाले 85 काश्तकारों ने विरोध है जबकि 53 काश्तकारों ने रजामंदी जताई है। एडीएम के द्वारा दिए गए निर्णय को लेकर ग्रामीणों ने आक्रोश जताया। जब एक ग्रामीण ने एडीएम से कुछ लोगों के द्वारा फर्जी हस्ताक्षर कराए जाने की बात कही तो एडीएम ने उक्त बुजुर्ग किसान को जेल भेज दिए जाने की धमकी देकर भगा दिया।
बैठक में सामाजिक दूरी का हुआ उल्लंघन
चकबंदी की बैठक के दौरान सामाजिक दूरी का चमकर उल्लंघन हुआ। अधिकारियों के सामने ही चकबंदी विभाग के कर्मचारियों ने काश्तकारों को प्राथमिक विद्यालय के दोनों साइडों के कमरों में भूसो की तरह भर दिया। चकबंदी विभाग व तहसील स्तरीय अधिकारियों के अलावा किसानों के द्वारा भी सामाजिक दूरी नहीं बनाई जा रही थी। बैठक के दौरान बिजली नहीं होने से गर्मी से सभी बेहाल थे। इस पर एसडीएम विजय शर्मा के अर्दली ने प्राथमिक विद्यालय में विद्युत आपूर्ति नहीं आने की शिकायत बिजली विभाग के एसडीओ दिनेश शर्मा से की। जिस पर उन्होंने प्राथमिक विद्यालय में लगे हुए पंखों को देखने की बात को अपनी जिम्मेदारी ना होते हुए फोन कट कर दिया।
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एडीएम ने वीडियो बनाने के दौरान मीडिया कर्मियों को रोका
चकबंदी की बैठक के कवरेज के लिए गए मीडिया कर्मियों द्वारा बैठक की वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी करने पर एडीएम हटाते हुए दिखे। वे मीडिया कर्मियों को कवरेज करने से रोकने की कोशिश कर रहे थे। उनके इस व्यवहार से मीडियाकर्मियों व ग्रामीणों में काफी रोष दिखा।
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हसायन। कोतवाली क्षेत्र के गांव भरतपुर में गलत चकबंदी कराने की शिकायत पर एसडीएम व सीओ ने लोगों के हस्ताक्षर लिए। हस्ताक्षर लेने के बाद अधिकारी बिना किसी काश्तकार की बात सुने जाने लगे। जिसको लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ गई। लोगों ने जब अधिकारियों से हस्ताक्षर के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि पहले हस्ताक्षर करने वालों की जांच होगी उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। इस दौरान फर्जी हस्ताक्षर कराने की बात कहने पर एडीएम भड़क गए और एक बुजुर्ग को जेल भेजने की बात तक कहा डाली।
बता दें कि भरतपुर में ग्रामीणों ने चकबंदी विभाग के लेखपाल व अधिकारियों द्वारा गलत तरीके से चकबंदी करने की शिकायत की थी। जिस पर शनिवार की दोपहर को प्राथमिक विद्यालय में चकबंदी विभाग के सीईओ व एसडीएम सिकंदराराऊ विजय शर्मा की उपस्थिति में सभी ग्रामीण किसानों को एकत्रित कर लिया गया। बैठक के दौरान एसडीएम विजय शर्मा ने सभी किसानों को विद्यालय के दोनों तरफ के कमरों में एकत्रित कर हस्ताक्षर कराना शुरू कर दिया। उसके बाद मौके पर एडीएम जेपी सिंह भी पहुंच गए। एडीएम ने चकबंदी विभाग के अधिकारियों के अलावा एसडीएम विजय शर्मा से जानकारी प्राप्त करने के बाद गांव में चकबंदी चाहने वालों के द्वारा कराए गए हस्ताक्षर को देखकर बिना किसी किसान के काश्तकार से जानकारी किए बिना ही अपना निर्णय देते हुए बैठक समाप्त कर चले गए। एडीएम सिंह ने बताया कि गांव में चकबंदी ना चाहने वाले 85 काश्तकारों ने विरोध है जबकि 53 काश्तकारों ने रजामंदी जताई है। एडीएम के द्वारा दिए गए निर्णय को लेकर ग्रामीणों ने आक्रोश जताया। जब एक ग्रामीण ने एडीएम से कुछ लोगों के द्वारा फर्जी हस्ताक्षर कराए जाने की बात कही तो एडीएम ने उक्त बुजुर्ग किसान को जेल भेज दिए जाने की धमकी देकर भगा दिया।
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बैठक में सामाजिक दूरी का हुआ उल्लंघन
चकबंदी की बैठक के दौरान सामाजिक दूरी का चमकर उल्लंघन हुआ। अधिकारियों के सामने ही चकबंदी विभाग के कर्मचारियों ने काश्तकारों को प्राथमिक विद्यालय के दोनों साइडों के कमरों में भूसो की तरह भर दिया। चकबंदी विभाग व तहसील स्तरीय अधिकारियों के अलावा किसानों के द्वारा भी सामाजिक दूरी नहीं बनाई जा रही थी। बैठक के दौरान बिजली नहीं होने से गर्मी से सभी बेहाल थे। इस पर एसडीएम विजय शर्मा के अर्दली ने प्राथमिक विद्यालय में विद्युत आपूर्ति नहीं आने की शिकायत बिजली विभाग के एसडीओ दिनेश शर्मा से की। जिस पर उन्होंने प्राथमिक विद्यालय में लगे हुए पंखों को देखने की बात को अपनी जिम्मेदारी ना होते हुए फोन कट कर दिया।
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एडीएम ने वीडियो बनाने के दौरान मीडिया कर्मियों को रोका
चकबंदी की बैठक के कवरेज के लिए गए मीडिया कर्मियों द्वारा बैठक की वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी करने पर एडीएम हटाते हुए दिखे। वे मीडिया कर्मियों को कवरेज करने से रोकने की कोशिश कर रहे थे। उनके इस व्यवहार से मीडियाकर्मियों व ग्रामीणों में काफी रोष दिखा।

चकबंदी को लेकर हो रही बैठक में मौजूद अधिकारी। - फोटो : HASAYAN