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Hathras News: बुढ़ापे की बीमारी अब युवाओं को बना रही शिकार

Tue, 09 Jun 2026 01:34 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Tue, 09 Jun 2026 01:34 AM IST
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Diseases of old age are now claiming young people as victims.
बागला जिला अस्पताल की ओपीडी में घुटनों में दर्द की समस्या पर परामर्श लेते युवा। संवाद - फोटो : Samvad
जोड़ों और घुटनों के दर्द को अक्सर ढलती उम्र या बुढ़ापे की निशानी माना जाता रहा है, लेकिन अब यह धारणा तेजी से बदल रही है। कभी बुजुर्गों को अपनी चपेट में लेने वाली बीमारी ऑस्टियोआर्थराइटिस अब युवाओं को अपना शिकार बना रही है। जिला अस्पताल में हर दिन ऐसे दर्जनों युवा पहुंच रहे हैं, जो घुटनों में तेज दर्द, जकड़न और सूजन की गंभीर शिकायतों से जूझ रहे हैं।
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हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. गोपाल वर्मा ने बताया कि ऑस्टियोआर्थराइटिस मुख्य रूप से जोड़ों के बीच मौजूद कार्टिलेज के धीरे-धीरे घिसने या नष्ट होने के कारण होता है। चिकित्सकों के अनुसार अस्पताल की ओपीडी में आने वाले 25 से 40 वर्ष के युवाओं में यह समस्या तेजी से देखी जा रही है।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना चार से पांच युवा इस समस्या से संबंधित पहुंच रहे हैं। चिकित्सक के अनुसार ये मरीज शिकायत करते हैं कि सुबह उठते समय घुटनों में अत्यधिक जकड़न रहती है। सीढ़ियां चढ़ने-उतरने या जमीन पर बैठने में उन्हें तेज चुभन और दर्द का एहसास होता है। कई मामलों में जोड़ों के आसपास गंभीर सूजन भी देखने को मिल रही है, जिससे उनका दैनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है।
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बढ़ती बीमारी के ये हैं मुख्य कारण
खराब जीवनशैली : घंटों कंप्यूटर या मोबाइल के सामने एक ही पोजीशन में बैठे रहना, शारीरिक व्यायाम न करना और जंक फूड का अत्यधिक सेवन।
मोटापा : शरीर का वजन बढ़ने से घुटनों के जोड़ों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिससे कार्टिलेज समय से पहले घिसने लगती है।
पुरानी चोटें : खेलकूद, जिम या किसी हादसे के दौरान घुटने में लगी पुरानी चोट, जिसका समय पर सही इलाज न कराया गया हो, आगे चलकर ऑस्टियोआर्थराइटिस में बदल रही है।

बचाव के मुख्य उपाय
वजन पर नियंत्रण : अपने शरीर के वजन को नियंत्रित रखें, ताकि घुटनों पर अतिरिक्त भार न पड़े।
एक्टिव रूटीन : दिनचर्या में योग, वॉक या हल्के व्यायाम को जरूर शामिल करें।
आहार में सुधार : भोजन में कैल्शियम, विटामिन-डी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर चीजों (दूध, हरी सब्जियां, फल) की मात्रा बढ़ाएं।
शुरुआती जांच : दर्द या सूजन के शुरुआती लक्षण दिखते ही तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लें।
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