इलाज बीच में छोड़ने की समस्या का होगा समाधान
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हाथरस। पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार की रात आरएनटीसीपी आईएमए पीपीएम प्रोजेक्ट रिव्यू बैठक का आयोजन एक रेस्टोरेंट में किया गया।
मुख्य अतिथि डीएम शमीम अहमद खान एवं सीएमओ डॉ. रामवीर सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में डीटीओ डॉ. एएस वशिष्ठ ने बताया कि आरएनटीसीपी के माध्यम से टीबी के इलाज पर रखे जाने वाले प्रत्येक रोगी का नोटिफिकेशन हो रहा है और उनकी सुव्यवस्थित सुपरविजन एवं मॉनिटरिंग हो रही है। लेकिन निजी चिकित्सकों का इलाज प्राप्त करने वाले रोगियों का नोटिफिकेशन न होने की वजह से उनका सुपरवीजन एवं मॉनिटरिंग नहीं हो पाती। ऐसे रोगियों का नोटिफिकेशन होने से आरएनटीसीपी के सुपरवाईजर एवं कर्मचारी इन रोगियों का भी सुपरविजन एवं मॉनिटरिंग कर पाएंगे, जिससे रोगी के इलाज को बीच में छोडने की समस्या का समाधान किया जा सके। आईएमए अध्यक्ष डॉ. केके वार्ष्णेय एवं सचिव डॉ. राजेश गौतम ने इस कदम का स्वागत करते हुए पूरा आश्वासन दिया कि आईएमए इस कार्य को तुरंत प्रारंभ करेगा। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. संजय अग्रवाल ने सभी का आभार जताया। बैठक में डॉ. वीपी गुप्ता पूर्व सीएमओ, डॉ. आरपी सिंह, डॉ. हरीश चन्द्र वार्ष्णेय, सीएमएस बागला हॉस्पीटल डॉ. एमएल अग्रवाल, सीएमएस टीबी चिकित्सालय डॉ. एसके दीक्षित, अजीम कुरैशी, मनोज उपाध्याय, नीरज सक्सेना, विशाल पाठक, मो. अशफाक, भीष्म सिंह, अरूण शर्मा, सतीश सहगल, नेम सिंह, अवधेश सेंगर आदि उपस्थिति रहे।