{"_id":"6a949a0acffe5e782f054578","slug":"direct-appointment-found-to-be-irregular-upon-investigation-inquiry-report-submitted-hathras-news-c-56-1-hts1004-153492-2026-08-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: जांच में भी गलत मिली सीधी नियुक्ति, जांच रिपोर्ट सौंपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: जांच में भी गलत मिली सीधी नियुक्ति, जांच रिपोर्ट सौंपी
Mon, 31 Aug 2026 02:30 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Mon, 31 Aug 2026 02:30 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर पालिका परिषद हाथरस में कनिष्ठ लिपिक पद पर की गई सीधी नियुक्ति का मामला प्रशासनिक जांच में पूरी तरह नियमों के विपरीत पाया गया है। जांच समिति ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है, जिसे अब शासन को भेजा जा रहा है।
नगर पालिका परिषद हाथरस में अक्तूबर 2016 के सशर्त बोर्ड प्रस्ताव व हाईकोर्ट में दायर याचिका के क्रम में नगर पालिका अध्यक्ष ने पूर्व में कंप्यूटर ऑपरेटर व सफाई कर्मचारी रह चुके रवि सौखिया को 21 नवंबर 2025 को आदेश पारित करते हुए कनिष्ठ लिपिक पद पर नियुक्त कर लिया था। भर्ती बोर्ड होने के बावजूद सीधी भर्ती किए जाने का सफाई कर्मचारी एवं पालिका कर्मियों ने जमकर विरोध किया था और दो दिन तक हड़ताल भी रही थी।
इधर, साकेत कॉलोनी निवासी प्रशांत कौशिक ने इस मामले में नगर निकाय निदेशालय में शिकायत की थी। प्रशांंत कौशिक का आरोप था कि युवक का प्रार्थना पत्र तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष ने निरस्त कर दिया था। इसके खिलाफ की गई अपील कमिश्नर के यहां से खारिज हुई थी। इन तथ्यों को छिपाते हुए युवक हाईकोर्ट गया था। हाईकोर्ट ने भी नियमानुसार प्रार्थना पत्र निस्तारित करने के आदेश दिए थे, न कि नियुक्ति करने के। खुद को घिरता पाकर नगर पालिका अध्यक्ष ने 30 दिसंबर 2025 को एक और आदेश जारी करते हुए अपने ही नियुक्ति वाले आदेश को निरस्त कर दिया था।
विज्ञापन
जांच टीम ने सौंपी रिपोर्ट
शिकायत मिलने पर नगर निकाय निदेशालय के निर्देश पर डीएम ने वरिष्ठ कोषाधिकारी व प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय की दो सदस्यीय जांच कमेटी बनाई थी। 28 अगस्त को कमेटी ने जांच पूरी कर रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है।
जांच रिपोर्ट में हुआ अनियमितता का खुलासा
शासनादेश का उल्लंघन : नगर विकास विभाग के शासनादेश के अनुसार ग्रेड वेतन 1900 से 2400 के सीधी भर्ती के तृतीय व चतुर्थ श्रेणी पदों को उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परिधि में रखा गया है। निकायों में बिना शासन की अनुमति के सीधी भर्ती या नियमितीकरण पर पूर्ण प्रतिबंध है।
शासन से नहीं मिली थी अनुमति : वर्ष 2016 के बोर्ड प्रस्ताव संख्या-19 में स्पष्ट प्रतिबंध था कि शासन की अनुमति मिलने के बाद ही नियुक्ति पर विचार होगा, परंतु शासन से ऐसी कोई अनुमति प्राप्त नहीं हुई थी।
वर्तमान स्थिति : रिपोर्ट के अनुसार संबंधित कर्मी को जुलाई 2023 के बाद से किसी भी प्रकार के वेतन/मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है तथा वर्तमान में वह न तो आउटसोर्सिंग पर और न ही किसी अन्य रूप से पालिका में सेवायोजित है।
नियुक्ति के संबंध में की गई शिकायत के आधार पर जांच पूरी कर ली गई है, जिसकी रिपोर्ट सौंपी गई है। नियुक्ति पूर्व में निरस्त हो चुकी है। शासन के निर्देश के क्रम में आगे की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
-रोहित सिंह, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद हाथरस
विज्ञापन
नगर पालिका परिषद हाथरस में अक्तूबर 2016 के सशर्त बोर्ड प्रस्ताव व हाईकोर्ट में दायर याचिका के क्रम में नगर पालिका अध्यक्ष ने पूर्व में कंप्यूटर ऑपरेटर व सफाई कर्मचारी रह चुके रवि सौखिया को 21 नवंबर 2025 को आदेश पारित करते हुए कनिष्ठ लिपिक पद पर नियुक्त कर लिया था। भर्ती बोर्ड होने के बावजूद सीधी भर्ती किए जाने का सफाई कर्मचारी एवं पालिका कर्मियों ने जमकर विरोध किया था और दो दिन तक हड़ताल भी रही थी।
विज्ञापन
इधर, साकेत कॉलोनी निवासी प्रशांत कौशिक ने इस मामले में नगर निकाय निदेशालय में शिकायत की थी। प्रशांंत कौशिक का आरोप था कि युवक का प्रार्थना पत्र तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष ने निरस्त कर दिया था। इसके खिलाफ की गई अपील कमिश्नर के यहां से खारिज हुई थी। इन तथ्यों को छिपाते हुए युवक हाईकोर्ट गया था। हाईकोर्ट ने भी नियमानुसार प्रार्थना पत्र निस्तारित करने के आदेश दिए थे, न कि नियुक्ति करने के। खुद को घिरता पाकर नगर पालिका अध्यक्ष ने 30 दिसंबर 2025 को एक और आदेश जारी करते हुए अपने ही नियुक्ति वाले आदेश को निरस्त कर दिया था।
विज्ञापन
जांच टीम ने सौंपी रिपोर्ट
शिकायत मिलने पर नगर निकाय निदेशालय के निर्देश पर डीएम ने वरिष्ठ कोषाधिकारी व प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय की दो सदस्यीय जांच कमेटी बनाई थी। 28 अगस्त को कमेटी ने जांच पूरी कर रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है।
जांच रिपोर्ट में हुआ अनियमितता का खुलासा
शासनादेश का उल्लंघन : नगर विकास विभाग के शासनादेश के अनुसार ग्रेड वेतन 1900 से 2400 के सीधी भर्ती के तृतीय व चतुर्थ श्रेणी पदों को उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परिधि में रखा गया है। निकायों में बिना शासन की अनुमति के सीधी भर्ती या नियमितीकरण पर पूर्ण प्रतिबंध है।
शासन से नहीं मिली थी अनुमति : वर्ष 2016 के बोर्ड प्रस्ताव संख्या-19 में स्पष्ट प्रतिबंध था कि शासन की अनुमति मिलने के बाद ही नियुक्ति पर विचार होगा, परंतु शासन से ऐसी कोई अनुमति प्राप्त नहीं हुई थी।
वर्तमान स्थिति : रिपोर्ट के अनुसार संबंधित कर्मी को जुलाई 2023 के बाद से किसी भी प्रकार के वेतन/मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है तथा वर्तमान में वह न तो आउटसोर्सिंग पर और न ही किसी अन्य रूप से पालिका में सेवायोजित है।
नियुक्ति के संबंध में की गई शिकायत के आधार पर जांच पूरी कर ली गई है, जिसकी रिपोर्ट सौंपी गई है। नियुक्ति पूर्व में निरस्त हो चुकी है। शासन के निर्देश के क्रम में आगे की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
-रोहित सिंह, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद हाथरस