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एक भी रुपया मिला नहीं, कैसे हो विकास

Tue, 23 Aug 2022 12:43 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 23 Aug 2022 12:43 AM IST
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Didn't get a single rupee, how to develop
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
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तीन साल पहले शहरी क्षेत्र में शामिल 11 ग्राम पंचायतें आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। शहर की आबादी बढ़ गई और क्षेत्रफल भी लेकिन शासन ने इन क्षेत्रों के लिए बजट ही नहीं दिया। हालत यह है कि लोग अब यह कहने लगे हैं कि इससे तो वह पहले ही अच्छे थे।
शहरी क्षेत्र में शामिल होने से उनकी समस्याएं और बढ़ गई हैं। न ड्रेनेज सिस्टम सुधरा है और न ही सीवरेज सिस्टम। हैंडपंप भी खराब पड़े हैं। प्रकाश व्यवस्था पर भी किसी का ध्यान नहीं है। हाथरस शहर की सीमा तीन साल पहले बढ़ा दी गई थी। आसपास की 11 ग्राम पंचायतों को शामिल कर लिया गया।
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शहर का क्षेत्रफल कई गुना बढ़ गया। यहां की आबादी भी बढ़ गई लेकिन शासन बजट पहले से भी कम कर दिया। ऐसे में पालिका में शामिल किए गए नए इलाकों में मूलभूत सुविधाएं लोगों को नहीं मिल पा रही। इन इलाकों में जलभराव है।
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गंदगी के ढेर लगे हैं। सरकारी आंकड़ों के हिसाब से पहले नगर पालिका क्षेत्र की आबादी एक लाख 34 हजार थी। अब इन ग्राम पंचायतों के शामिल होने के बाद यह आबादी दो लाख दो हजार हो गई। पहले शहर का क्षेत्रफल आठ वर्ग किमी था। अब 40 वर्ग किमी हो गया है।
शासन यहां हर महीने 2.97 करोड़ रुपये नगर पालिका के लिए भेजता है। सीमा वृद्धि के बाद कोरोना काल में तो यह बजट और कम कर दिया था लेकिन अब यह बजट यथावत है। इसमें नगर पालिका के कर्मियों का वेतन और पेंशन भी शामिल है। बजट के अभाव में नए शामिल क्षेत्रों के लोगों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। वहां जलभराव, गंदगी व्याप्त है। पर्याप्त सफाई नहीं हो रही।
यह ग्राम पंचायतें हुई थीं शामिल
- मीतई, गिजरौली, तरफरा, हाथरस देहात, जोगिया, गिजरौली, कुंवरजी नगला, सोखना, तमना गढ़ी, दयानतपुर, हतीसा, नहरोई सहित कुछ ग्राम पंचायतों के आंशिक हिस्से भी इसमें शामिल हुए थे।
- हमारे गांव में नगर पालिका क्षेत्र में शामिल होने के बाद अभी तक कोई विकास कार्य नहीं हुआ है। इस कारण दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। पहले ग्राम प्रधान से कहकर काम करा लिया करते थे, अब पालिका प्रशासन ध्यान ही नहीं दे रहा है। - शिशुपाल सिंह, चिंतापुर
- पालिका ने गांव में लाइट लगवा दी हैं। इसके अलावा कोई विकास कार्य नहीं हुआ है। सीवरेज सिस्टम का अभी तक दूर-दूर तक कोई इंतजाम नहीं है। इस कारण मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। गांव में जलभराव रहता है। हैंडपंप भी खराब हैं। - गगन पंडित, मीतई
- पहले हमारा गांव ग्राम पंचायत में शामिल था तब तो गांव में विकास कार्य हो रहे थे। जबसे पालिका में शामिल हुआ है विकास का इंतजार ही बाकी है। मूलभूत सुविधाएं न होने के कारण काफी दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। जलभराव और गंदगी से परेशान हैं। - भीम सिंह, गिजरौली
- हमारा गांव पालिका में शामिल हुए करीब तीन साल बीत गए हैं। अभी तक यहां विकास का पहिया घूमा नहीं है। गंदगी से लेकर अन्य समस्याओं का अंबार है। पालिका प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। - कन्हैया, गिजरौली

- शासन से कई बार बजट की मांग की जा चुकी है लेकिन जिस हिसाब से क्षेत्रफल बढ़ा है। उस हिसाब से बजट नहीं मिला है। फिर भी नगर पालिका अपने पूरे संसाधनों से नए क्षेत्रों में काम करा रही है।
- आशीष शर्मा, नगर पालिकाध्यक्ष, हाथरस।
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