{"_id":"6511d4c72cccaeeaf901c5e4","slug":"despite-being-allotted-seats-532-students-did-not-take-admission-hathras-news-c-56-1-hts1001-5264-2023-09-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: सीट आवंटित होने के बावजूद 532 विद्यार्थियों ने नहीं लिया प्रवेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: सीट आवंटित होने के बावजूद 532 विद्यार्थियों ने नहीं लिया प्रवेश
Tue, 26 Sep 2023 12:13 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Tue, 26 Sep 2023 12:13 AM IST
विज्ञापन
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत तीसरी सूची जारी होने तक निजी विद्यालयों में सीट आवंटित होने के बावजूद 532 विद्यार्थियों ने प्रवेश नहीं लिया। 1896 सीटों के सापेक्ष 1314 विद्यार्थियों ने ही इस साल प्रवेश लिया है।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटों पर निशुल्क प्रवेश देने का प्राविधान है। योजना के तहत पढ़ने वाले विद्यार्थियों को किताबों और यूनिफॉर्म लिए भी सरकार आर्थिक सहायता देती है। इसके लिए हर साल आवेदन मांगे जाते हैं। अभिभावकों को आरटीई के तहत अपने बच्चे का प्रवेश दिलाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है।
इसकेे बाद ऑनलइन लॉटरी सिस्टम के आधार पर बच्चों को विद्यालय आवंटित किए जाते हैं। इस साल इस साल पहली सूची में 1112, दूसरी सूची में 597व तीसरी सूची में 187 विद्यार्थियों को विद्यालय आवंटित किया गया था। तीसरी सूची तक 1896 विद्यार्थियों को विद्यालय आवंटित किया गया था। इसके सापेक्ष 1214 विद्यार्थियों ने प्रवेश ले लिया।
विज्ञापन
532 विद्यार्थियों ने विद्यालय आवंटित होने के बावजूद प्रवेश नहीं लिया है। इस संबंध में बीएसए उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटों पर आर्थिक रूप से दुर्बल बच्चों को प्रवेश देने का प्राविधान है। ऑनलाइन लॉटरी सिस्टम के आधार पर विद्यालय आवंटित किए जाते हैं।
विज्ञापन
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटों पर निशुल्क प्रवेश देने का प्राविधान है। योजना के तहत पढ़ने वाले विद्यार्थियों को किताबों और यूनिफॉर्म लिए भी सरकार आर्थिक सहायता देती है। इसके लिए हर साल आवेदन मांगे जाते हैं। अभिभावकों को आरटीई के तहत अपने बच्चे का प्रवेश दिलाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है।
विज्ञापन
इसकेे बाद ऑनलइन लॉटरी सिस्टम के आधार पर बच्चों को विद्यालय आवंटित किए जाते हैं। इस साल इस साल पहली सूची में 1112, दूसरी सूची में 597व तीसरी सूची में 187 विद्यार्थियों को विद्यालय आवंटित किया गया था। तीसरी सूची तक 1896 विद्यार्थियों को विद्यालय आवंटित किया गया था। इसके सापेक्ष 1214 विद्यार्थियों ने प्रवेश ले लिया।
विज्ञापन
532 विद्यार्थियों ने विद्यालय आवंटित होने के बावजूद प्रवेश नहीं लिया है। इस संबंध में बीएसए उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटों पर आर्थिक रूप से दुर्बल बच्चों को प्रवेश देने का प्राविधान है। ऑनलाइन लॉटरी सिस्टम के आधार पर विद्यालय आवंटित किए जाते हैं।