Hathras News: गर्मी की मार से शरीर में हो रही पानी की कमी, चिकित्सक दे रहे यह सलाह
चिकित्सकों के अनुसार शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाना निर्जलीकरण कहलाता है। जब शरीर प्राप्त तरल पदार्थ से ज्यादा तरल पदार्थ खो देता है, तब शरीर को अपना सामान्य काम करने के लिए पर्याप्त पानी और दूसरे तरल पदार्थ नहीं मिलते हैं।
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धूप और गर्मी से लोग निर्जलीकरण (पानी की कमी) का शिकार हो रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब 100 ऐसे मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। चिकित्सक इनको दवा के साथ गर्मी और धूप से बचाव की सलाह दे रहे हैं।
बढ़ती गर्मी अपने साथ कई प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं लेकर आती है। पानी की कमी भी इनमें से एक है। चिकित्सकों के अनुसार शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाना निर्जलीकरण कहलाता है। जब शरीर प्राप्त तरल पदार्थ से ज्यादा तरल पदार्थ खो देता है, तब शरीर को अपना सामान्य काम करने के लिए पर्याप्त पानी और दूसरे तरल पदार्थ नहीं मिलते हैं।
खोए हुए तरल पदार्थों की भरपाई न करने से निर्जलीकरण होता है। हालांकि किसी भी उम्र के लोग निर्जलीकरण का शिकार हो सकते हैं। शिशुओं, बच्चों और वृद्धों के लिए यह स्थिति अधिक गंभीर होती है। छोटे बच्चों में निर्जलीकरण का सबसे आम कारण दस्त और उल्टी होता है। वयस्कों के शरीर में पानी की मात्रा कम होना इसका प्रमुख कारण बनता है।
गर्मी के मौसम में निर्जलीकरण की समस्या सामने आती है। इससे बचने के लिए लोगों को तेज धूप के संपर्क में आने से बचना चाहिए। पर्याप्त पानी पीना चाहिए। परेशानी होनेे पर योग्य चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।- डॉ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस, जिला अस्पताल हाथरस।
निर्जलीकरण के लक्षण
- चक्कर आना।
- त्वचा का रूखापन।
- सिरदर्द।
- शरीर में पानी की कमी महसूस होना।
बचाव के उपाय
- पर्याप्त पानी पीएं।
- तरल पदार्थों का सेवन करें।
- तेज धूप के संपर्क में आने से बचें।
- धूप में घर से बाहर निकलते समय कैप व चश्मे का इस्तेमाल करें।
- परेशानी होने पर योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।