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Hathras: बुद्ध सिंह की हत्या के आरोपी राजवीर की मौत, 30 साल बाद कंकाल मिलने के बाद दर्ज हुआ था मुकदमा
Fri, 04 Oct 2024 10:22 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Fri, 04 Oct 2024 10:22 PM IST
सार
पंजाबी सिंह ने 28 सितंबर को राजवीर के अलावा अपने बड़े भाई प्रदीप, मुकेश उर्फ खन्ना व मां उर्मिला देवी के खिलाफ पिता बुद्ध सिंह की हत्या कर शव को दफनाने का मुकदमा दर्ज कराया था। कंकाल और बुद्ध सिंह के परिजनों के डीएनए का नमूना जांच के लिए भेजा गया है। इसकी जांच रिपोर्ट मिलने का इंतजार है। इस बीच राजवीर की मौत हो गई।
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पुलिस ने राजवीर सिंह के शव को कब्जे में लिया
- फोटो : संवाद
विस्तार
मुरसान क्षेत्र के गांव गिलोंदपुर में बुद्ध सिंह की हत्या के आरोपी राजवीर सिंह (78) की 4 अक्टूबर की देर शाम मौत हो गई। राजवीर के खिलाफ एक हफ्ते पहले ही हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। एक हफ्ते के भीतर राजवीर की मौत से गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
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गौरतलब है कि गांव निवासी पंजाबी सिंह ने 28 सितंबर को राजवीर के अलावा अपने बड़े भाई प्रदीप, मुकेश उर्फ खन्ना व मां उर्मिला देवी के खिलाफ पिता बुद्ध सिंह की हत्या कर शव को दफनाने का मुकदमा दर्ज कराया था। 26 सितंबर को बुद्ध सिंह के सबसे छोटे बेटे पंजाबी सिंह की शिकायत पर पुलिस ने उनके घर के आंगन में खोदाई के दौरान कंकाल बरामद किया था। फिलहाल कंकाल और बुद्ध सिंह के परिजनों के डीएनए का नमूना जांच के लिए भेजा गया है। इसकी जांच रिपोर्ट मिलने का इंतजार है।
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इस बीच राजवीर की मौत हो गई। परिजनों ने बताया है कि राजवीर सिंह पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे। कुछ दिन पहले भी उनके शरीर में खून की कमी होने के कारण उनको वृंदावन के एक अस्पताल में खून चढ़ाया गया था। 4 अक्टूबर की शाम को उनका बेटा सुशील अपने को सोनई के एक निजी चिकित्सक से दवा दिलवाकर गांव आ रहा था। इस दौरान राजवीर सिंह की मौत हो गई। राजवीर सिंह गांव में रहकर अपने बेटे सतीश, सुशील, हरिओम के साथ किसानी का काम करते थे।
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