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बेटियां पेड़ की तरह होती हैं इनके बिना जीवन संभव नहीं
Sun, 12 May 2019 12:34 AM IST
Mohd Rafeek
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
Published by: Mohd Rafeek
Updated Sun, 12 May 2019 12:34 AM IST
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अपराजिता कार्यक्रम का उद्घाटन करते अतिथि
- फोटो : अमर उजाला
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सिकंदराराऊ। राजकमल पब्लिक स्कूल इकबालपुर में अमर उजाला अपराजिता के तहत संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें स्कूली बच्चों ने बेबाकी से अपनी राय रखे। इसमें छात्राओं ने स्वच्छता अभियान और बेटियों की वर्तमान दशा का वर्णन किया। कई बच्चियों ने तो कविता सुना कर अपनी मेधा का अहसास करा दिया।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुुुभारंभ विद्यालय एमडी नीलम सिंह राठौर एवं प्रधानाचार्य आरके सिंह ने मां शारदे के चित्र पर दीप प्रज्जवलित कर किया। दसवीं की छात्रा सौम्या दीक्षित ने ग्लोबल वार्मिंग पर कहा कि पेड़ भी बेटियों की तरह उपेक्षित हैं। जिस प्रकार लोग बेटियों की परवाह नहीं करते ठीक उसी प्रकार पेड़ों की चिंता नहीं करते। बेटियां है तो समाज है और पेड़ है तो पृथ्वी पर जीवन है।
गीता ने कहा कि बिजली आज हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग है। हमें बिजली का प्रयोग आवश्यकता के अनुरूप करना चाहिए। तनिका कुमारी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश में स्वच्छता अभियान चलाया। जिसके कारण आज हर जगह सफाई है। अनन्या गर्ग ने कहा कि हम अपने देश को भारत माता कहते हैं क्या माता का सम्मान करते हैं। हम महिला के इलाज के लिए महिला चिकित्सक क्यों तलाशते हैं बेटियां पढ़ेगी तो डाक्टर बनेंगी।
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इस लिए बेटियों की शिक्षा पर पूरा ध्यान होना चाहिए। तनिष्क ने कविता मां बन मोम सी पिघलती है वो, ईश्वर की अनुपम रचना है वो, उसको सब जानते हैं मां है वो। इस अवसर पर आरके सिंहने कहा कि बच्चियों की शिक्षा पर अब लोग ध्यान देने लगे हैं यह बेटियों के लिये शुुुुभ संकेत है। प्रमुख रूप से थे प्रभात मोहन भारद्वाज, सौरव माहेश्वरी, रविन्द्र सिंह, अनुमा माहेश्वरी, मोनिका वर्मा, इंद्रदेव पालीवाल, मोहिनी सक्सेना थीं।
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इससे पूर्व कार्यक्रम का शुुुभारंभ विद्यालय एमडी नीलम सिंह राठौर एवं प्रधानाचार्य आरके सिंह ने मां शारदे के चित्र पर दीप प्रज्जवलित कर किया। दसवीं की छात्रा सौम्या दीक्षित ने ग्लोबल वार्मिंग पर कहा कि पेड़ भी बेटियों की तरह उपेक्षित हैं। जिस प्रकार लोग बेटियों की परवाह नहीं करते ठीक उसी प्रकार पेड़ों की चिंता नहीं करते। बेटियां है तो समाज है और पेड़ है तो पृथ्वी पर जीवन है।
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गीता ने कहा कि बिजली आज हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग है। हमें बिजली का प्रयोग आवश्यकता के अनुरूप करना चाहिए। तनिका कुमारी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश में स्वच्छता अभियान चलाया। जिसके कारण आज हर जगह सफाई है। अनन्या गर्ग ने कहा कि हम अपने देश को भारत माता कहते हैं क्या माता का सम्मान करते हैं। हम महिला के इलाज के लिए महिला चिकित्सक क्यों तलाशते हैं बेटियां पढ़ेगी तो डाक्टर बनेंगी।
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इस लिए बेटियों की शिक्षा पर पूरा ध्यान होना चाहिए। तनिष्क ने कविता मां बन मोम सी पिघलती है वो, ईश्वर की अनुपम रचना है वो, उसको सब जानते हैं मां है वो। इस अवसर पर आरके सिंहने कहा कि बच्चियों की शिक्षा पर अब लोग ध्यान देने लगे हैं यह बेटियों के लिये शुुुुभ संकेत है। प्रमुख रूप से थे प्रभात मोहन भारद्वाज, सौरव माहेश्वरी, रविन्द्र सिंह, अनुमा माहेश्वरी, मोनिका वर्मा, इंद्रदेव पालीवाल, मोहिनी सक्सेना थीं।