फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Daughter's family wants accommodation outside UP

Hathras: सुप्रीम कोर्ट के राज्य सरकार को नोटिस से जगी उम्मीद, यूपी से बाहर आवास चाहता है बिटिया का परिवार

Sun, 27 Aug 2023 02:39 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Sun, 27 Aug 2023 02:39 AM IST
सार

चंदपा क्षेत्र के एक गांव में बिटिया के संग दरिंदगी हुई थी। बाद में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। यह मामला पूरे देश में सुर्खियों में रहा था। पीड़ित परिवार का कहना है कि उस वक्त प्रदेश सरकार ने लिखित में नौकरी व आवास देने का आश्वासन दिया था, लेकिन दोनों ही मांगें अब तक पूरी नहीं हुई हैं।

विज्ञापन
Daughter's family wants accommodation outside UP
हाथरस कांड - फोटो : amar ujala

विस्तार

हाथरस बिटिया प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट द्वारा राज्य सरकार को नोटिस जारी किए जाने के बाद पीड़ित परिवार को प्रदेश से बाहर आवास मिलने की उम्मीद जाग गई है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में पीड़ित परिवार को उत्तर प्रदेश से बाहर में बसाने की मांग की गई थी। परिवार का कहना है कि अगर उनकी दिल्ली में रहने की व्यवस्था की जाए तो अधिक बेहतर होगा, क्योंकि वह गांव और हाथरस शहर में खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। साथ ही, प्रदेश सरकार द्वारा आवास और नौकरी न दिए जाने का कारण भी जानना चाहते हैं।

विज्ञापन


चंदपा क्षेत्र के एक गांव में बिटिया के संग दरिंदगी हुई थी। बाद में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। यह मामला पूरे देश में सुर्खियों में रहा था। पीड़ित परिवार का कहना है कि उस वक्त प्रदेश सरकार ने लिखित में नौकरी व आवास देने का आश्वासन दिया था, लेकिन दोनों ही मांगें अब तक पूरी नहीं हुई हैं। उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने इस मामले में 2022 में आदेश भी जारी किया था।
विज्ञापन

 
परिवार ने बताया कि आरोपी पक्ष के गांव के अलावा हाथरस शहर में दुकान व मकान हैं। इसलिए गांव में खुद को बंधन में महसूस कर रहे हैं। यहां तक कि बच्चों की पढ़ाई भी नहीं हो पा रही है। इसलिए दिल्ली में रहना चाहते हैं। यदि दिल्ली में आवास नहीं मिलता है तो गाजियाबाद या नोएडा में आवास दिया जाए। हमारी पहली मांग दिल्ली में रहना है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


परिवार ने बताया कि मुआवजे के तौर पर मिली धनराशि से गुजर-बसर हो रहा है। तीन साल हो गए हैं, अब पैसा भी खत्म होने को है। मुकदमे के संबंध में कहीं जाना होता है तो गाड़ी करके जाना पड़ता है। अन्य खर्चे भी हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नोटिस जारी किए जाने से आवास मिलने की उम्मीद जगी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed