{"_id":"5ad4e2334f1c1b5d098b4d61","slug":"dangerous-color-mix-in-sonpapri-bundi-laddu","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोनपापड़ी, बूंदी के लड्डू में खतरनाक रंग की मिलावट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोनपापड़ी, बूंदी के लड्डू में खतरनाक रंग की मिलावट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
Updated Mon, 16 Apr 2018 11:19 PM IST
विज्ञापन
लड्डू
- फोटो : self
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खाने पीने की चीजों में सेहत के लिए खतरनाक कलर की मिलावट की जा रही है। सोमवार को लखनऊ से आई विभागीय लैब की रिपोर्ट में सोनपापड़ी और बूंदी के लड्डू के नमूने को असुरक्षित करार दिया गया है। इसके अलावा नमकीन के नमूने को मिसब्रांड घोषित किया गया है।
गौरतलब हो कि जिले में लगातार अभियान चलने के बाद भी मिलावटखोरी पर लगाम नहीं कस पा रही। मिलावटखोर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। डीओ देवाशीष उपाध्याय के निर्देशन में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हरींद्र सिंह और खाद्य सुरक्षा अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि 23 फरवरी को स्टेशन रोड मुरसान से टीटू शर्मा पुत्र कांतीप्रसाद शर्मा के यहां से सोनपापड़ी का नमूना लिया गया था।
इसे जांच के लिए भेजा गया था। जांच में इस नमूने में औरामाइन नाम का एक खतरनाक कलर पाया गया है, जो कि स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक है। लैब ने नमूने को असुरक्षित करार दिया है। इसी तरह मुरसान रोड सादाबाद से खेमचंद्र पुत्र निन्नू सिंह के यहां से बूंदी के लड्डू का नमूना भरकर लैब भेजा गया था। इस नमूने में कलर कंटेट निर्धारित मात्रा से काफी अधिक मिला है।
विज्ञापन
निर्धारित कलर का प्रयोग भी इसमें नहीं मिला है। इस वजह से इस नमूने जो भी खाने के लिए असुरक्षित करार दिया गया है। 23 फरवरी को ही सहपऊ से लड्डू गोपाल पुत्र जगदेव के यहां से गोल्डन ब्रांड नमकीन का नमूना भरा गया। इस नमूने को लैब ने मिसब्रांड करार दिया है। नमकीन के पैक के ऊपर पूरा नाम पता अंकित नहीं था। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि नमूने के फेल और मिस ब्रांड आने पर अब नियमानुसार विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
गौरतलब हो कि जिले में लगातार अभियान चलने के बाद भी मिलावटखोरी पर लगाम नहीं कस पा रही। मिलावटखोर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। डीओ देवाशीष उपाध्याय के निर्देशन में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हरींद्र सिंह और खाद्य सुरक्षा अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि 23 फरवरी को स्टेशन रोड मुरसान से टीटू शर्मा पुत्र कांतीप्रसाद शर्मा के यहां से सोनपापड़ी का नमूना लिया गया था।
विज्ञापन
इसे जांच के लिए भेजा गया था। जांच में इस नमूने में औरामाइन नाम का एक खतरनाक कलर पाया गया है, जो कि स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक है। लैब ने नमूने को असुरक्षित करार दिया है। इसी तरह मुरसान रोड सादाबाद से खेमचंद्र पुत्र निन्नू सिंह के यहां से बूंदी के लड्डू का नमूना भरकर लैब भेजा गया था। इस नमूने में कलर कंटेट निर्धारित मात्रा से काफी अधिक मिला है।
विज्ञापन
निर्धारित कलर का प्रयोग भी इसमें नहीं मिला है। इस वजह से इस नमूने जो भी खाने के लिए असुरक्षित करार दिया गया है। 23 फरवरी को ही सहपऊ से लड्डू गोपाल पुत्र जगदेव के यहां से गोल्डन ब्रांड नमकीन का नमूना भरा गया। इस नमूने को लैब ने मिसब्रांड करार दिया है। नमकीन के पैक के ऊपर पूरा नाम पता अंकित नहीं था। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि नमूने के फेल और मिस ब्रांड आने पर अब नियमानुसार विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।