Hathras: मौसमी बुखार और डेंगू का प्रकोप, मरीजों की जिला अस्पताल में उमड़ रही भीड़
जिले में बुखार का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा और मरीज लगातार सरकारी और प्राइवेट अस्पताल में आ रहे हैं। इधर, जिले में डेंगू, वायरल के बढ़ते प्रकोप को देख स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है।
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जिले में बुखार का प्रकोप जारी है। सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में बुखार के मरीजों की भरमार है। जिले में अब तक डेंगू के 22 मरीज मिल चुके हैं। वहीं जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना वायरल बुखार के 700 से 800 मरीज आ रहे हैं। मौसमी बुखार और डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है।
जिले में बुखार का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा और मरीज लगातार सरकारी और प्राइवेट अस्पताल में आ रहे हैं। इधर, जिले में डेंगू, वायरल के बढ़ते प्रकोप को देख स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। सोमवार को शहरी, ग्रामीण इलाकों में सर्विलांस टीम के सदस्यों ने न केवल लोगों को बचाव के उपाय बताए, बल्कि अभियान के दौरान जिन जगहों पर डेंगू का लार्वा मिला, उसे नष्ट भी कराया।
इधर, सीएमओ ने सरकारी अस्पतालों के साथ ही निजी अस्पतालों के चिकित्सकों को भी मरीजों को जागरूक करने के साथ ही बेहतर इलाज करने को कहा। वहीं, जिला अस्पताल में भी हर दिन की ओपीडी में 1800 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें 700 से 800 मरीज वायरल फीवर, सर्दी, जुकाम आदि के आ रहे हैं। जिन्हें उपचार दिया जा रहा है और बुखार के रोगियों की डेंगू व मलेरिया की जांच भी कराई जा रही है।
अधिकारियों की टीम कर रही निगरानी
सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह ने बताया कि एडिशनल सीएमओ से लेकर डिप्टी सीएमओ स्तर के अधिकारियों को निगरानी के लिए लगाया गया है। अस्पतालों में बने फीवर हेल्प डेस्क के माध्यम से भी जागरूक किया जा रहा है। वायरल फीवर, डेंगू के कारण, बचाव के उपाय भी बताए जा रहे हैं। जांच की सुविधाएं बढ़ाने के साथ ही अस्पतालों में अतिरिक्त बेड भी बढ़ाए गए हैं।
ऐसे करें बचाव
- तरल पदार्थों का सेवन करें, जिससे पानी की कमी न हो।
- मौसमी फल, सब्जियों का सेवन करना चाहिए।
- घर के आसपास नियमित साफ-सफाई की जरूरत है।
प्लेटलेटस कम होने को लेकर भयभीत नहीं होना चाहिए, क्योंकि प्लेटलेट्स कम होना, डेंगू नहीं होता है। वायरल फीवर में भी ऐसा देखने को मिल रहा है। साथ ही तीन दिन तक बुखार आने के बाद तुरंत अस्पताल जाकर जांच करानी चाहिए। झोलाछाप के इलाज से बचना चाहिए। बुखार आने पर प्रशिक्षित डॉक्टर या फिर सरकारी अस्पताल से ही दवा लेनी चाहिए। -डॉ. सूर्य प्रकाश, सीएमएस जिला अस्पताल
सर्दी के कारण सीने में दर्द हो रहा है। उसी की दवा लेने आया हूं। अस्पताल में काफी भीड़ है, लाइन में काफी देर से लगे हुए हैं। -कमरुद्दिमा, मरीज
कई दिनों से बुखार आ रहा है, उसी की दवा लेने आई हूं, यहां पर पहले पर्चा काउंटर की लाइन में काफी देर तक इंतजार करना पड़ा है। -सोनी, मरीज
हमारे गांव में वायरल फीवर का प्रकोप है। पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग द्वारा कैंप भी लगाया गया था, लेकिन उस दवा से कोई फायदा नहीं हुआ तो अब यहां से दवा लेने आए हैं। -जंगली राम, मरीज
जिला अस्पताल यह सोच कर आए थे कि यहां पर दवा जल्दी मिल जाएगी, लेकिन यहां तो इतनी भीड़ है कि लाइन में लगे हुए काफी देर हो गई, लेकिन अभी तक नंबर नहीं आया है। -राजवीर सिंह, मरीज