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घूस लेने का वीडियो वायरल, लेखपाल सस्पेंड
क्राइम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
Updated Wed, 25 Apr 2018 11:59 PM IST
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घूस लेते हुए लेखपाल गिरफ्तार
- फोटो : demo pic
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सदर तहसील के एक लेखपाल का पैसे लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से प्रशासन में खलबली मच गई। वीडियो में दावा किया गया है कि लेखपाल जमीन के एक मामले में दो हजार रुपये अवैध रूप से ले रहे हैं, लेकिन लेखपाल ने इन आरोपों को अपने खिलाफ गहरी साजिश करार दिया है।
उनका कहना है कि उधारी के पैसे लौटाते समय यह वीडियो चोरी-छिपे बनाई गई है और इसे गलत मानसिकता से रिश्वत का नाम दिया जा रहा है। इस मामले में संज्ञान लेते हुए एडीएम रेखा एस चौहान ने तुरंत एसडीएम सदर को कार्रवाई के निर्देश दिए। एसडीएम ने देर शाम लेखपाल भानुप्रकाश को निलंबित कर दिया और उन्हें अपने कार्यालय से अटैच कर दिया है। कार्रवाई से तहसील सदर में खलबली मच गई।
एसडीएम सदर अरुण कुमार सिंह ने बताया कि पैसे लेते हुए लेखपाल का वीडियो वायरल होने पर उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। इस मामले की जांच नायब तहसीलदार मनोज वार्ष्णेय को सौंपी गई है। उनसे जल्द से जल्द जांच रिपोर्ट देने को कहा गया है।
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इधर, आरोपी लेखपाल भानुप्रकाश का कहना है कि उन्होंने कुछ दिन पूर्व गांव बूलगढ़ी में खाद के गड्ढों पर अवैध कब्जा करने वाले प्रताप नाम के एक व्यक्ति के विरुद्ध पैमाइश के बावजूद कब्जा नहीं हटाने के मामले में रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। इस मामले में ग्रामीणों द्वारा सदर तहसील में आयोजित तहसील दिवस में मंडलायुक्त से शिकायत की गई थी। इसके बाद उपजिलाधिकारी और तहसीलदार ने राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण भी हटवाया था।
बीते दिनों वह अपनी सर्किल के गांव चंदपा गए थे। इस दौरान एक अन्य व्यक्ति ने कुछ अन्य लोगों के साथ बैठाकर उनसे कहा कि आप प्रताप के समझौता कर लो। मैंने उनसे साफ कह दिया कि समझौते के लिए मेरी किसी से कोई लड़ाई नहीं है। लेखपाल का कहना है कि इसके बाद कुछ लोगों ने प्रताप की फोटो स्टेट मशीन खराब होने की बात कहते हुए उनसे दो हजार रुपये उधार लिए थे। उन्होंने वह उधारी का पैसा ही उससे वापस लिया था। इस उधारी के पैसे को वापस देते समय ही न जाने किसने उनकी यह रिकॉडिंग बनाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की है।
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उनका कहना है कि उधारी के पैसे लौटाते समय यह वीडियो चोरी-छिपे बनाई गई है और इसे गलत मानसिकता से रिश्वत का नाम दिया जा रहा है। इस मामले में संज्ञान लेते हुए एडीएम रेखा एस चौहान ने तुरंत एसडीएम सदर को कार्रवाई के निर्देश दिए। एसडीएम ने देर शाम लेखपाल भानुप्रकाश को निलंबित कर दिया और उन्हें अपने कार्यालय से अटैच कर दिया है। कार्रवाई से तहसील सदर में खलबली मच गई।
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एसडीएम सदर अरुण कुमार सिंह ने बताया कि पैसे लेते हुए लेखपाल का वीडियो वायरल होने पर उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। इस मामले की जांच नायब तहसीलदार मनोज वार्ष्णेय को सौंपी गई है। उनसे जल्द से जल्द जांच रिपोर्ट देने को कहा गया है।
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इधर, आरोपी लेखपाल भानुप्रकाश का कहना है कि उन्होंने कुछ दिन पूर्व गांव बूलगढ़ी में खाद के गड्ढों पर अवैध कब्जा करने वाले प्रताप नाम के एक व्यक्ति के विरुद्ध पैमाइश के बावजूद कब्जा नहीं हटाने के मामले में रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। इस मामले में ग्रामीणों द्वारा सदर तहसील में आयोजित तहसील दिवस में मंडलायुक्त से शिकायत की गई थी। इसके बाद उपजिलाधिकारी और तहसीलदार ने राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण भी हटवाया था।
बीते दिनों वह अपनी सर्किल के गांव चंदपा गए थे। इस दौरान एक अन्य व्यक्ति ने कुछ अन्य लोगों के साथ बैठाकर उनसे कहा कि आप प्रताप के समझौता कर लो। मैंने उनसे साफ कह दिया कि समझौते के लिए मेरी किसी से कोई लड़ाई नहीं है। लेखपाल का कहना है कि इसके बाद कुछ लोगों ने प्रताप की फोटो स्टेट मशीन खराब होने की बात कहते हुए उनसे दो हजार रुपये उधार लिए थे। उन्होंने वह उधारी का पैसा ही उससे वापस लिया था। इस उधारी के पैसे को वापस देते समय ही न जाने किसने उनकी यह रिकॉडिंग बनाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की है।