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लुटे थैले में ढाई लाख नहीं, 89 हजार रुपये थे
अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस।
Updated Thu, 13 Jul 2017 11:47 PM IST
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लूट
- फोटो : amar Ujala
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सराफ सोनू उर्फ पंकज वर्मा के साथ बुधवार देर रात हुई लूट की वारदात के मामले में कोतवाली हाथरस गेट पुलिस ने गुरुवार को मुकदमा दर्ज कर लिया। सोनू ने लूट होने पर ढाई लाख रुपये नकद और सात से आठ लाख रुपये कीमत के जेवरात लुटने की बात कही थी लेकिन गुरुवार को दी तहरीर में उसने लूटे गए थैले में 89 हजार रुपये नकद, तीन किलो चांदी और चार तोले सोने के जेवरातों के अलावा दुकान की चाबी और बहीखाते होने की बात कही है।
लूट की वारदात के बाद पुलिस ने कई घंटे तक सोनू से थाने में पूछताछ की थी। लाखों की रकम और जेवरात लूटे जाने से पुलिस के होश फाख्ता थे हालांकि गुरुवार को सोनू की तहरीर में बताई गई रकम और जेवरात काफी कम थे, जिससे कोतवाली हाथरस गेट पुलिस ने कुछ राहत की सांस ली। कोतवाल जेएस पवार का कहना है कि सोनू खंदारी गढ़ी में सराफ की दुकान करते हैं। उनकी बिक्री बहुत ज्यादा नहीं है। निम्न और मध्यम वर्ग के लोग वहां खरीददारी को पहुंचते हैं।
ऐसे में थैले में ढाई से तीन लाख रुपये होने की बात समझ में नहीं आ रही थी। ढाई से तीन लाख रुपये का कैश होने का मतलब दिनभर की दुकानदारी लाखों में होनी चाहिए जबकि ऐसा नहीं है। जब सोनू से लूटी गई रकम के बारे में विस्तार से पूछा गया तब उसने हिसाब लगाकर बताया कि थैले में 89 हजार रुपये और कुछ जेवरात थे।
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लूट की वारदात के बाद पुलिस ने कई घंटे तक सोनू से थाने में पूछताछ की थी। लाखों की रकम और जेवरात लूटे जाने से पुलिस के होश फाख्ता थे हालांकि गुरुवार को सोनू की तहरीर में बताई गई रकम और जेवरात काफी कम थे, जिससे कोतवाली हाथरस गेट पुलिस ने कुछ राहत की सांस ली। कोतवाल जेएस पवार का कहना है कि सोनू खंदारी गढ़ी में सराफ की दुकान करते हैं। उनकी बिक्री बहुत ज्यादा नहीं है। निम्न और मध्यम वर्ग के लोग वहां खरीददारी को पहुंचते हैं।
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ऐसे में थैले में ढाई से तीन लाख रुपये होने की बात समझ में नहीं आ रही थी। ढाई से तीन लाख रुपये का कैश होने का मतलब दिनभर की दुकानदारी लाखों में होनी चाहिए जबकि ऐसा नहीं है। जब सोनू से लूटी गई रकम के बारे में विस्तार से पूछा गया तब उसने हिसाब लगाकर बताया कि थैले में 89 हजार रुपये और कुछ जेवरात थे।
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