{"_id":"594c06a54f1c1bac2d8b474e","slug":"report-on-fraud-at-bank-manager","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंक प्रबंधक पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बैंक प्रबंधक पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो/ हाथरस।
Updated Thu, 22 Jun 2017 11:40 PM IST
विज्ञापन
fraud
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कस्बा निवासी शाहिद खं ने कोर्ट के आदेश पर बैंक ऑफ बड़ौदा के स्थानीय शाखा प्रबंधक के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है।
रिपोर्ट में आरोप है कि वह अपने आवास पर जेके स्क्रैप ट्रेडर्स फर्म संचालित करता है। इसमें पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त का कार्य होता है। उसकी पंजीकृत फर्म का बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में खाता है। उसने 8 दिसंबर 2016 को लोन लेने लिए आवेदन किया था। प्रबंधक ने लोन आवेदन पत्र पर मेरे व गारंटर के हस्ताक्षर कराकर प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत ऋण स्वीकृत करने का आश्वासन दिया। शाखा प्रबंधक ने कागजी कार्रवाई के नाम पर 20 हजार रुपये मांग की।
उसने अगले दिन प्रबंधक को 20 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद प्रबंधक ने उसकी फर्म के नाम से नया खाता खुलवाकर 4.95 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कर उसका स्टेटमेंट भी दे दिया। आरोप है कि प्रबंधक ने 30 हजार रुपये और मांगे। रुपये न देने की बात पर उन्होंने बहाना बनाकर स्टेटमेंट वापस ले लिया। 23 फरवरी 2017 को फिर से रुपये मांगने पर मना किया तो प्रबंधक ने गाली गलौज कर उन्हें बैंक से बाहर निकाल दिया।
विज्ञापन
रिपोर्ट में आरोप है कि वह अपने आवास पर जेके स्क्रैप ट्रेडर्स फर्म संचालित करता है। इसमें पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त का कार्य होता है। उसकी पंजीकृत फर्म का बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में खाता है। उसने 8 दिसंबर 2016 को लोन लेने लिए आवेदन किया था। प्रबंधक ने लोन आवेदन पत्र पर मेरे व गारंटर के हस्ताक्षर कराकर प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत ऋण स्वीकृत करने का आश्वासन दिया। शाखा प्रबंधक ने कागजी कार्रवाई के नाम पर 20 हजार रुपये मांग की।
उसने अगले दिन प्रबंधक को 20 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद प्रबंधक ने उसकी फर्म के नाम से नया खाता खुलवाकर 4.95 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कर उसका स्टेटमेंट भी दे दिया। आरोप है कि प्रबंधक ने 30 हजार रुपये और मांगे। रुपये न देने की बात पर उन्होंने बहाना बनाकर स्टेटमेंट वापस ले लिया। 23 फरवरी 2017 को फिर से रुपये मांगने पर मना किया तो प्रबंधक ने गाली गलौज कर उन्हें बैंक से बाहर निकाल दिया।
विज्ञापन