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तीन कॉल सेंटरों पर छापे, 12 आरोपी पकड़े
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 03 May 2016 12:26 AM IST
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कॉल सेंटर पर छापे के दौरान बरामद सामान।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
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हाथरस। लोगों के साथ ठगी कर रहे कॉल सेंटरों के विरुद्ध अभियान की शुरुआत सोमवार से हुई। सदर कोतवाली पुलिस और एसओजी ने शाम को तीन कॉल सेंटरों पर एक साथ छापा मारा। यहां से बड़ी संख्या में लोगों को भेजने के लिए तैयार पार्सल मिले हैं। इन पार्सलों में आठ हजार रुपये के सामान की जगह केवल 400 रुपये की कीमत का नकली सामान पाया गया है। मौके से पुलिस ने 12 युवकों को हिरासत में लिया है। देर रात आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की तैयारी चल रही थी। एसपी डॉ. अजयपाल शर्मा मंगलवार को इस पूरे मामले का खुलासा करेंगे।
आरोपियों में से एक कॉल सेंटर संचालक है, जो दूसरे जिले में तैनात हेड कांस्टेबल का बेटा है। बाकी आरोपी कॉल सेंटर के कर्मचारी हैं। इनकी उम्र 20 से 25 साल के बीच है। इनमें से कई संभ्रांत परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। यही कर्मचारी चार से पांच हजार रुपये महीने पर फर्जी तरीके से जुटाए गए डाटा के आधार पर लोगों को फर्जी आईडी पर लिए गए सिम से कॉल कर फंसाते हैं। दूरदराज के जिलों और राज्यों के लोगों को फोन पर 15 हजार रुपये कीमत के जूते, चश्मा, पर्स, घड़ी, फोन, ट्रैक सूट आदि महज आठ हजार रुपये में देने का लालच दिया जाता है। कहा जाता है कि लकी ड्रॉ के तहत उनका नाम चुना गया है और एक ऑफर के तहत उन्हें यह सामान दिया जा रहा है। झांसे में फंसे लोगों को पार्सल भेजा जाता है। वह रकम अदा कर पार्सल ले लेता है। इसके बाद पार्सल खोलने पर उसे सच्चाई का पता चलता है। यहां एएसपी रही आईपीएस अधिकारी सुजाता सिंह ने कॉल सेंटर संचालकों के विरुद्ध अभियान चलाया था। इसके बाद यह दूसरा मौका है जब एसपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने इनके विरुद्ध अभियान छेड़ा है।
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आरोपियों में से एक कॉल सेंटर संचालक है, जो दूसरे जिले में तैनात हेड कांस्टेबल का बेटा है। बाकी आरोपी कॉल सेंटर के कर्मचारी हैं। इनकी उम्र 20 से 25 साल के बीच है। इनमें से कई संभ्रांत परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। यही कर्मचारी चार से पांच हजार रुपये महीने पर फर्जी तरीके से जुटाए गए डाटा के आधार पर लोगों को फर्जी आईडी पर लिए गए सिम से कॉल कर फंसाते हैं। दूरदराज के जिलों और राज्यों के लोगों को फोन पर 15 हजार रुपये कीमत के जूते, चश्मा, पर्स, घड़ी, फोन, ट्रैक सूट आदि महज आठ हजार रुपये में देने का लालच दिया जाता है। कहा जाता है कि लकी ड्रॉ के तहत उनका नाम चुना गया है और एक ऑफर के तहत उन्हें यह सामान दिया जा रहा है। झांसे में फंसे लोगों को पार्सल भेजा जाता है। वह रकम अदा कर पार्सल ले लेता है। इसके बाद पार्सल खोलने पर उसे सच्चाई का पता चलता है। यहां एएसपी रही आईपीएस अधिकारी सुजाता सिंह ने कॉल सेंटर संचालकों के विरुद्ध अभियान चलाया था। इसके बाद यह दूसरा मौका है जब एसपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने इनके विरुद्ध अभियान छेड़ा है।
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