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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Municipal police officers will file a case

पालिका अफसरों पर केस दर्ज कराएगी पुलिस

Mon, 18 Jul 2016 11:41 PM IST
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 18 Jul 2016 11:41 PM IST
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हाथरस। नगर पालिका हाथरस के अधिशासी अधिकारी बालकृष्ण कुम्हेरिया और सेनेटरी इंस्पेक्टरों के विरुद्ध पुलिस मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर सकती है। बारिश के कारण पुलिस अधिकारियों के कार्यालयों में जलभराव की समस्या को देखते हुए सदर कोतवाल ने एसडीएम को सीआरपीसी की धारा 133 के तहत रिपोर्ट दी है।
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इसमें साफ तौर पर कहा गया है कि नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही के कारण पुलिस कार्यालयों में जलभराव है और इससे निजात दिलाने के लिए पालिका प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाए हैं। एसडीएम इस रिपोर्ट के बाद ईओ और सेनेटरी इंस्पेक्टराें को नोटिस दिया जाएगा। अगर एसडीएम उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुए तो मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। 
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बारिश के बाद यूं तो पूरे शहर में ही जलभराव की स्थिति है। ज्यादा बारिश और नालों की सफाई नहीं होने के कारण लोगों को इस बार ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी कार्यालय भी इससे अछूते नहीं। पुराने एसपी ऑफिस में बने सीओ सासनी कार्यालय, क्राइम ब्रंाच, डीसीआरबी आदि कार्यालयों में बारिश के बाद भारी जलभराव है। सदर कोतवाली में तो जरा सी बारिश में घुटनों तक पानी भर जाता है। पुराने एसपी ऑफिस में जलभराव से बागला जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को संक्रमण का खतरा रहता है। कोतवाली में बारिश के बाद जमा पानी बाहर नहीं निकल पाता और पुलिस कर्मियों के आवासों के अंदर चला जाता है।
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जलभराव के कारण कोतवाली में पुलिस दैनिक कार्य नहीं कर पा रही। फरियादियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर में बारिश के कारण जलभराव से लोग परेशान हैं और सड़काें पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। आए-दिन जाम और प्रदर्शन की स्थिति से कानून-व्यवस्था चरमराने का खतरा पैदा हो गया है। सदर कोतवाल मनोज शर्मा का कहना है कि जलभराव के बाद कई बार ईओ का फोन किया गया, लेकिन नगर पालिका ने पानी की निकासी के लिए कोई प्रयास नहीं किया। हर रोज हालात बदतर होते रहे हैं। पुलिस का काम प्रभावित हो रहा है। इस संबंध में ईओ से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन बंद होने के कारण उनसे संपर्क नहीं हो सका। 


जब भी पुलिस अधिकारियों ने फोन कर जलभराव के बारे में बताया है, तभी समस्या का निस्तारण कराया गया है। लापरवाही की कोई बात नहीं है। इस बारे में ईओ और सेनेटरी इंस्पेक्टर से बात की जाएगी। पुलिस कार्यालयों में भरे पानी को निकलवाने की कोशिश की जाएगी। 
वासुदेव माहौर, चेयरमैन प्रतिनिधि
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