{"_id":"58bda1214f1c1be417dc3ddb","slug":"life-imprisonment-for-killing-wife-to-husband","type":"story","status":"publish","title_hn":"पत्नी की हत्या में पति को आजीवन कारावास","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पत्नी की हत्या में पति को आजीवन कारावास
अमर उजाला, हाथरस
Updated Mon, 06 Mar 2017 11:31 PM IST
विज्ञापन
कोर्ट
- फोटो : Pintrest
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयपाल सिंह की अदालत ने गमछा से पत्नी का गला दबाकर हत्या करने के आरोपी पति को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने अभियुक्त को उम्रकैद की सजा एवं 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को एक वर्ष की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक मुकदमा इसराइल पुत्र रफीक निवासी कैलाश नगर थाना हाथरस गेट ने 21 नवंबर 2014 को समय 5.30 बजे दिन कोतवाली सदर में तहरीर दी। इसमें आरोप लगाया कि उसने अपनी बहन रजिया की शादी नौ वर्ष पहले की थी। उसका बहनोई इस्राइल पुत्र इस्लाम 21 नवंबर 2014 की सुबह नौ बजे उसके घर आया ओर वादी के भांजे को छोड़ गया। जब शाम को करीब पांच बजे वह अपने बहनोई के घर पहुंचा तो उसकी बहन कमरे में जमीन पर मृत हालत में पड़ी थी।
उसने आरोप लगाया कि उसकी बहन की हत्या उसके बहनोई इस्राइल ने गला दबाकर की है। न्यायालय ने दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं को सुना, जिसमें आरोपी की ओर से विद्वान अधिवक्ता ने कहा कि उसके बाद उसके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। उनकी देखरेख करने वाला कोई नहीं हैं, जिससे उसे कम से कम सजा दी जाए, जबकि अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी क्राइम वतन सिंह ने इस मामले को जघन्य अपराध बताते हुए अधिक से अधिक सजा दिए जाने की मांग की। न्यायालय ने दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं को सुनने के बाद दोेषी पति को सजा सुनाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के मुताबिक मुकदमा इसराइल पुत्र रफीक निवासी कैलाश नगर थाना हाथरस गेट ने 21 नवंबर 2014 को समय 5.30 बजे दिन कोतवाली सदर में तहरीर दी। इसमें आरोप लगाया कि उसने अपनी बहन रजिया की शादी नौ वर्ष पहले की थी। उसका बहनोई इस्राइल पुत्र इस्लाम 21 नवंबर 2014 की सुबह नौ बजे उसके घर आया ओर वादी के भांजे को छोड़ गया। जब शाम को करीब पांच बजे वह अपने बहनोई के घर पहुंचा तो उसकी बहन कमरे में जमीन पर मृत हालत में पड़ी थी।
विज्ञापन
उसने आरोप लगाया कि उसकी बहन की हत्या उसके बहनोई इस्राइल ने गला दबाकर की है। न्यायालय ने दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं को सुना, जिसमें आरोपी की ओर से विद्वान अधिवक्ता ने कहा कि उसके बाद उसके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। उनकी देखरेख करने वाला कोई नहीं हैं, जिससे उसे कम से कम सजा दी जाए, जबकि अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी क्राइम वतन सिंह ने इस मामले को जघन्य अपराध बताते हुए अधिक से अधिक सजा दिए जाने की मांग की। न्यायालय ने दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं को सुनने के बाद दोेषी पति को सजा सुनाई है।
विज्ञापन