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हाथरस में मंदिर के भीतर हिस्ट्रीशीटर की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।
Updated Sun, 30 Jul 2017 11:27 PM IST
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हत्या
- फोटो : Amar Ujala
मीतई में नेशनल हाईवे से करीब 200 मीटर अंदर बने एक मंदिर पर हिस्ट्रीशीटर बदमाश वीरेंद्र शर्मा की हत्या कर दी गई। रविवार सुबह उसका शव मिला। सिर पर गहरी चोटों को देखते हुए ऐसा लग रहा है जैसे उसके सिर को हमलावरों ने पत्थर से कुचला है। मारे गए हिस्ट्रीशीटर पर पुलिस से मुठभेड़, डकैती और अपहरण जैसे मामलों में 12 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
55 वर्षीय वीरेंद्र शर्मा अविवाहित था। वह हर रोज अपने खेत पर बने मंदिर पर ही सोया करता था। शनिवार रात को भी वह मंदिर पर सोने गया था। सुबह जब परिजन खेत पर पहुंचे तो उन्हें वीरेंद्र का रक्तरंजित शव मंदिर पर पड़ा मिला। सूचना पर थाना पुलिस पहुंची। इसके बाद सीओ सादाबाद योगेश कुमार, एएसपी अरविंद कुमार मौके पर पहुंचे। सदर कोतवाल सूर्यकांत द्विवेदी को भी मौके पर जांच-पड़ताल के लिए भेजा गया।
परिजनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने डॉग स्क्वॉएड को बुलाया गया। खोजी कुत्ता सूंघते हुए घटनास्थल से काफी दूर वीरेंद्र के घर पहुंच गया। इससे पुलिस के शक की सुई इस तरफ भी घूम रही है। एसओ चंदपा रमाकांत पचौरी ने बताया कि अब तक की पूछताछ में सामने आया है कि वीरेंद्र के हिस्से नौ बीघा जमीन बंटवारे में आई थी। इसमें से छह बीघा जमीन वह बेच चुका था, बाकी तीन बीघा जमीन बेचने की तैयारी थी।
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परिजनों ने इसे लेकर नाराजगी जताई थी। इस विवाद के कारण ही वीरेंद्र अपने बचे हुए खेत पर बने मंदिर पर सोया करता था। पुलिस ने वीरेंद्र के भाई अजय कुमार की शिकायत पर अज्ञात हमलावरों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के सिर में तीन चोटें बताई गई हैं।
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55 वर्षीय वीरेंद्र शर्मा अविवाहित था। वह हर रोज अपने खेत पर बने मंदिर पर ही सोया करता था। शनिवार रात को भी वह मंदिर पर सोने गया था। सुबह जब परिजन खेत पर पहुंचे तो उन्हें वीरेंद्र का रक्तरंजित शव मंदिर पर पड़ा मिला। सूचना पर थाना पुलिस पहुंची। इसके बाद सीओ सादाबाद योगेश कुमार, एएसपी अरविंद कुमार मौके पर पहुंचे। सदर कोतवाल सूर्यकांत द्विवेदी को भी मौके पर जांच-पड़ताल के लिए भेजा गया।
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परिजनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने डॉग स्क्वॉएड को बुलाया गया। खोजी कुत्ता सूंघते हुए घटनास्थल से काफी दूर वीरेंद्र के घर पहुंच गया। इससे पुलिस के शक की सुई इस तरफ भी घूम रही है। एसओ चंदपा रमाकांत पचौरी ने बताया कि अब तक की पूछताछ में सामने आया है कि वीरेंद्र के हिस्से नौ बीघा जमीन बंटवारे में आई थी। इसमें से छह बीघा जमीन वह बेच चुका था, बाकी तीन बीघा जमीन बेचने की तैयारी थी।
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परिजनों ने इसे लेकर नाराजगी जताई थी। इस विवाद के कारण ही वीरेंद्र अपने बचे हुए खेत पर बने मंदिर पर सोया करता था। पुलिस ने वीरेंद्र के भाई अजय कुमार की शिकायत पर अज्ञात हमलावरों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के सिर में तीन चोटें बताई गई हैं।