{"_id":"571123b84f1c1b27134a6ada","slug":"female-cop-suspended-for-alleged-bribery","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिश्वत लेने के आरोप में महिला सिपाही सस्पेंड","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
रिश्वत लेने के आरोप में महिला सिपाही सस्पेंड
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 15 Apr 2016 11:26 PM IST
विज्ञापन
हाथरस। हसायन क्षेत्र में दुष्कर्म की शिकार आठ साल की मासूम बच्ची के परिजनाें से मेडिकल कराने के एवज में 500 रुपये लेनेे की आरोपी महिला कांस्टेबल ममता रानी को शुक्रवार को एसपी ने निलंबित कर दिया। ममता रानी के पैसे लेने की तस्वीरें मीडिया के कैमरों में कैद हो गई थीं। शुक्रवार को सुबह कई चैनलों पर जब इस खबर ने सुर्खियां बटोरीं तो एसपी ने आरक्षी के निलंबन में देर नहीं लगाई।
पीड़िता के परिजनों ने पुलिस पर दुष्कर्म के मामले को छेड़छाड़ में दर्ज करने और थाने में शिकायत दर्ज करने के एवज में रुपये लिए जाने की शिकायत भी की है। परिजनों ने कहा है कि उन पर थाना पुलिस ने 25 हजार रुपये में समझौता करने का दबाव भी बनाया। जब महिला आरक्षी लड़की को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए महिला अस्पताल लेकर पहुंची तो वहां भी उसने 700 रुपये ले लिए। एसपी डॉ. अजय पाल शर्मा ने कहा कि आरक्षी ने अपने पदीय कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करते हुए घोर लापरवाही और शिथिलता बरती है। उनके ऊपर लगे आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। उन्हें यूपी के अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारियों की दंड एवं अपील नियमावली-1991 के नियम 17 (1)(क) के प्रावधानों के अंतर्गत निलंबित किया गया है और उनके विरुद्ध विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच सीओ सिकंदराराऊ को दी गई है। निलंबन अवधि में आरक्षी ममता रानी को आधा वेतन जीवन निर्वाह के लिए दिया जाएगा। निलंबन की अवधि में वह पुलिस लाइन हाथरस से संबंध रहेंगी और आला अधिकारियों की बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ेंगी।
विज्ञापन
पीड़िता के परिजनों ने पुलिस पर दुष्कर्म के मामले को छेड़छाड़ में दर्ज करने और थाने में शिकायत दर्ज करने के एवज में रुपये लिए जाने की शिकायत भी की है। परिजनों ने कहा है कि उन पर थाना पुलिस ने 25 हजार रुपये में समझौता करने का दबाव भी बनाया। जब महिला आरक्षी लड़की को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए महिला अस्पताल लेकर पहुंची तो वहां भी उसने 700 रुपये ले लिए। एसपी डॉ. अजय पाल शर्मा ने कहा कि आरक्षी ने अपने पदीय कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करते हुए घोर लापरवाही और शिथिलता बरती है। उनके ऊपर लगे आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। उन्हें यूपी के अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारियों की दंड एवं अपील नियमावली-1991 के नियम 17 (1)(क) के प्रावधानों के अंतर्गत निलंबित किया गया है और उनके विरुद्ध विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच सीओ सिकंदराराऊ को दी गई है। निलंबन अवधि में आरक्षी ममता रानी को आधा वेतन जीवन निर्वाह के लिए दिया जाएगा। निलंबन की अवधि में वह पुलिस लाइन हाथरस से संबंध रहेंगी और आला अधिकारियों की बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ेंगी।
विज्ञापन