किसानों पर रिपोर्ट के विरोध में थाना घेरा, हंगामा
सूचना पर एसडीएम सिकंदराराऊ ज्योत्सना बंधु, एसडीएम सासनी अंजुम बी और सीओ सिकंदराराऊ आशीष प्रताप सिंह भी मौके पर पहुंच गए। सीओ से किसानों की नोक-झोंक भी हुई। बाद में अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों से बातचीत कर मामले का नियमानुसार समाधान कराने का आश्वासन दिया। तब किसान शांत हुए।
क्षेत्र के गांव शीतलवाड़ा, धुबई और नगला डांडा के किसान बड़ी संख्या में ब्लॉक प्रमुख पति सुमंत किशोर सिंह के नेतृत्व में विकास खंड कार्यालय परिसर में सुबह से ही एकजुट होने लगे। इसके बाद यह किसान प्रमुख पति के साथ वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कोतवाली हसायन में पहुंच गए। किसानों और ब्लॉक प्रमुख पति ने एसओ प्रवीण कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपकर किसानों के खिलाफ वन विभाग द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट को फर्जी बताया और उसे निरस्त किए जाने की मांग की।
एसओ ने जब ऐसा करने में असमर्थता जताई तो किसान वहीं धरने पर बैठ गए। एसओ ने घटना की जानकारी एसडीएम सिकंदराराऊ ज्योत्सना बंधु को दे दी। एसडीएम ने भी वन विभाग के रेंजर गौतम सिंह को कोतवाली भेजे जाने की बात कहकर मामलें को शांत करने का प्रयास किया। सुबह नौ बजे से लेकर दोपहर साढे़ तीन बजे तक किसान ब्लॉक प्रमुख पति सुमंत किशोर सिंह और सपा जिला महासचिव तेजवीर सिंह सिसौदिया के साथ कोतवाली में बैठकर किसी अधिकारी के आने का इंतजार करते रहे।
इस बीच क्षेत्रीय विधायक वीरेंद्र सिंह राना भी किसानों के बीच पहुंच गए। उन्होंने पुलिस से इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। जैसे ही विधायक वहां से चलने लगे तो किसान उनके आगे खड़े हो गए और रास्ता रोककर शोर-शराबा शुरू कर दिया। हालांकि किसी तरह विधायक वहां से निकल गए। विधायक के जाने के बाद भी किसान शाम तक वहां जमे रहे।
इसके बाद सिकंदराराऊ व सासनी की एसडीएम और सीओ सिकंदराराऊ कोतवाली हसायन पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों के अलावा ब्लाक प्रमुख पति सुमंत किशोर सिंह सपा जिला महासचिव से बातचीत करते हुए निर्णय दिया कि वन बिभाग के अधिकारियों से बातचीत करके सभी किसानों के हित में फैसला कराने का प्रयास किया जाएगा।
ब्लॉक प्रमुख पति सुमंत किशोर सिंह ने कहा कि जब तक वन विभाग द्वारा किसानों के खिलाफ लिखवाए गए फर्जी मुकदमे को प्रशासन खारिज नहीं कराएगा, तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। जिस जमीन को वन बिभाग अपनी बता रहा है, वह 16 पंचायतों की जमीन किसानों की है। किसानों की एक इंच जमीन भी वन बिभाग को नहीं दी जाएगी।
सीओ के कड़क लहजे पर हंगामा
हसायन। जिस समय किसानों और अधिकारियों के बीच वार्ता चल रही थी, उसी समय सीओ आशीष प्रताप सिंह ने कड़क लहजे में एक किसान को समझाने का प्रयास किया। सीओ के यह तेवर देखकर किसानों ने वहां शोर-शराबा शुरू कर दिया। जनप्रतिनिधियों ने भी इस हरकत का विरोध किया।