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एआरटीओ कर्मी से मिलकर लाखों का गबन
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 29 Apr 2016 10:23 PM IST
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हाथरस। चंदपा के एक व्यक्ति को फाइनेंस कंपनी से कार खरीदने के लिए लोन लेना महंगा पड़ गया। लोन की रकम जमा तो हुई तो, लेकिन फाइनेंस कर्मी के खाते में नहीं पहुंची। कंपनी के कर्मचारियों ने एआरटीओ कार्यालय के एक कर्मचारी की मदद से पीड़ित को लाखों रुपये का चूना लगा दिया। चंदपा पुलिस ने कर्मचारी समेत तीन लोगों के विरुद्ध धारा 420, 467,468,471 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
मामला डेढ़ साल पहले का है। चंदपा निवासी श्रीकृष्ण भारद्वाज पुत्र श्रीहरि शंकर का कहना है कि उन्होंने एक फाइनेंस कंपनी से करीब पांच लाख रुपये लोन लेकर बोलेरो गाड़ी खरीदी थी। इस कंपनी के कर्मचारी को उन्होंने किश्त के रूप में 1.71 लाख रुपये दिए। इसमें 1.11 लाख रुपये जमा कर लिए गए और 60 हजार का गबन कर लिया गया। इस पर विरोध जताने पर एक एआरटीओ कर्मचारी ने उन्हें अपने घर बुलाया और दोनों फाइनेंस कर्मियों के साथ बैठाकर समझौता कराया। इसके तहत बाकी 3.54 लाख रुपये में से केवल तीन लाख रुपये लेकर लोन खत्म करने की बात तय हुई। श्रीकृष्ण भारद्वाज का कहना है कि उन्होंने आरोपियों को 2.30 लाख रुपये नकद और 70 हजार रुपये चेक के जरिए दिए। इसे भी आरोपी हजम कर गए। लोन को चुकता समझकर पीड़ित निश्चिंत हो गया। बाद में फाइनेंस कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने उन्हें लोन चुकाने के लिए फोन किया। तब उन्हें इस फर्जीवाड़े का पता चला। पुलिस ने आरोपियें के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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मामला डेढ़ साल पहले का है। चंदपा निवासी श्रीकृष्ण भारद्वाज पुत्र श्रीहरि शंकर का कहना है कि उन्होंने एक फाइनेंस कंपनी से करीब पांच लाख रुपये लोन लेकर बोलेरो गाड़ी खरीदी थी। इस कंपनी के कर्मचारी को उन्होंने किश्त के रूप में 1.71 लाख रुपये दिए। इसमें 1.11 लाख रुपये जमा कर लिए गए और 60 हजार का गबन कर लिया गया। इस पर विरोध जताने पर एक एआरटीओ कर्मचारी ने उन्हें अपने घर बुलाया और दोनों फाइनेंस कर्मियों के साथ बैठाकर समझौता कराया। इसके तहत बाकी 3.54 लाख रुपये में से केवल तीन लाख रुपये लेकर लोन खत्म करने की बात तय हुई। श्रीकृष्ण भारद्वाज का कहना है कि उन्होंने आरोपियों को 2.30 लाख रुपये नकद और 70 हजार रुपये चेक के जरिए दिए। इसे भी आरोपी हजम कर गए। लोन को चुकता समझकर पीड़ित निश्चिंत हो गया। बाद में फाइनेंस कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने उन्हें लोन चुकाने के लिए फोन किया। तब उन्हें इस फर्जीवाड़े का पता चला। पुलिस ने आरोपियें के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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