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दहेज उत्पीड़न, हत्या में पति, सास को आठ साल की कैद
क्राइम न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस।
Updated Wed, 16 May 2018 12:11 AM IST
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court
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम सुरेंद्र मोहन सहाय ने दहेज उत्पीड़न और हत्या करने के आरोप में दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। दोनों को आठ-आठ साल के कठोर कारावास एवं चार-चार हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में अभियुक्तों को दो-दो माह का अतिरिक्त कारावास भी भोगना होगा।
कोतवाली हसायन में मृतका के पिता छोटे सिंह निवासी सलावत नगर थाना सिकंदरपुर वैश्य जिला कासगंज ने तहरीर सौंपी थी, जिसमें आरोप था कि उन्होंने अपनी पुत्री रिंकी (21) की शादी करीब पांच माह पूर्व मोनू निवासी ग्राम सिंधौली थाना हसायन के साथ की थी। शादी के समय उन्होंने अपनी हैसियत के हिसाब से दान-दहेज दिया था, लेकिन रिंकी का पति मोनू और उसकी मां मिथलेश इससे संतुष्ट नहीं थे।
इनके द्वारा दहेज में मोटर साइकिल, सोने की जंजीर और एक लाख रुपये की और मांग की जा रही थी। उन्होंने अतिरिक्त मांग को पूरा करने से इंकार कर दिया तो इन लोगों ने रिंकी के साथ मारपीट की। पुत्री ने मारपीट किए जाने की उनको फोन पर जानकारी दी। इसके बाद सात मई 2015 को सुबह आठ बजे के लगभग रिंकी पर तेल डालकर आग दी। इस दौरान उनका बड़ा दामाद सोनू और बेटी खुशबू रिंकी को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ ले गए। उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
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न्यायालय में आरोपियों ने आरोपों से इंकार किया और सत्र परीक्षण कराए जाने की मांग की। वादी की ओर से एडीजीसी एसएस चौहान ने न्यायालय के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिसके बाद न्यायालय ने अभियुक्त मोनू और मिथलेश को धारा 304 बी के तहत आठ-आठ वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया। धारा 498ए के तहत तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास एवं दो-दो हजार रुपये का अर्थदंड दिया। धारा 4 के तहत दो वर्ष की कैद एवं दो-दो हजार रुपये का अर्थदंड दिया। अर्थदंड का आधा पैसा प्रतिकर के रूप में वादी को दिए जाने के आदेश दिए। अर्थदंड अदा नहीं देने पर दोनों को दो-दो माह का अतिरिक्त कारावास भोगने के आदेश भी दिए।
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कोतवाली हसायन में मृतका के पिता छोटे सिंह निवासी सलावत नगर थाना सिकंदरपुर वैश्य जिला कासगंज ने तहरीर सौंपी थी, जिसमें आरोप था कि उन्होंने अपनी पुत्री रिंकी (21) की शादी करीब पांच माह पूर्व मोनू निवासी ग्राम सिंधौली थाना हसायन के साथ की थी। शादी के समय उन्होंने अपनी हैसियत के हिसाब से दान-दहेज दिया था, लेकिन रिंकी का पति मोनू और उसकी मां मिथलेश इससे संतुष्ट नहीं थे।
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इनके द्वारा दहेज में मोटर साइकिल, सोने की जंजीर और एक लाख रुपये की और मांग की जा रही थी। उन्होंने अतिरिक्त मांग को पूरा करने से इंकार कर दिया तो इन लोगों ने रिंकी के साथ मारपीट की। पुत्री ने मारपीट किए जाने की उनको फोन पर जानकारी दी। इसके बाद सात मई 2015 को सुबह आठ बजे के लगभग रिंकी पर तेल डालकर आग दी। इस दौरान उनका बड़ा दामाद सोनू और बेटी खुशबू रिंकी को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ ले गए। उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
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न्यायालय में आरोपियों ने आरोपों से इंकार किया और सत्र परीक्षण कराए जाने की मांग की। वादी की ओर से एडीजीसी एसएस चौहान ने न्यायालय के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिसके बाद न्यायालय ने अभियुक्त मोनू और मिथलेश को धारा 304 बी के तहत आठ-आठ वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया। धारा 498ए के तहत तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास एवं दो-दो हजार रुपये का अर्थदंड दिया। धारा 4 के तहत दो वर्ष की कैद एवं दो-दो हजार रुपये का अर्थदंड दिया। अर्थदंड का आधा पैसा प्रतिकर के रूप में वादी को दिए जाने के आदेश दिए। अर्थदंड अदा नहीं देने पर दोनों को दो-दो माह का अतिरिक्त कारावास भोगने के आदेश भी दिए।