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कॉल सेंटराें को झटका: रीबॉक, एडिडास ने बताए नकली जूते
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 13 May 2016 11:29 PM IST
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हाथरस। कॉल सेंटराें को बड़ा झटका लगा है। नामचीन ब्रांड रीबॉक को ओवरटेक करने वाली कंपनी एडिडास ने यह साफ कर दिया है कि जिले में चल रहे कॉल सेंटरों को वह अपने किसी उत्पाद की सप्लाई नहीं दे रही। इतना ही नहीं कंपनी के लीगल एडवाइजर ने यहां आकर कोतवाली पुलिस के साथ हाल ही में पकड़े गए रीबॉक कंपनी के नकली जूते, बेल्ट का परीक्षण भी किया। उन्होंने जांच में पाया कि कॉल सेंटर कंपनी के नाम का गलत इस्तेमाल कर नकली सामान बेचकर ठगी कर रहे हैं। कंपनी के अधिकारी ने पुलिस को नकली सामान की पहचान के लिए एक किताब भी सौंपी है।
दो मई को कोतवाली पुलिस ने तीन कॉल सेंटराें पर छापा मारकर चार संचालकों को दबोचा था। छापेमारी में पुलिस को लाखों रुपये की कीमत के जूते, बेल्ट, घड़ी, पर्स मिले थे, जिन पर इंटरनेशनल ब्रांड रीबॉक का नाम लिखा हुआ था। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों पर कॉपीराइट एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज किया था। ब्रांड की हकीकत जानने के लिए पुलिस ने विवेचना के दौरान कंपनी के अधिकारियों से संपर्क किया। रीबॉक को ओवरटेक करने वाली कंपनी एडिडास के लीगल एडवाइजर अभिषेक सिंह अपनी टीम के साथ यहां पहुंचे और देर तक छापेमारी में मिले पार्सल खोलकर जूते, बेल्ट, पर्स आदि सामान की जांच की। अभिषेक सिंह ने जांच में सारे सामान को नकली पाया। उन्होंने कोतवाली पुलिस को एक किताब-हाऊ टू आइडेंटिफाइ एडिडास भी सौंपी, जिसमें एडिडास और रीबॉक कंपनी के जूते, कपड़े, बेल्ट, पर्स आदि सामान की पहचान की जानकारी बारीकी से दी गई है। उदाहरण के तौर पर रीबॉक की टी-शर्ट में आस्तीन पर बनने वाली धारियों की लंबाई, संख्या और रंग आदि पहले से ही तय होता है। इसकी जानकारी होने पर आसानी से रीबॉक के कपड़ों की असलियत पता की जा सकती है।
लोकल टीवी चैनलों पर जमकर प्रचार
कॉल सेंटरों के फर्जीवाड़े की विवेचना में जुटी क्राइम ब्रांच को एक नई जानकारी मिली है। अभी तक कॉल सेंटरों में फोन नंबरों के आधार पर ही ग्राहक को फंसाने के तरीके के बारे में पुलिस को पता था, लेकिन पकड़े गए चार कॉल सेंटर संचालकों की ठगी के शिकार एक व्यक्ति ने बताया कि उसे वहां चलने वाले लोकल टीवी चैनल पर प्रसारित विज्ञापन के जरिए लुभावना ऑफर दिया गया। पुलिस के मुताबिक लाखों की कमाई करने वाले कॉल सेंटर संचालक अब दूसरे शहरों और राज्यों में वहां के लोकल टीवी चैनल पर विज्ञापन दे रहे हैं। जो लोग इन विज्ञापनों के झांसे में आ जाते हैं, उन्हें कॉल सेंटर अपना शिकार बना लेते हैं।
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रीबॉक को एडिडास ने ओवरटेक कर लिया है। एडिडास के लीगल एडवाइजर आए थे। उन्होंने यहां जांच के बार रीबॉक के ब्रांड वाले सामान को नकली पाया है। कॉल सेंटर बड़े ब्रांड के नाम पर नकली सामान बेचकर लोगों के साथ ठगी कर रहे हैं। जल्द ही कुछ और कॉल सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
--मनोज शर्मा, सदर कोतवाल---
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दो मई को कोतवाली पुलिस ने तीन कॉल सेंटराें पर छापा मारकर चार संचालकों को दबोचा था। छापेमारी में पुलिस को लाखों रुपये की कीमत के जूते, बेल्ट, घड़ी, पर्स मिले थे, जिन पर इंटरनेशनल ब्रांड रीबॉक का नाम लिखा हुआ था। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों पर कॉपीराइट एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज किया था। ब्रांड की हकीकत जानने के लिए पुलिस ने विवेचना के दौरान कंपनी के अधिकारियों से संपर्क किया। रीबॉक को ओवरटेक करने वाली कंपनी एडिडास के लीगल एडवाइजर अभिषेक सिंह अपनी टीम के साथ यहां पहुंचे और देर तक छापेमारी में मिले पार्सल खोलकर जूते, बेल्ट, पर्स आदि सामान की जांच की। अभिषेक सिंह ने जांच में सारे सामान को नकली पाया। उन्होंने कोतवाली पुलिस को एक किताब-हाऊ टू आइडेंटिफाइ एडिडास भी सौंपी, जिसमें एडिडास और रीबॉक कंपनी के जूते, कपड़े, बेल्ट, पर्स आदि सामान की पहचान की जानकारी बारीकी से दी गई है। उदाहरण के तौर पर रीबॉक की टी-शर्ट में आस्तीन पर बनने वाली धारियों की लंबाई, संख्या और रंग आदि पहले से ही तय होता है। इसकी जानकारी होने पर आसानी से रीबॉक के कपड़ों की असलियत पता की जा सकती है।
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कॉल सेंटरों के फर्जीवाड़े की विवेचना में जुटी क्राइम ब्रांच को एक नई जानकारी मिली है। अभी तक कॉल सेंटरों में फोन नंबरों के आधार पर ही ग्राहक को फंसाने के तरीके के बारे में पुलिस को पता था, लेकिन पकड़े गए चार कॉल सेंटर संचालकों की ठगी के शिकार एक व्यक्ति ने बताया कि उसे वहां चलने वाले लोकल टीवी चैनल पर प्रसारित विज्ञापन के जरिए लुभावना ऑफर दिया गया। पुलिस के मुताबिक लाखों की कमाई करने वाले कॉल सेंटर संचालक अब दूसरे शहरों और राज्यों में वहां के लोकल टीवी चैनल पर विज्ञापन दे रहे हैं। जो लोग इन विज्ञापनों के झांसे में आ जाते हैं, उन्हें कॉल सेंटर अपना शिकार बना लेते हैं।
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रीबॉक को एडिडास ने ओवरटेक कर लिया है। एडिडास के लीगल एडवाइजर आए थे। उन्होंने यहां जांच के बार रीबॉक के ब्रांड वाले सामान को नकली पाया है। कॉल सेंटर बड़े ब्रांड के नाम पर नकली सामान बेचकर लोगों के साथ ठगी कर रहे हैं। जल्द ही कुछ और कॉल सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
--मनोज शर्मा, सदर कोतवाल---